सूदखोरी के मामलों में गोल्डमैन के नाम से मशहूर रोहित तोमर गिरफ्तार, व्यापारी को 5 लाख रुपये का लोन देकर 30 लाख रुपये वसूलने का आरोप
Rohit Tomar famous as Goldman arrested in usury cases accused of giving a loan of Rs 5 lakh to a businessman and collecting Rs 30 lakh from him
रायपुर : छत्तीसगढ़ करणी सेना के अध्यक्ष के भाई सूदखोरी के कुख्यात मामलों में ‘गोल्डमैन’ के नाम से मशहूर रोहित तोमर को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोप है कि रोहित और उसके मैनेजर योगेश सिन्हा ने एक व्यापारी को 5 लाख रुपये का लोन देकर 30 लाख रुपये वसूले. मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र का है.
पुलिस ने 12 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया और 13 सितंबर को बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के चुपचाप जेल भेज दिया. यह गिरफ्तारी तब सामने आई. जब पीड़ित व्यापारी रामकुमार गुप्ता ने रोहित तोमर और योगेश के खिलाफ कर्ज एक्ट, मारपीट और अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई.
व्यापारी ने बताया कि नवंबर 2023 में रोहित के मैनेजर योगेश सिन्हा ने जबरदस्ती उसे रोहित के पास ले जाने का प्रयास किया. और रोहित ने पिस्तौल दिखाकर उसे धमकाते हुए अपनी गाड़ी में बैठा लिया. इसके बाद व्यापारी का 32 तोला सोना भी जबरन रख लिया गया.
पीड़ित को चंगोराभाठा इलाके में बंधक बनाकर रोहित और उसके मैनेजर ने उसे मारपीट करते हुए ग्रीन बॉन्ड पेपर पर दस्तखत करवाए और चेक भी लिए. इतना ही नहीं. व्यापारी को हर दिन 5,000 रुपये का ब्याज देने के लिए मजबूर किया गया और जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो जान से मारने की धमकियां दी गई.
इससे पहले भी रोहित तोमर कई मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. जिनमें हाईपर क्लब मारपीट का मामला भी शामिल है. जहां उसने एक व्यापारी से बदसलूकी की थी. पुलिस ने मामले को सार्वजनिक करने से बचते हुए कार्रवाई की पुष्टि नहीं की. लेकिन रामनगर चौकी प्रभारी ने बाद में रोहित और योगेश की गिरफ्तारी की पुष्टि की. गिरफ्तारी के समय रोहित जैगुआर कार में फरार होने की कोशिश कर रहा था. लेकिन पुलिस ने उसे कोर्ट परिसर के बाहर पकड़ लिया.
रोहित के खिलाफ पहले से ही राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती और गुढ़ियारी जैसे कई थानों में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. रोहित का नाम सूदखोरी, ब्लैकमेल और मारपीट जैसे अपराधों में पहले भी आ चुका है. ‘गोल्डमैन’ के नाम से मशहूर यह व्यक्ति अपने रसूख को बनाए रखने के लिए अपने गिरोह के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है. पुलिस ने इसे कई बार गिरफ्तार कर उसके खिलाफ जुलूस भी निकलवाए हैं. लेकिन वह अब तक अपने अपराधों से बाज नहीं आया.
रोहित तोमर का मामला सूदखोरी के उन खतरों की ओर ध्यान दिलाता है. जो समाज के कमजोर वर्गों पर गहरा असर डालते हैं. यह सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा अवैध रुप से धन वसूलने का मामला नहीं है. बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह सूदखोर अपने राजनीतिक और बाहुबल के जरिए लोगों को कर्ज के जाल में फंसा कर उनका शोषण करते हैं. इस मामले ने सूदखोरी के खिलाफ सख्त कानूनों की जरुरत को फिर से उजागर किया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



