रायपुर MMI हॉस्पिटल में लापरवाही, रेफर और फिर एडमिट के दौरान महिला मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, गंभीर खामियों का लगाया आरोप

Woman dies due to negligence of Red Air Ambulance in Raipur MMI Hospital family members create ruckus allege serious flaws in treatment

रायपुर MMI हॉस्पिटल में लापरवाही, रेफर और फिर एडमिट के दौरान महिला मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, गंभीर खामियों का लगाया आरोप

रायपुर : रायपुर  के प्रमुख निजी अस्पताल, एमएमआई नारायण हृदयालय में हाल ही में एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन लोगों को आगाह कर रहे हैं कि वे अपने किसी भी अस्वस्थ परिजन को यहां भर्ती न कराएं. वर्ना ये अस्पताल वाले मार डालेंगे. यह मामला शहर के बड़े निजी हास्पिटल में शामिल एमएमआई नारायण ह्रदयालय में का है.
मृतक महिला मां भारती देवी उम्र 49  साल के बेटे, भतीजों ने बकायदा वीडियो शूट कर वायरल भी किया है. ओम खेमानी का कहना है कि 10 दिनों तक अस्पताल में इलाज करने के बाद हैदराबाद शिफ्ट करने की सलाह दी गई. एमएमआई ने यहां के इलाज के 10 लाख लिए और एयर एंबुलेस के छह लाख रुपए भी फौरी लिए. अस्पताल से रवाना हुए एंबूलेंस की एक भी मशीन काम नहीं कर रही थी. न उसमें एयरपोर्ट तक के डॉक्टर, नर्स ही थी. जैसे-तैसे माना एयरपोर्ट पहुंच टेक आफ किया गया.
आश्चर्य कि बात है कि एंबूलेंस 15 ही मिनट बाद लैंड कर गया. जिसे हैदराबाद जाना था. वह वापस माना लैंड कर गया. जहां से फिर महिला को एमएमआई लाया गया और महिला की मौत हो गई.
एम्बुलेंस में नहीं था कोई डॉक्टर
ओम खेमानी ने बताया कि एयर एम्बुलेंस मशीन में तकनीकी खराबी थी. इसके बावजूद एयर एम्बुलेंस ने उड़ान भरी. जबकि इसे लेकर उन्होंने कई बार आपत्ति भी जताई थी. वहीं जो एम्बुलेंस अस्पताल में उनकी मां को लेने आई थी. उसमें कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था.
पीड़ित परिवार ने इलाज के नाम पर लूट और लापरवाही का आरोप लगाते हुए NHMMI नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और रेड एयर एम्बुलेंस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने बताया कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए उन्होंने मरीज की जान बचाने एयर एम्बुलेंस के लिए 6,11,000 रुपये और अस्पताल में इलाज के लिए करीब 8,00,000 रुपये का भुगतान किया था. लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और उसकी कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. वे चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और मरीज के परिवार को न्याय मिले.
अस्पताल प्रबंधन ने कहा हमारी कोई गलती नहीं
इस मामले को लेकर NHMMI नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के फ़ैकल्टी डायरेक्टर अजित कुमार ने कहा इसमें हमारी कोई गलती नहीं है. हमारे यहां से सुरक्षित मरीज़ को लेकर परिजन गए थे. उस समय इस हालत ठीक थी. ऑक्सीजन की कमी कहां हुई थी हमारी जानकारी में नहीं है.
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मृतक के बेटे और भतीजों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया. जिसमें उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गुस्से का इज़हार किया और आम जनता से अपील की कि वे इस अस्पताल में अपने किसी भी परिजन को भर्ती न कराएं. क्योंकि यह अस्पताल सिर्फ पैसों के पीछे है और मरीजों की जान की कोई परवाह नहीं करता.
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. जिसके बाद शहर भर में इस मुद्दे पर चर्चा शुरु हो गई. स्थानीय नागरिकों और अन्य मरीजों के परिजनों ने भी इस मामले पर सवाल उठाए हैं. यह घटना चिकित्सा सेवाओं पर भरोसे को हिलाने वाला है और लोगों में अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी है.
वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के बड़े हॉस्पिटल में मरीजों के साथ इलाज के नाम पर लूट, 5 स्टार सुविधा के नाम से किया जा रहा है. दलाल रखकर छोटे-छोटे ऑफिस खोला गया है. जो हॉस्पिटल में रहकर सही इलाज होने का झांसा देते हैं. और भर्ती करने के बाद लाखों रुपए जमा कराए जाते हैं. कई मरीज के परिजन जमीन बेचकर पैसा जुटाते हैं. लेकिन लूटेरे बड़े हॉस्पिटल मरीजों की जान नहीं बचा पाते. पिछली दफा मरीज के मरने के बाद लाश को बंधक बनाने का मामला भी सामने आ चूका है. पूरे हिंदुस्तान में ऐसा लूट का मंजर सिर्फ छग की राजधानी रायपुर में देखने को मिलता है.
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ छत्तीसगढ़ की ग़रीब जनता को प्राइवेट हॉस्पिटल लूट लूट रहे हैं बेतहाशा बिल बनाकर राजधानी और छत्तीसगढ़ की जनता को लूटा जा रहा है. इलाज के नाम पर धोखाधड़ी और दादागिरी का प्राइवेट हॉस्पिटल लूट की दुकान खुलेआम चला रहे हैं. जनता स्वास्थ्य सेवाओं से ही परेशान है. छत्तीसगढ़ में कोई क़ानून बड़े हॉस्पिटल के लिए लागू नहीं होता है. बड़े हॉस्पिटल बाउंसर रखकर छुटभैये नेताओं को अपने साथ रखकर मरीज़ों के साथ खूब लूट खसोट बेख़ौफ़ होकर करते हैं. कुछ बड़े प्राइवेट हॉस्पिटलों ने हद ही कर दी है. बड़े नेताओं को पार्टनर रखकर मीडिया हाऊस खोल लिया. और सभी मिडिया को चमकाने से बाज नहीं आते हैं.
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जांजगीर चाम्पा की जिला चिकित्सालय में लगी आग, बाथरुम में रहे मरीज

जांजगीर चाम्पा : जिला के जिला अस्पताल मे उस वक्त अफरा तफरी मच गई. जब आपातकालीन वार्ड के सामने बिजली फटने की आवाज़ आई. चिंगारी आग की तरह निकलने लगी. नर्सिंग ड्यूटी रुम के सामने हुए इस हादसे से नर्सिंग स्टॉफ मे अफरा-तफरी मच गई. जोरदार घमाका के साथ वायरिंग मे आग लगने से वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी ने अग्निशमन यँत्र से आग को काबू करने का प्रयास किया.
वही आपात कालीन चिकित्सा के लिए भर्ती 11 मरीजों की सुरक्षा के लिए उन्हें पहले बाथरुम मे रखा गया और धुँआ छटने के बाद मरीजों को दूसरे वार्ड मे शिफ्ट किया गया. और इलेक्ट्रिशियन ने आपातकालीन वार्ड का कनेक्शन काट कर मरम्मत का काम शुरु कर दिया है.
जिला चिकित्सालय के ड्यूटी डाक्टर ने शार्ट सर्किट को केबलो मे ओवर लोड होने की आशंका जताई और आग पर काबू पाने मे गार्ड की बहादुरी को शाबाशी दी. वही सिम्स प्रबंधन से ड्यूटी मे तैनात सुरक्षा कर्मियों को 4 माह का वेतन भुगतान करने की मांग की है.
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बिलासपुर के सिम्स के इंटर्नस ने सीनियर डॉक्टर पर अश्लील हरकतें करने के लगाए आरोप, जांच जारी

बिलासपुर : बिलासपुर से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. जहां सिम्स की 2019 बैच की 40 महिला इंटर्न डाक्टरों ने डीएमई के साथ बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की थी.
जिसमें उन्होंने बताया कि डाक्टर उनके साथ अश्लील हरकते करता है. एक इंटर्न महिला डाक्टर का कहना था कि वे विशेष रुप से मुझे परेशान करते आ रहे थे. जिसका बार-बार विरोध करने के बाद डा. ओपी राज नहीं माने और मेरे साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देते आ रहे थे. उन्होंने कहा कि अंत विवश होकर इसकी शिकायत देनी पड़ी. शिकायत के बाद सिम्स प्रबंधन ने जांच टीम बनाई थी.
इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्ष से पूछताछ कर लिया गया है. लेकिन इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि इंटर्न महिला डाक्टरों पर दबाव बनाया जा रहा था कि वे मामले को तुल न दें. इससे सभी डरी हुई थीं और मामला दब गया था. अब इस मामले को डीएमई ने संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए. इसी के बाद डीन ने उक्त डाक्टर का अंबिकापुर मेडिकल कालेज तबादला कर दिया है. फिलहाल जांच जारी है.
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