मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया 192.60 करोड़ की लागत के 108 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, राजधानी में होगा भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह

Chief Minister Vishnu Dev Sai inaugurated-Bhoomi Pujan of 108 works costing Rs 19260 crore grand military exhibition ceremony will be held in the capital

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया 192.60 करोड़ की लागत के 108 कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, राजधानी में होगा भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह

5 और 6 अक्टूबर को राजधानी में होगा भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित होने वाले भव्य सैन्य समारोह के लिए आज राजधानी रायपुर पहुंचे. भारतीय सेना के भीष्म टैंक और अन्य आर्टिलरी का शानदार स्वागत किया गया. इसके बाद एक रैली के रुप में टैंक और सैन्य उपकरणों का काफिला रायपुर शहर के तेलीबांधा, मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट, जयस्तंभ और आश्रम चौक होते हुए साइंस कॉलेज मैदान तक मैदान पहुंचा.
शहर के नागरिकों में इसे लेकर ख़ास उत्साह रहा. सैकड़ों लोग इस शानदार रैली को मोबाइल से कैप्चर करते दिखे. पूरे रैली में शामिल वाहनों में तिरंगा लहराता रहा.
गौरतलब है कि राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में 5 से 6 अक्टूबर को होने वाले भव्य सैन्य प्रदर्शनी समारोह की तैयारी जोरों पर है. इसमें शामिल होने के लिए भारतीय सेना की सैन्य हथियार राजधानी पहुंचे. जिसमें भीष्म टी-90 टैंक, बीएमपी, एल-70, जेएडयू-23, स्ट्रेला और लोरोस शामिल है. इसका इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ज़ोरा के मुख्य गेट पर सुबह कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद सहित अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया.
भीष्म टैंक और दूसरे सैन्य उपकरणों को वाहनों सहित फूल-मालाओं से सजाया गया था. लोगों ने इस आकर्षण क्षण को अपनें मोबाईलों में फोटो और वीडियों के रुप में रिकार्ड किया. जहां से भी यह काफिला गुजरा, वहां ’भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठा.
साइंस कॉलेज मैदान में सैनिको ने किया रिहर्सल-साइंस कॉलेज मैदान में सैनिको ने डेयर डेविल स्टंट और खुखरी डांस और मिलेट्री बैंड का पूर्वाभ्यास किया.
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, पारंपरिक हर्बल उत्पादों और लोक कला का किया अवलोकन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया.
कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के मकसद से कई विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी. मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की. इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया. नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रुप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं. जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं. उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की. मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ के स्टॉल पर जाकर कई वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया. उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया.
मुख्यमंत्री ने कहा, इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा. बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा. उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी.
भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया. जिनमें रजवार कला के जरिए छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया. उन्होंने कहा कि रजवार कला का मकसद छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है. ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा.
मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया. मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी.
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया.
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मुख्यमंत्री साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 192.60 करोड़ रूपए की लागत के 108 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

बलरामपुर-रामानुजगंज : सीएम साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में आयोजित ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत के 108 विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए शुभकामनाएं दी. विकास कार्याे में 97 लाख 57 हजार रुपए के 5 कार्यों का लोकार्पण तथा 191 करोड़ 63 लाख रुपए के 103 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है.
मुख्यमंत्री ने जिले से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों के मजबूतीकरण, राजपुर के नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन, स्कूल और छात्रावास के नवीन भवन के निर्माण कार्य, छात्रावास आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण, जलाशयों के जीर्णोद्धार, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण, बलरामपुर तामेश्वर नगर हवाई पट्टी के उन्नयन के कार्यों का भूमिपूजन किया.
मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 33.10 करोड़ रूपए की लागत से कुसमी-सामरी तक 16.60 किलोमीटर सड़क के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का कार्य, 33.95 करोड़ की लागत से राजपुर ग्राम नवापारा में और 28.96 करोड़ की लागत से वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण कार्य, 14.18 करोड़ की लागत से बसंतपुर रामनगर मार्ग में 14 किलोमीटर सड़क उन्नयन का कार्य, बलरामपुर-रामानुजंगज के लरंगसाय चौक से रिंगरोड एवं पावर हाऊस से जय स्तंभ चौक, 3.81 करोड़ की लागत से भारत माता चौक से रेस्ट हाऊस एवं जय स्तंभ तक 5.825 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण, 13.16 करोड़ की लागत से जिले में अम्बिकापुर धनवार-वाराणसी मार्ग पर 11.60 किलोमीटर सड़क का उन्नयन, 4.07 करोड़ की लागत से बलरामपुर (तामेश्वर नगर) हवाई पट्टी का उन्नयन एवं सुधार कार्य, 2.16 करोड़ की लागत से बलरामपुर-रामानुजगंज के महाराजगंज-पचावल 4 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण के कार्य प्रमुख हैं.
इसी तरह मुख्यमंत्री ने 1.21 करोड़ की लागत से बरियों में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन के निर्माण, 67-67 लाख की लागत से नीलकंठपुर और लुरगीखुर्द शासकीय माध्यमिक शाला भवन के निर्माण कार्य, 3 करोड़ की लागत से छात्रावास-आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के 29 कार्य, 60-60 लाख की लागत से पीवीटीजी बसाहटों में पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 बहुउद्देशीय केन्द्र भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया. पीवीटीजी बसाहटों - शंकरगढ़ विकासखण्ड के आमाकोना ग्राम पोंड़ीखुर्द, कुसमी विकासखण्ड के ढोढ़ाचॉपी ग्राम पंचायत भुलसीखुर्द, महुआटोली ग्राम चरहु, खासपारा ग्राम पेंडारडीह, भुताही ग्राम पुन्दाग, रजुआढोढ़ी ग्राम पोंडीखुर्द, पतरापारा ग्राम भोंदना, जम्होर और शंकरगढ़ विकासखण्ड के दशनी कोरवापारा ग्राम खैरडीह में बनने वाले एक-एक बहुउद्देशीय केन्द्र भवन का भूमिपूजन किया.
इसी तरह मुख्यमंत्री ने 2.75 करोड़ रुपए की लागत से शंकरगढ़ के धारानगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में बालक छात्रावास निर्माण, 1.86-1.86 करोड़ रुपए की लागत से सामरी और बरियों के हायर सेकेण्डरी स्कूल में बनने वाले 50-50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण कार्य, 39.01 करोड़ रुपए की लागत से बदौली जलाशय, करवां जलाशय, मुरका जलाशय, जगिमा जलाशय, झिक्की व्यपवर्तन योजना, खर्रा जलाशय, श्रीकोट व्यपवर्तन योजना, कोरंधा जलाशय, उलियाबांध एवं नहर के जीर्णोद्धार तथा बांकी नदी व्यपवर्तन योजना के निर्माण का भूमिपूजन किया। बांकी नदी व्यपवर्तन योजना का निर्माण 16.41 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सामरी रामानुजगंज और प्रतापपुर 4.79 करोड़ रूपए की लागत से 41 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया.
स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 5 कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 97 लाख रुपए की लागत के 5 कार्यों का लोकार्पण किया. इन कार्यों में 24 लाख रुपए की लागत से कुसमी विकासखण्ड के हर्री में निर्मित नवीन उप स्वास्थ केन्द्र भवन, जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित पीडियाट्रिक केयर यूनिट, विकासखण्ड रामानुजगंज के ग्राम बुद्धुटोला में 23 लाख रूपए की लागत से निर्मित शहरी हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरगढ़ में 13 लाख रुपए की लागत से निर्मित 10 बिस्तरीय अतिरिक्त वार्ड और जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 9 लाख रुपए की लागत से निर्मित मितानिन शेल्टर शामिल है.
इस अवसर पर आदिमजाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महराज, विधायकगण राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, उद्देश्वरी पैकरा, शकुन्तला पोर्ते भी मौजूद थीं.
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मुख्यमंत्री दंतेवाड़ा में 167.21 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 4 अक्टूबर को दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में 167 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत वाले 48 विकास और निर्माण कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे. जिसमें 59 करोड़ 57 लाख रुपए के 10 कार्याें का लोकार्पण और 107 करोड़ 63 लाख रुपए के 38 निर्माण कार्याें का भूमिपूजन शामिल हैं. 
मुख्यमंत्री जिन नये निर्माण कार्याें का लोकार्पण करेंगे, उनमें मुख्य रुप से कुआकोण्डा में शासकीय उपाधि महाविद्यालय में 100 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य की लागत राशि 2.72 करोड़ रुपए, दंतेवाड़ा में 32 नग शॉपिंग कॉम्प्लेक्स लागत राशि 99 लाख रुपए और 100 सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य 1.60 करोड़ रुपए, बारसूर में बुढ़ा तालाब में सौंदर्यीकरण लागत राशि 4.53 करोड़ रुपए, डंकनी-शंकनी नदी के तट पर घाट निर्माण एवं अन्य कार्य 36.59 करोड़ रूपए, 500 सीटर आवासीय विद्यालय कारली के भवन निर्माण कार्य राशि 4.87 करोड़ रूपए, डुमाम नदी पर एनीकट निर्माण 3.50 करोड़ रुपए, दुगेली एनीकट निर्माण कार्य लागत राशि 3.72 करोड़ रुपए, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र छिंदनार का निर्माण कार्य लागत राशि 75 लाख रुपए, गीदम विकासखण्ड के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र हिडपाल का निर्माण लागत राशि 28 लाख रुपए का लोकार्पण कार्य शामिल है.
मुख्यमंत्री साय इस मौके पर 107.63 करोड़ रुपए की लागत वाले 38 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे. जिसमें कुआकोण्डा में आस्था विद्या मंदिर किरन्दुल के लिए भवन निर्माण, कर्मचारी के लिए आवास, छात्रावास भवन, सड़क नाली बाऊड्री निर्माण आदि अन्य आवश्यक निर्माण के लिए 42.19 करोड़ रुपए, दंतेवाड़ा के रानीबाग में भक्त निवास निर्माण कार्य के लिए लागत राशि 3.26 करोड़ रुपए शामिल है.
इसी प्रकार मड़कामीरास में 50 सीटर आदिवासी प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास, जंगमपाल एंव मारजूम में 50 सीटर कन्या आश्रम, बड़ेगुडरा एवं पालनार में 100 सीटर आदिवासी प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास निर्माण, बोदली, समेली, नहाड़ी, धुरगुम, पोटाली, कौरगांव मुस्तलनार एवं गुमलनार में आदिवासी बालक आश्रम, गीदम में आदिवासी पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास एवं आदिवासी नवीन पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास, समेली में 100 सीटर आदिवासी पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, कासोली एवं दंतेवाड़ा में आदिवासी पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, कुआकोण्डा, कासोली एवं दंतेवाड़ा में आदिवासी पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन होगा.
इसके अलावा कार्यक्रम में ग्राम जांवगा में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य के लिए 2.21 करोड़ रुपए, कैडियापारा एनीकट निर्माण झोड़ियाबाड़म नदी पर एनीकट निर्माण, फरसपाल जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2.55 करोड़ रुपए, डंकनी नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण कार्य के लिए 4.45 करोड़ रुपए और ग्राम मुलेर में 3.45 करोड़ रुपए की लागत से विद्युतीकरण कार्य भूमिपूजन होगा.
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