धान खरीदी के लिए सात दिन पहले कटाना होगा टोकन, लघु-सीमांत किसानों का 2 व बड़े किसानों का कटेगा 3 टोकन, औसत उत्पादन पर रखी जाएगी निगरानी
Tokens will have to be cut seven days in advance for purchasing paddy 2 tokens will be cut for small marginal farmers and 3 tokens will be cut for big farmers average production will be monitored
गरियाबंद : गरियाबंद जिले में 14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर होने वाले धान खरीदी के सुचारु संपादन के लिए कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में महत्वपूर्ण बैठक ली. उन्होंने ब्रांच मैनेजरों, खाद्य निरीक्षकों और धान खरीदी केन्द्रों में पदस्थ डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की बैठक लेकर धान खरीदी की सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिया.
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि अवैध धान के भंडारण और विक्रय की गतिविधि नहीं होनी चाहिए. इन कार्यों में गड़बड़ी और अधिकारी-कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधितों पर एफआईआर दर्ज की कार्यवाही की जाएगी.
धान खरीदी के दौरान लघु एवं सीमांत किसानों का 2 एवं बड़े किसानों का 3 टोकन काटा जाएगा. किसानों को धान खरीदी दिवस के सात दिन पहले टोकन कटाना होगा. गांववार औसत धान के उत्पादन और बिक्री पर नजर रखी जायेगी. औसत से असामान्य और बहुत ज्यादा तादाद में धान खरीदी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. 7 नवम्बर से टोकन काटने का काम शुरु हो जाएगा.
किसान समिति एवं टोकन तुहंर हाथ मोबाईल एप के जरिए भी टोकन हासिल कर सकेंगे. कलेक्टर अग्रवाल ने सभी तैयारियों को पूरी कर 7 नवम्बर को धान खरीदी का ट्रायल रन सुनिश्चित करने के निर्देश दिया.
बैठक में कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि जिले के 90 धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जाएगी. सभी केन्द्रों में 35 बिंदु में बनाए गए चेकलिस्ट मुताबिक धान खरीदी की सभी तैयारी सुनिश्चित कर लेवे. खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था और सुविधा की जांच कर ले. किसानों को किसी भी तरह की परेशानी धान बेचने में नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कर लें कि सभी धान खरीदी केंद्रों में साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे. साथ ही विद्युत व्यवस्था, कंप्यूटर, प्रिंटर, बायोमेट्रिक डिवाइस, इंटरनेट कनेक्शन, आर्द्रता मापी एवं इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन की भी व्यवस्था सुनिश्चित हो. इस बार खरीदी केंद्रों में सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन का उपयोग धान खरीदी के लिए किया जाएगा. इसका समय पूर्व नापतौल विभाग से सत्यापन जरुर कर लेंगे. खरीदी केंद्रों में नए एवं पुराने बारदानों की व्यवस्था, सुतली, रंग आदि समय से पहले सुनिश्चित कर ले.
धान खरीदी केंद्रों में चबूतरो की साफ सफाई, तारपोलिन व्यवस्था आदि भी तय समय में सुनिश्चित करने और धान खरीदी से संबंधित जानकारी सभी केंद्रों में फ्लेक्स एवं बैनर के माध्यम से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए. फ्लेक्स में राज्य एवं जिला स्तर के हेल्पलाइन नंबर भी अनिवार्य रुप से मुद्रित करने के निर्देश दिए. जिससे लोग किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर में संपर्क कर समाधान पा सकेंगे.
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