महाशिवरात्रि पर सीएम साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना, राजिम कुम्भ मेले के समापन में होंगे शामिल

CM Sai offers prayers on Mahashivratri, wishes prosperity and well-being to the people of the state, will participate in the closing ceremony of Rajim Kumbh Mela

महाशिवरात्रि पर सीएम साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना, राजिम कुम्भ मेले के समापन में होंगे शामिल

रायपुर : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. इस अवसर पर पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे.
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गरियाबंद में महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, बोल बम के जयघोष से गूंज उठा भूतेश्वर धाम

गरियाबंद : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मरोदा स्थित भूतेश्वर नाथ महादेव धाम में आज सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. तड़के 4 बजे से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. देर रात गुलाल और फूलों से शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया. जिसके बाद भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना की.
राज्य के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में शामिल भूतेश्वरनाथ में एक दिन पूर्व से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी. आज शिवालय से बाबा भूतेश्वरनाथ की भव्य पालकी निकाली गई. जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया. मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी और भक्त बेलपत्र, दूध और जल से अभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगी.
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राजिम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महाशिवरात्रि के अवसर पर गरियाबंद जिले के राजिम में आयोजित राजिम कुंभ (कल्प) के समापन समारोह में शामिल होंगे. कुछ देर बाद समापन कार्यक्रम पूज्य संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा. इस अवसर पर शाही स्नान के साथ विशाल शोभायात्रा का आयोजन भी किया जाएगा. जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे.

अनुराग शर्मा नाइट्स की जादुई आवाज से झूम उठा राजिम कुंभ कल्प, मुख्यमंच पर उमड़ा जनसैलाब
राजिम : राजिम कुंभ कल्प के 14वें दिन मुख्य मंच पर सुरों का ऐसा जादू बिखरा कि पूरा मेला परिसर संगीत की लहरियों में डूब गया. विशेष आकर्षण रहे मेगा स्टार गायक अनुराग शर्मा के नाम  की मंच से जैसे ही घोषणा हुई, दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ ने पूरे उत्साह के साथ उनका स्वागत किया.
कार्यक्रम की शुरुआत अनुराग शर्मा ने “देवा श्री गणेशा” से की, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद “कोरी-कोरी नारियल चढ़ाव दाई तोला वो” और “तोर मंदिर म दाई चुनरी चढ़ाव” जैसे छत्तीसगढ़ी गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “गीत कोनो गाहू गोरी तोर नाव के”, “चंदा रे चंदा”, “तुम तो ठहरे परदेशी”, “धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना” और “छुनुर-छुनुर पैरी बाजे” जैसे गीतों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और मोबाइल फ्लैश की रोशनी से माहौल जगमगा उठा।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा और राजिम विधायक का मुख्य मंच पर आगमन हुआ। मंत्री टंकराम वर्मा ने भी “महानदी के पानी हव, छत्तीसगढ़ के माटी हव” गीत गाकर सुर से सुर मिलाए। मंत्री की प्रस्तुति पर दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठा। 
इससे पूर्व संतोष सिन्हा ने “हर-हर भोला” और “चलो माता का बुलावा आया है” जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाया. यशोमती सेन बोरिद ने पंडवानी शैली में परीक्षित को श्राप की कथा का सजीव वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वहीं लोककला मंच के राजेन्द्र साहू ने “मोर बम लहरी” और “संगी मोर” जैसे गीतों से समां बांध दिया।कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया. आयोजन का सफल संचालन निरंजन साहू, पतंजल मिश्रा और दुर्गेश तिवारी ने किया.
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राजिम में महाशिवरात्रि पर त्रिवेणी संगम में आधी रात से शुरू हुआ पुण्य स्नान, दीपदान और जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने लिया पुण्य लाभ 
राजिम : धार्मिक नगरी राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के दौरान महाशिवरात्रि पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। ब्रह्म मुहूर्त की प्रतीक्षा किए बिना श्रद्धालु आधी रात से ही संगम तट पर पहुंचने लगे। संगम घाट, स्वर्ण तीर्थ घाट, नेहरू घाट और स्नान कुंड में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
स्नान उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने संगम की रेत से शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। नदी की धारा में तैरते दीपों की जगमगाहट ने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया.
स्नान के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित श्री कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर, श्री राजीव लोचन मंदिर और बाबा गरीब नाथ मंदिर मामा-भांचा मंदिर और अन्य मंदिरों की ओर बढ़ती दिखाई दी। कुलेश्वर नाथ महादेव के दर्शन के लिए मंदिर परिसर से लगभग करीब एक किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूँजता रहा।
महाशिवरात्रि पर नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है वहीं जब वह त्रिवेणी संगम हो स्नान का पुण्य लाभ का महत्व और बढ़ जाता है। मान्यता है कि महानदी, सोंढूर और पैरी नदियों के संगम में स्नान करने से तन-मन पवित्र होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पर्व के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर नागा साधुओं सहित साधु संतों ने निकाली शोभायात्रा, पर्व स्नान करने उमड़ी नागा साधु-संतों की भीड़
राजिम : राजिम कुंभ कल्प मेला के अंतिम दिवस महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नागा बाबाओं, साधु-संतों, विभिन्न अखाड़ों ने शाही स्नान के लिए ऐतिहासिक शोभायात्रा संत समागम स्थल परिसर से सुबह 7 बजे निकाली। इस शोभा यात्रा में समस्त नागा, साधु-संतों के साथ संस्कृति और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। शोभायात्रा में सुसज्जित पालकियों शाही बग्गी, घोड़ों में विभिन्न साधु-संत सवार थे.
शोभायात्रा संत समागम स्थल से शुभारंभ होकर श्रीकुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीछे मार्ग से नेहरू बाल उद्यान होते हुए, इंदिरा मार्केट, राजिम पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चौक, गौरवपथ राजिम, वीआईपी मार्ग होते हुए मेला परिसर में बने शाही कुंड में पहुंचे। शोभायात्रा का स्वागत दोनों शहर नवापारा और राजिम में विभिन्न चौक चौराहों में फूल बरसा कर किया गया। शोभायात्रा में विभिन्न चौक में अनेकों अस्त्र-शस्त्रों से लैस नागा बाबाओं, साधु-संतों ने शौर्य प्रदर्शन करते हुए अखाडा चलाते रहे। नागा साधुओं के तलवार और फरसा भांजते खुशी से नाचते देखकर मेले में आए अंचलवासी भी रोमांचित हो उठे। धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए शोभायात्रा शाही कुंड के पास पहुंची। यहां नागा साधुओं ने विधि विधान के साथ शस्त्र पूजन पश्चात कुंड में छलांग लगाई.
नागा बाबाओं के साथ मंत्री राजेश अग्रवाल और विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू भी कुंड में डुबकी लगाने के लिए उतर गए। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने भगवान दत्तात्रेय की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की। शाही स्नान करने विभिन्न अखाड़ों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस विहंगम दृष्य को देखने मेला क्षेत्र के अलावा कुंड के पास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी हुई थी। शाही यात्रा की भव्यता का आनंद लेने विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए.
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की चाकचौबंध व्यवस्था थी। इस शाही यात्रा में श्री पंच दशनामी सन्याशी अखाड़ा के नागा साधु के अलावा विभिन्न अखाड़ों के साधु संत, भैरवी शक्ति, करीब पंथ, सतनाम पंथ के संतों एवं उनके अनुयायी भी शामिल रहे।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “महाशिवरात्रि पर नागा साधुओं की शाही शोभायात्रा और शाही स्नान ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। शाही स्नान के लिए प्रदेश सहित देश के कोने-कोने से साधु-संत पहुंचे हुए हैं। राज्य सरकार राजिम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां की आस्था, संस्कृति और व्यवस्था देखकर हर कोई अभिभूत है.
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महाशिवरात्रि पर कुलेश्वरनाथ व राजीवलोचन मंदिर में उमड़ी अपार भीड़, घंटों इंतजार के बाद मिले दर्शन
राजिम : राजिम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तीन नदियों के संगम पर स्थित पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर और राजीवलोचन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लग गईं और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मंदिर के सामने प्रशासन द्वारा तीन से चार कतारों में बैरिकेड्स लगाए गए थे। बैरिकेड्स भरने के बाद श्रद्धालुओं की लाइन दूर तक फैल गई। चिलचिलाती धूप में भी श्रद्धालु अडिग भाव से खड़े रहे। प्रशासन ने धूप से राहत देने के लिए पंडाल की व्यवस्था की थी, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण कई श्रद्धालुओं को खुले में ही इंतजार करना पड़ा। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक देखने को मिली।
रायगढ़ की बिसाहिन बाई, महासमुंद की केकती और भिलाई की दुर्गा ने बताया, “आज महाशिवरात्रि है, दो घंटे लगें या पांच घंटे, बाबा के दर्शन करके ही जाएंगे। इतनी दूर से आए हैं, संगम में स्नान कर अब महादेव के दर्शन का इंतजार कर रहे हैं।” वहीं उड़ीसा के धुरवा राम, रायपुर के थानेश्वर और लोकेश साहू, कांकेर के मुन्नालाल तथा गरियाबंद के योगेश कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि पर पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता हैं। उन्होंने कहा, “विश्व में विरले इस स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य मिला है, ऐसे अवसर को छोड़ नहीं सकते।” मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं की आस्था और धैर्य ने महाशिवरात्रि के पर्व को राजिम में और भी विशेष बना दिया।
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महाशिवरात्रि पर लोक संस्कृति की रंगारंग छटा, रामनारायण विश्वकर्मा के डंडा नृत्य ने बांधा समां
राजिम : राजिम में आयोजित कुंभ कल्प मेला के अंतिम दिवस महाशिवरात्रि पर लोककला और लोकसंस्कृति की अनुपम छटा बिखरी। दर्शक दीर्घा खचाखच भरी रही और मंच पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाओं की शानदार प्रस्तुति हुई। 
सिर्रीकला के रामनारायण विश्वकर्मा ने डंडा नृत्य की जोशपूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी लय, ताल और ऊर्जा ने छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा को सजीव कर दिया। मगरलोड की रजमतबाई कंवर ने सुवा नृत्य प्रस्तुत कर पारंपरिक लोकनृत्य की सुंदर झलक दिखाई। वहीं मुनगासेर के पद्मा पटेल लोककला मंच की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।
गरियाबंद के रवि यादव ने राउत नाचा की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक झूम उठे। भिलाई-चरौंदा के संजय देवांगन ने कबीर भजन गाकर आध्यात्मिक रस घोला। चारामा के चंद्रशेखर सिंहसार के लोकनृत्य ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया, जबकि भाटापारा-बलौदाबाजार के नीलकंठ साहू ने खंजरी वादन से तालियों की गूंज बटोरी।
पूर्व महोत्सव नदी मंच पर भी कार्यक्रमों की धूम रही। कोकड़ी की भारती साहू ने मानस गायन, भसेरा के घनश्याम साहू ने रामायण पाठ, चंपारण के शिवनंदन चक्रधारी ने शिवभजन प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण बनाया। राजिम की सेजल शिंदे ने लोकगीतों से समां बांधा, वहीं साल्हेभाट की मंजू रामटेके ने पंडवानी की सशक्त प्रस्तुति देकर दर्शकों को कथा के भावसागर में डुबो दिया।
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महाशिवरात्रि पर आस्था का महासागर: राजिम कुंभ कल्प के समापन दिवस उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब
राजिम : राजिम के त्रिवेणी संगम और नवीन मेला मैदान में आयोजित राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम दिवस और रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं का सैलाब चरम पर पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ती भीड़ ने इस बार कई वर्षों का इतिहास पीछे छोड़ दिया। मेला क्षेत्र में कदम रखने की जगह तक मुश्किल हो गई।
शनिवार रात से ही त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही बनी रही। गरियाबंद, रायपुर और धमतरी जिलों सहित प्रदेशभर से आए श्रद्धालुओं से नदी में बने अस्थायी मार्गों  में भारी भीड़ रही। कई स्थानों पर भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पंचेश्वर मंदिर से लेकर लोमश ऋषि आश्रम तक तथा नवीन मेला मैदान चौबेबांधा क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं।
मीना बाजार, क्राफ्ट बाजार, झूले, मौत का कुंआ, जलपरी, वैष्णव देवी धाम, संभागीय सरस मेला और सांस्कृतिक मंच की दर्शक दीर्घा भी पूरी तरह भरी रही। बच्चों और परिवारों की चहल-पहल से पूरा मेला क्षेत्र जीवंत बना रहा। मेला घूमने आए लोगों ने जमकर खरीदारी भी की, जिससे व्यापारियों के चेहरे भी खिले दिखाई दिए। 
राजिम कुंभ की प्रसिद्धि अब देश की सीमाओं से दूर पहुंच चुकी है। अमेरिका के पर्यटक जॉनसन और मीरा ने बताया कि भारत भ्रमण के दौरान वे पहली बार छत्तीसगढ़ आए हैं और राजिम कुंभ ने उन्हें अत्यंत प्रभावित किया। उन्होंने इसे “छोटा लेकिन अत्यंत सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मेला” बताया। इटली और नाइजिरियन सहित अन्य देशों के पर्यटक भी पिछले कई दिनों से मेले की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आभा में रमे नजर आए।
पूरे मेला परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर लगभग 1500 जवान तैनात हैं, जिनमें सैकड़ों महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी की जा रही थी। बढ़ते यातायात दबाव के कारण चौड़ी सड़कें भी संकरी पड़ती दिखाई दीं। महाशिवरात्रि पर उमड़ी यह ऐतिहासिक भीड़ राजिम कुंभ कल्प की बढ़ती लोकप्रियता और आस्था की गहराई का प्रमाण बन गई। भक्ति, संस्कृति और जनसहभागिता के संगम के साथ इस वर्ष का राजिम कुंभ कल्प यादगार समापन की ओर अग्रसर हुआ.
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कबाड़ से बना ‘काक भगौड़ा’ बना आकर्षण का केंद्र, समग्र शिक्षा स्टॉल पर बच्चों की लगी भीड़
राजिम : राजिम कुंभ कल्प के नवीन मेला मैदान में इस बार शिक्षा विभाग का स्टॉल भी खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान का स्टॉल लगाया गया है, जहां मेलार्थियों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
स्टॉल पर जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर, सहायक शिक्षक संतोष साहू और व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़ उपस्थित रहकर अभिभावकों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क गणवेश, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक सहित अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। सहायक शिक्षक संतोष साहू ने बताया कि स्टॉल लगाने का उद्देश्य पालकों को यह बताना है कि शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व माध्यमिक शाला पितईबंद में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रम के तहत मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे स्वावलंबी बन सकें।
वहीं स्टॉल पर कबाड़ से तैयार किया गया ‘काकभगौड़ा’ बच्चों के लिए सेल्फी प्वाइंट बन गया है। बच्चे उसके साथ फोटो खिंचवाकर आनंद ले रहे हैं। शिक्षा और रचनात्मकता के इस अनोखे संगम ने राजिम कुंभ कल्प में एक अलग ही रंग भर दिया है.
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