छत्तीसगढ़ के युवक की इंदौर में बेरहमी से हत्या, रेलवे ट्रैक के किनारे मिली लाश , पत्नी ने सुनी फोन पर झगड़े की आखिरी आवाज, गांव में पसरा मातम

A young man from Chhattisgarh was brutally murdered in Indore, his body was found near a railway track. His wife heard the last sounds of a quarrel over the phone, leaving the village in mourning.

छत्तीसगढ़ के युवक की इंदौर में बेरहमी से हत्या, रेलवे ट्रैक के किनारे मिली लाश , पत्नी ने सुनी फोन पर झगड़े की आखिरी आवाज, गांव में पसरा मातम

जांजगीर/सक्ती : सक्ती जिले के हसौद इलाके के देवरघटा गांव के रहने वाले खोजराम नारंग उम्र 40 साल की इंदौर में बेरहमी से हत्या कर दी गई. उनका खून से लथपथ शव 12 फरवरी की सुबह एमआर-4 रेलवे क्रॉसिंग के पास मिला. वह बुधवार रात से लापता था। मरने से पहले उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि कुछ युवकों से उनका झगड़ा हो रहा है. उसी कॉल के दौरान मारपीट की आवाजें आईं और फिर मोबाइल बंद हो गया.
मिली जानकारी के मुताबिक खोजराम नारंग इंदौर के पोलोग्राउंड इलाके में स्थित युग कलर फोटो स्टूडियो लैब में फोटो एल्बम बनाने का काम करता था. करीब चार-पांच महीने पहले ही वहां नौकरी करने गया था. वहां वह अपने दो भाइयों, दो बहनों और एक चचेरे भाई सहित 10-12 लोगों के साथ लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के सामने किराए के मकान में रहता था.
12 फरवरी की सुबह करीब 8 बजे बांगंगा थाना पुलिस को रेलवे ट्रैक के पास एक शव मिलने की खबर मिली. जांच में मृतक की पहचान खोजराम के रुप में हुई. उनके गले पर धारदार हथियार से गहरे वार के निशान मिले हैं. शरीर पर अन्य चोटें भी पाई गईं. प्राथमिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है.
पुलिस लूट और पुरानी रंजिश दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है. बीएनएस की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी गई है. मृतक की पत्नी सती नारंग ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे उनके पति का फोन आया था. उन्होंने कहा कि वे शराब दुकान के पास हैं और कुछ लड़कों से कहासुनी हो रही है. फोन पर झगड़े और धक्का-मुक्की की आवाज सुनाई दी. फिर अचानक मोबाइल बंद हो गया. उसके बाद से खोजराम घर नहीं लौटा. अगले दिन सुबह उनकी लाश मिलने की खबर मिली.
घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा ने परिजनों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फोन पर बात कराई. मुख्यमंत्री ने मृतक की पत्नी से बात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया.
पोस्टमार्टम के बाद 14 फरवरी की शाम शव को देवरघटा लाया गया, जहां गांव में अंतिम संस्कार किया गया. गांव में इस घटना से शोक और आक्रोश का माहौल है. यह घटना प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है.
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