कोयला घोटाले में निलंबित IAS रानू साहू के अलावा कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
Apart from suspended IAS Ranu Sahu in coal scam coal businessmen Sunil Aggarwal and Deepesh Tank got bail from the Supreme Court
रायपुर : कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद रानू साहू को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है. मगर इसी मामले में EOW द्वारा दर्ज मामले के चलते रानू साहू को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा. रानू के अलावा कारोबारी सुनील अग्रवाल और दीपेश टांक को भी सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है.
दरअसल आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EWO) में इसी वर्ष जनवरी के महीने में रानू साहू के खिलाफ चल रहे मामलों को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का जुर्म दर्ज किया गया है और इस मामले में अभी तक उन्हें जमानत नहीं मिली है. इस वजह से उन्हें अभी जेल में ही रहना पड़ेगा.
राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर ने ईडी पर नान घोटाला के झूठे आरोप में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए विशेष अदालत में जमानत आवेदन पेश किया था. कोर्ट ने रोशन का जमानत आवेदन बुधवार को खारिज कर दिया. ईडी ने रोशन के खिलाफ कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलरों से 20 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन लेने का आरोप लगाया है. महादेव सट्टा एप के आरोपी सहदेव यादव की न्यायिक रिमांड अवधि 20 अगस्त तक के लिए कोर्ट ने आगे बढ़ा दी है.
EOW ने अपनी FIR में बताया है कि रानू साहू जुलाई 2021 से जुलाई 2022 तक कलेक्टर कोरबा के रुप में पदस्थ रहीं. राज्य के 500 करोड़ से ज्यादा के कोयला घोटाले के आरोप में ED ने रानू साहू के घर दबिश देकर 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था. उन्होंने लोक सेवक के रुप में काम करते हुए ये संपत्तियां अर्जित की. रानू साहू ने सूर्यकांत तिवारी और उसके सिंडिकेट के सदस्यों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची.
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