कोयला व्यापारी नरेंद्र कौशिक आत्महत्या मामला, करोड़ों का चूना लगाने वाले 4 कुख्यात कोल माफिया गए जेल की सलाखों के पीछे
Coal trader Narendra Kaushik suicide case, 4 notorious coal mafias who defrauded crores of rupees sent behind bars
मुंगेली/सरगांव : कोयला व्यापारी ने अपने मुंशी और पार्टनर से तंग आकर जहर खाकर जान दे दी थी. आत्महत्या करने से पहले कोयला व्यापारी ने सुसाइट नोट मे उल्लेख किया था कि साथियों ने उसे धोखा दिया. जिसके कारण वह पूरी तरह कर्जदार हो गया. बर्बाद हो गया और काफी तंग आ गया. इसलिए आत्महत्या कर रहा है.
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मिली जानकारी के मुताबिक मृतक नरेन्द्र कुमार कौशिक पिता स्व रुपचंद कौशिक उम्र 50 साल निवासी आर्या कालोनी तिफरा थाना सिरगिट्टी थाना सरकंडा से बिना नंबरी मर्ग डायरी को 27 नवम्बर 2024 को थाना सरगांव के द्वारा नंबरी मर्ग क्र. 63/2024 धारा 194 बी.एन.एस.एस. दर्ज किया गया. जिसकी मर्ग जांच पर पुलिस ने पाया कि मृतक सरगावं स्थित खपरी रोड पर अमिषा ट्रेडर्स नामक कोल डिपो संचालित करता था. साथ ही ट्रांसपोर्टिंग का भी काम करता था. मृतक ने अपने साथी कारोबारी संजय भट्ट और राजेश कोटवानी के नाम मुख्तीयार ग्रहता के द्वारा अपने अन्य साथी देवेन्द्र उपवेजा और सूरज प्रथान के साथ अमिषा ट्रेडर्स कोल डिपो में मिलकर कारोबार करते थे.
साथी कारोबारियों के द्वारा व्यवसाय में पहुचाये गये नुकसान और उत्पन्न किए गए हालात की वजह से उत्प्रेरित होकर घटना दिनांक 26 नवम्बर 2024 को अपने कोल डिपो अमिपा ट्रेडर्स में सुसाईड नोट लिखकर जहर सेवन कर अपने मोबाईल से अपने परिजन व साथियों को भेजा.
जिसे पढ़कर परिजनों व साथियों के द्वारा मृतक को तलाश करते हुए सरगांव अंग्रेजी भट्टी रोड़ मैदान के पास आकर मृतक को खुद की ब्रेजा कार में अकेले बैठा हुआ देखा. जो उल्टी कर रहा था. नशे में था. जिसे इलाज के लिए अपोलो अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया. जहां ओलाज के दौरान नरेन्द्र कौशिक की मौत हो गई.
जांच के दौरान मृतक के परिजन एवं साथियों के बयान और सायबर सेल से मिले कॉल डिटेल की जांच से मृतक का आरोपियो से लगातार संपर्क होना पाया गया. मृतक के परिजन व अन्य गवाहों के बयान से पाया गया है कि मृतक नरेन्द्र कुमार कौशिक अपने साथी व्यवसायी राजेश कोटवानी, संजय भट्ट, सूरज प्रधान और देवेन्द्र उपवेजा के साथ मिलकर अमिपा ट्रेडर्स में कोयले का कारोबार करते थे. इस बाबत मृतक द्वारा आम मुख्तियारनामा निष्पादित कराया गया. अमिषा ट्रेडर्स के नाम पर खरीदी बिक्री आय व्यय की पूरी कार्यवाही और देखरेख देवेन्द्र उपवेजा और राजेश कोटवानी के द्वारा किया जाता था.
वर्ष 2022-23 में उनके द्वारा कोयला बिक्री रकम 43 करोड़ रूपये बताया गया था और वर्ष 2023-24 में कोयला बिक्री रकम 10 करोड़ रुपये बताया गया था कि मृतक की गैरहाजिरी में मुख्तीयार ग्रहता और साथियों के द्वारा अमिषा ट्रेडर्स में रखा पूरा कोयला और 2 लोडर वाहन को बिना खबर दिए ले जाकर अन्यत्र रखने और कारोबार में मृतक को सही हिसाब-किताब की जानकारी न देकर करीब 33 करोड़ रुपये का नुकसान करते हुए प्रतिकूल परिस्थिति निर्मित किये जाने के फलस्वरुप उत्प्रेरित होकर मृतक द्वारा खुदकुशी किया जाना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया. उक्त आरोपियों के खिलाफ अपराध क्र. 195/2024 थारा 108, 3 (5) बी.एन.एस. का मामला दर्ज किया गया.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने त्वरित कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करने तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन पर आरोपियों की लगातार पतासाजी की गयी.
पतासाजी दौरान आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर घटना कारित करना स्वीकार किये, आरोपियों का खाता व दस्तावेजों की एवं मृतक के फर्म के संचालन की गतिविधि आर्थिक लेनदेन 2 लोडर की जप्ती कर आरोपी राजेश कोटवानी पिता टहल उम्र 48 साल ओम गार्डन नेहरु नगर बिलासपुर , देवेन्द्र सिंह उपवेजा पिता महेन्द्र सिंह 54 साल साकिन वार्ड न. 19 जुनी लाइन ,सूरज प्रधान पिता शम्भु नाथ उम्र 34 साल साकिन वार्ड न. 05 दुर्गानगर लिगिंयाडीह और संजय भट्ट पिता हरीशंकर उम्र 53 साल साकिन वार्ड न. 19 अंधियारीपाठ थाना अकलतरा जिला जांजगीर चांपा छ.ग. को विधिवत गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया.
उक्त कार्यवाही में उप निरीक्षक संतोष शर्मा थाना प्रभारी सरगांव, सहायक उप निरीक्षक अजय चौरसिया, प्रधान आरक्षक जय दुबे, आरक्षक सूरज धुरी, रिपीन बनर्जी, रामू निषाद की अहम भूमिका रही.
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