मंत्री ओपी चौधरी के बंगले के बाहर बर्खास्त सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन, समायोजन करने की मांग को लेकर रोते बिलखते की नारेबाजी
Dismissed assistant teachers demonstrated outside Minister OP Choudhary's bungalow, shouting slogans and crying for adjustment
रायपुर : छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में महिला शिक्षिकाओं ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव किया. B.Ed महिला सहायक शिक्षक अपनी समायोजन की मांग को लेकर सुबह से मंत्री ओपी चौधरी के बंगले पहुंचे. और प्रदर्शन किया. महिला शिक्षिकाएं समायोजन की मांग को लेकर नारेबाजी करती रही. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया.
मिली जानकारी के मुताबिक़ सरकार ने करीब 3000 बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है. जिसके बाद से लगातार सहायक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते आ रहे हैं.
महिला शिक्षिकाएं समायोजन की मांग को लेकर शनिवार सुबह वित्त मंत्री ओपी चौधरी बंगले पहुंच गईं. शिक्षक मंत्री के बंगले के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. महिला शिक्षिकाएं रोते-बिलखते हुए नारेबाजी की..
प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी तादाद में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है. पुलिस शिक्षकों को समझाने की कोशिश की. लेकिन शिक्षक जिद पर अड़े रहे. आक्रोशित शिक्षक बंगले के बाहर बैठ लगातार नारेबाजी की. महिलाएं पुलिस की चेतावनी के बाद भी हटने को तैयार नहीं हुई.
प्रदर्शन करने पहुंची महिला शिक्षिकाओं ने मीडिया को बताया कि सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है. अब समायोजन की मांग कर रहे हैं. हमें समायोजित किया जाए. उन्होंने कहा समायोजन के लिए जो कमेटी गठित की गई. वह कब रिपोर्ट देगी. क्या इसकी कोई तारीख भी नहीं दी गई है.
इस प्रदर्शन पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीएड शिक्षक अपनी मांग को लेकर मंत्री ओपी चौधरी से मिलने उनके निवास गए थे. जहां पर पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. जबरिया बसों मे भरकर डेढ़ घंटे तक नया रायपुर के आसपास घुमाते रहे. पुलिस उनको संगीन धाराओं मे फंसाने की धमकी दे रही है.
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मंत्री से मिलने जाना. अपनी मांग रखना गुनाह हो गया है. खुद को यूथ आइकॉन बताने वाले ओपी चौधरी युवाओं से मिलने में डर रहे हैं.
बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के आंदोलन को कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है. बीते दिनों सहायक शिक्षकों के मंच पर खुद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश भी पहुंचे थे. मंच से भूपेश बघेल ने कहा था कि ये पहली ऐसी सरकार है जो दी गई नौकरी को युवाओं से छीन रही है.
नाराज शिक्षकों ने कहा कि दी गई नौकरी को बचाने के लिए सरकार से गुहार लगा रही हैं. लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. शिक्षकों का कहना था कि अगर सरकार उनका समायोजन कर देती है तो वो अपना आंदोलन खत्म कर देंगे. उनकी मांग सुनने के लिए कोई भी तैयार नहीं है.
शिक्षकों का कहना है वो लंबे वक्त से परिवार के साथ सर्दी के मौसम में बच्चों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले के बाहर डटे शिक्षकों की मांग है कि उनकी समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए.
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