राशन वितरण में अनियमितता, मृतकों को बताया जिंदा, 8.69 लाख का घपला उजागर, ग्रामीणों ने दुकान संचालक की बर्खास्तगी की मांग
Irregularities in ration distribution, dead people presented as alive, 8.69 lakh scam exposed, villagers demand dismissal of shop owner
ग्रामीणों ने दुकान संचालक की बर्खास्तगी की मांग
बिलासपुर : बिलासपुर जिले के मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत चकरबेढ़ा में सरकारी राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने राशन दुकान संचालक पर हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं देने और मनमानी शर्तें थोपने का आरोप लगाया है. इस बारे में ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत में ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान संचालक द्वारा अंगूठा लगवाने के बावजूद हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं दिया जा रहा है. जब हितग्राही पूछताछ करते हैं तो संचालक द्वारा चावल नहीं आने, कहीं और से खरीदकर देने या चावल के बदले नकद रकम देने जैसे जवाब दिए जाते हैं. इससे शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि दुकान संचालक द्वारा इस तरह की बातें फैलाकर पीओएस मशीन से घर मे तौल कर गड़बड़ी की जा रही है. और हितग्राहियों को घर वापस भेज दिया जा रहा है.
आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अपनी मनमानी से राशन वितरण किया जा रहा है. जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की पूर्व में भी शिकायत की जा चुकी है. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राशन दुकान संचालक के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए. ताकि भविष्य में इस तरह की हेराफेरी पर रोक लग सके. वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद खाद्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी.
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सारंगढ़ : सारंगढ़ जिला में बरमकेला विकासखंड के ग्राम मारोदरहा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर सहायक खाद्य अधिकारी द्वारा 13 एवं 14 दिसंबर 2025 को जांच की गई. जांच में राशन वितरण से संबंधित अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख किया गया है.
जांच प्रतिवेदन के मुताबिक दुकान के अभिलेखों और भौतिक स्थिति में अंतर पाया गया. रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि कुछ ऐसे राशन कार्डों के माध्यम से खाद्यान्न का उठाव दर्शाया गया. जिनके धारक का निधन हो चुका है. जांच में जिन मृत कार्डधारकों के नाम सामने आए. उनमें लच्छीराम सिदार, रुपकुंवर डनसेना और राधेश्याम डनसेना शामिल हैं.
जांच रिपोर्ट के मुताबिक विक्रेता दिनेश डनसेना, जो ग्राम पंचायत में उपसरपंच भी हैं. उस पर आरोप है कि मृत कार्डधारकों के राशन कार्ड में अपने परिवार के सदस्यों के नाम जोडक़र राशन वितरण किया गया. जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में 24.31 क्विंटल चावल एवं 2.11 क्विंटल शक्कर की कमी पाई गई.
सहायक खाद्य अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया कि यह मामला छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन की श्रेणी में आता है. जांच के आधार पर कुल 8,69,699.88 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई है.
रिपोर्ट में शारदा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सचिव एवं संबंधित विक्रेता दिनेश डनसेना के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.
इसी कड़ी में जांच के दौरान यह भी उल्लेख किया गया है कि शारदा महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित गोबरसिंघा स्थित उचित मूल्य दुकान में भी अपयोजित खाद्यान्न पाया गया. जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है.
मामले में आगे की कार्रवाई सक्षम प्राधिकारी के स्तर पर प्रक्रियाधीन बताई गई है.
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