देवकर CMO की तानाशाही के खिलाफ पत्रकारों ने खोला मोर्चा, एसपी को सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
Journalists open front against the dictatorship of Deokar CMO, submit memorandum to SP, demand security and fair investigation, and threaten agitation.
बेमेतरा : बेमेतरा जिला के सभी पत्रकार गण (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी कड़ी में जब भी पत्रकारों द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) केशवराम साहू (देवकर) से जानकारी लेने या उनका पक्ष जानने की कोशिश की जाती है तो उनका व्यवहार बहुत ज्यादा नकारात्मक और अशोभनीय रहता है.
अमर्यादित व्यवहार
CMO देवकर, केशवराम साहू द्वारा जानकारी देने के बजाय पत्रकारों के साथ अभद्रता की जाती है. पत्रकारों को धमकाते हुए कहते हैं “जो छापना है छाप दो” या “चुनाव लड़ लो” जैसी राजनीतिक और अनर्गल टिप्पणियाँ कर पत्रकारों को उकसाने का प्रयास करते हैं.
पत्रकारों ने एस पी से शिकायत करते हुए कहा कि वह अधिकारी सबूतों के साथ छेड़छाड़ करा सकता है. आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यालय में होने वाली बातचीत को सीसीटीवी में ‘म्यूट वॉयस मोड’ पर रिकॉर्ड किया जाता है. ताकि सिर्फ विजुअल रिकॉर्ड रहे और ऑडियो सबूत न मिल सके. इसका उपयोग वे पत्रकारों को फसाने और अपना पक्ष मजबूत करने के लिए करते हैं.
जिला स्तरीय पत्रकारों ने अधिकारी पर आरोप लगाते कहा कि इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. अधिकारी अनियमितता और मनमानी कर रहा है. देवकर के गौरव पथ में आरसीसी नाली निर्माण में अनियमितता की गई है. जिसकी शिकायत पर पूर्व में जाँच टीम गठित की गई थी. जाँच लंबित होने के बावजूद CMO द्वारा नाली का मेजरमेंट कर भुगतान की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है.
पत्रकारों ने इस एसएसपी से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग करते कहा कि पत्रकारों पर अनुचित कार्रवाई की जा रही है. ।जब पत्रकारों ने उक्त भुगतान के बारे में जानकारी मांगी तो CMO ने न सिर्फ जानकारी देने से इंकार किया बल्कि उनके खिलाफ स्थानीय चौकी में एफ.आई.आर. भी दर्ज करा दी.
पत्रकारों ने एसएसपी से चर्चा करते बताया कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है. सार्वजनिक निकायों में पारदर्शिता लाना और ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा नैतिक और संवैधानिक दायित्व है. अधिकारी का ऐसा तानाशाही
व्यवहार न सिर्फ प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है. बल्कि विकास कार्यों में बाधक भी है. इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि: उक्त अधिकारी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए. पत्रकारों के खिलाफ दर्ज कराई गई दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को निरस्त कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनका ट्रांसफर किया जाए.
मांगें:
????CMO की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच।
????पत्रकारों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द और सुरक्षा सुनिश्चित।
????अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई व स्थानांतरण।
पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन की तैयारी होगी. SSP ने आश्वासन दिया कि मामला संज्ञान में है. ज्ञापन सौंपने जिला अध्यक्ष सहित श्रमजीवी जिला पत्रकार संघ मौजूद रहे.
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