गांव के किसानों ने लगाया गंभीर आरोप, पटवारी ने बिना जांच के कर दी बासमती धान की गिरदावरी, परेशान ग्रामीणों ने किया कार्रवाई की मांग
Farmers in the village leveled serious allegations that the Patwari had surveyed the Basmati rice without proper inspection. Distressed villagers demanded action.
खैरागढ़ : तहसील खैरागढ़ के ग्राम सर्रागोंदी, दुल्लीटोला और झोराझोरी के किसानों ने पटवारी हल्का क्रमांक 29 मनीषा जंघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. किसानों का कहना है कि पटवारी ने बिना मौका जांच किए गिरदावरी में सामान्य धान के स्थान पर बासमती धान दर्ज कर दिया. जिसके कारण उन्हें सोसायटी में धान विक्रय करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
किसानों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में उल्लेख किया कि उनके खेतों में सामान्य धान की फसल ली गई है. लेकिन पटवारी द्वारा रजिस्टर में बासमती धान अंकित कर दिया गया है. इतना ही नहीं कई खसरों में अन्य फसलों जैसे मोरिंगा, राहर दाल और टोपिका तक दर्ज कर दी गई हैं. जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पटवारी भूमि संबंधी कार्यों में मनमानी रकम की मांग करती हैं. किसान रामकुमार सेन, संतोष साहू, बनबोध साहू, कैलाश साहू और भगोली साहू ने बताया कि खाता विभाजन जैसे कार्यों के लिए 18 हजार से लेकर 60 हजार रुपये तक की मांग की गई है.
किसानों का कहना है कि राशि नहीं देने पर काम में जानबूझकर देरी की जाती है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी भूमि संबंधी कार्यों के लिए 18 से 60 हजार रुपये तक की अवैध मांग करती हैं. किसानों ने कलेक्टर से मांग किया कि मौके पर जांच कर गलत गिरदावरी में सुधार कराया जाए और पटवारी मनीषा जंघेल को तत्काल हटाकर किसी अन्य पटवारी की पदस्थापना की जाए. किसानों ने कहा कि जब तक यह सुधार नहीं होता तब तक वे सोसायटी में अपना धान बेच नहीं पाएंगे जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है.
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