विद्युत विभाग में कनेक्शन के नाम पर बिना रसीद दिए ग्रामीण उपभोक्ता और किसानों से लाखों रुपये की हो रही वसूली, ग्रामीणों ने लगाया आरोप

Lakhs of rupees are being recovered from rural consumers and farmers without giving receipt in the name of connection in the electricity department villagers alleged

विद्युत विभाग में कनेक्शन के नाम पर बिना रसीद दिए ग्रामीण उपभोक्ता और किसानों से लाखों रुपये की हो रही वसूली, ग्रामीणों ने लगाया आरोप

धमतरी/मगरलोड : धमतरी जिले में बिजली विभाग के द्वारा किसानों को टेम्परेरी और परमानेंट कनेक्शन देने के नाम पर सरकारी दर से ज्यादा रकम राशि वसूल कर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है. इस मामले का खुलासा सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज से हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक मगरलोड उप संभाग केंद्र के अंदर जितनी भी वितरण कंपनी हैं. इनके अधिकारी कर्मचारी के मिलीभगत से रबी फसल और सब्जी बाड़ियों में सिंचाई के लिए कनेक्शन देने के लिए किसानों से नियम के खिलाफ लाखों रुपए की अवैध वसूली किया गया है.
बता दे कि यह मामला कनिष्ठ अभियंता राज्य विद्युत वितरण कंपनी मगरलोड उप संभाग के अंतर्गत विद्युत वितरण केन्द्र मगरलोड मोहंदी, मेघाऔर कुंडेल विद्युत केंद्र का है. जहां पर अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर खुलेआम विद्युत उपभोक्ताओं और किसानों के साथ टेम्परेरी और परमानेंट कनेक्शन के नाम पर सरकारी दर से ज्यादा रकम लेकर धोखाधड़ी किया गया है. 
गौरतलब है कि खेती बाड़ी में विद्युत कनेक्शन के लिए टेम्परेरी 35 सौ और परमानेंट कनेक्शन के लिए 13 हजार रुपए लिया गया है. रकम लेने के बाद किसी भी उपभोक्ताओं को रसीद नहीं दिया गया है.
ग्राम बूढाराव के किसान रमेश कुमार कुमार मंडावीऔर बीरबल मंडावी ने बताया कि टेम्परेरी कनेक्शन के लिए 35 सौ और परमानेंट कनेक्शन के लिए 13 हजार रुपए लेकर रसीद नहीं दिया है. जबकि कृषि उपयोग के लिए आवेदन शुल्क प्रोसेसिंग चार्ज 200 लगता है. पंप में प्रति किसान को शासन से एक लाख रुपया अनुदान मिलता है. कनेक्शन चार्ज करीब 2000 तक होता है टेम्परेरी कनेक्शन पर साल भर के लिए करीब 1500 रुपये है घरेलू कनेक्शन 2200 रुपए है. लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा आम जनता को खुलेआम लूटा जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा कई श्रेणियां के आवेदन को 150 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन शुल्क के सरलीकरण और कई कार्यालयों में प्रदर्शित करने के लिए निर्देश दिया गया है. उक्त निर्देश की कड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक रायपुर के 20 मार्च 2024 के परिपालन में कई श्रेणी के आवेदन को 150 किलोवाट तक नए विद्युत कनेक्शन के लिए शुल्क को कंपनी के वेबसाइट में आईटीसी द्वारा प्रदर्शित कर दिया गया है और मोबाइल एप्लीकेशन मोर बिजली एप्प में समय सीमा के अंतर्गत नए विद्युत कनेक्शन का शुल्क गणन उपलब्ध कराया जाना है.
इसी तरह क्षेत्रीय मैदानी कार्यालय द्वारा नए विद्युत कनेक्शन के लिए शुल्क जोन संभाग वितरण केंद्र नगर निगम परिषद ग्राम पंचायतों के कार्यालय में प्रदर्शित करने के लिए दिशा निर्देश किया गया है. इसके बावजूद मगरलोड विद्युत वितरण केंद्र में आम उपभोक्ता और किसानों ने ज्यादा शुल्क लेकर भ्रष्टाचार किया गया है. इसकी निष्पक्ष जांच होने से भ्रष्टाचार का खुलासा हो जाएगा. यह पूरा मामला सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के मुताबिक है.  इसी तरह मगरलोड सहित पूरे जिले के सभी वितरण केन्द्र में होने का आरोप है.
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