झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, सरकारी शिक्षक के घर से भी बरामद हुई दवाइयां, 2 अवैध क्लिनिक सील, दो के खिलाफ नोटिस जारी
Major action taken against quack doctors medicines recovered from government teacher house 2 illegal clinics sealed notice issued against two
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अवैध क्लीनिकों में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का काम धड़ल्ले से जारी है. कई बार ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मरीजों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है.
कुछ इसी तरह जिले के कई इलाकों में चल रहे अवैध क्लिनिकों को आज एंटी-क्वेकरी टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए सील किया है. हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई क्लिनिकों में झोलाछाप संचालक बिना डिग्री और वैधानिक दस्तावेज के प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे. एंटी-क्वेकरी टीम ने कार्रवाई के दौरान गर्भपात की प्रतिबंधित दवाइयां भी बरामद की हैं.
बता दें कि अवैध क्लिनिक के जरिए लोगों के सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ की लगातार शिकायतों के बावजूद इन्हें रोकने-टोकने के लिए बनाई गई टीम न तो दौरे पर जाती थी और न ही कभी कोई कार्रवाई करती थी.
ऐसे में सीएमएचओ गार्गी यदु ने एक स्पेशल एंटी-क्वेकरी टीम का गठन कर अभियान शुरु कर दिया है. इस टीम ने फिंगेश्वर ब्लॉक के भेण्डरी में छापामारी की. टीम का नेतृत्व कर रहे डीएचओ लक्ष्मीकांत जांगड़े और क्लास वन मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अंकुश वर्मा ने बताया कि भेण्डरी में संचालित अवैध क्लिनिक पर छापेमारी की गई. इसे एक शिक्षक द्वारा संचालित किया जा रहा था. इसी तरह कोसूमखूंटा में वीरेंद्र महलदार के यहां पहुंचे. तो मरीज को आईवी से ड्रिप चढ़ाते मिला. क्लिनिक का संचालन कर रहे दोनों व्यक्तियों के पास कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं मिलने पर अवैध क्लीनिकों को विधिवत सील कर दिया गया.
डीएचओ लक्ष्मीकांत जांगड़े और मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अंकुश वर्मा ने बताया कि भेण्डरी और कोसूमखूंटा के अलावा लचकेरा और रजनकटा में भी झोलाछाप क्लिनिक में कार्रवाई की गई. सभी जगह भारी तादाद में एक्सपायरी दवा के अलावा दर्द और गर्भ जांच, गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित दवाइयां मिली है. किसी भी क्लिनिक में वेस्ट मैनेजमेंट नहीं देखा गया और इस्तेमाल किए गए सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल होने की भी संभावना बनी हुईं थी. स्वास्थ्य विभाग की इस क्रॉस कार्रवाई में अवैध संचालकों के अलावा पर्दा डालने वाले जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है.
इस मामले पर सीएमएचओ गार्गी यदु ने बताया कि जिले में क्वेकरी की भारी शिकायतें थीं. उनमें सबसे ज्यादा फिंगेश्वर ब्लॉक में हैं. कलेक्टर सर के संज्ञान में यह टीम बनाई गई थी. बारी-बारी से सभी ब्लॉक में इसी तरह कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई के दौरान संचालक कुछ अधिकारियों के नाम भी लेते दिखे. इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को देकर उनके मार्गदर्शन में आगे की कार्रवाई की जाएगी. हमारा मकसद बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के साथ ही सेहत से होने वाले खिलवाड़ को रोकना है. इसके लिए हर जरुरी कदम उठाए जाएंगे.
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