शराब दुकान के विरोध में कई जगह धरना, महिलाओं ने निकाली मशाल रैली, आसपास के ग्रामों से मिल रहा समर्थन, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण

Protests against the liquor shop at many places, women took out a torch rally, getting support from nearby villages, villagers sit on indefinite protest

शराब दुकान के विरोध में कई जगह धरना, महिलाओं ने निकाली मशाल रैली, आसपास के ग्रामों से मिल रहा समर्थन, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण

खौली में शराब दुकान विरोधी धरना जारी, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण

रायपुर : आरंग विधानसभा के अंतर्गत स्थित ग्राम खौली में राज्य सरकार द्वारा शराब दुकान खोलने का आदेश जारी किया। इस आदेश का ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने दबाव बनाकर सरपंच से शराब दुकान खोलने का प्रस्ताव लिया गया है. ग्रामीणों के विरोध के चलते उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि ग्राम खौली में शराब दुकान नहीं खुलेगी.
लेकिन शासन द्वारा शराब दुकान खोले जाने के बारे में जारी नई लिस्ट में आरंग विधानसभा में ही पांच शराब दुकान खोला जाना है. जिसमें ग्राम खौली को भी शामिल किया गया है. इसके चलते अब ग्रामीण सड़क की लड़ाई पर उतर आए हैं. और शराब दुकान खोले जाने के खिलाफ उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया है.
धरना दे रही महिलाओं ने कहा कि कल तक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बीजेपी के बड़े नेताओं द्वारा शराब को चुनाव पर बड़ा मुद्दा बनाकर अपनी सरकार बना ली. लेकिन आज भाजपा के शासनकाल में गांव-गांव में शराब भट्टी खोलने पर उतारु है.
वहीं गांव में अब शराब भट्टी खुलने से गांव और आसपास के गांवो में भी अपराध बढ़ने लगेंगे. बहन-बेटियों को पियक्कड़ों का तंज झेलना पड़ेगा. वहीं गांव की शांति भी भंग हो जाएगी.
कांग्रेस का समर्थन मिला
शराब दुकान के विरोध में ग्राम खौली के ग्रामीणों को अब कांग्रेस पार्टी का पूरा समर्थन मिला. जिसमें समर्थन देने कांग्रेस के नेता वतन चन्द्राकर जिपं सदस्य, पूर्व जनपद अध्यक्ष अखिलेश देवांगन, उद्यो वर्मा कांग्रेस रायपुर जिला अध्यक्ष, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज शर्मा, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के ललिता दीदी, मुकुल वर्मा, लखन चंद्राकर, पूर्व सरपंच, राजेंद्र टंडन सरपंच और विभिन्न संगठनों ने अपना समर्थन दिया है.
समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेता वतन चंद्राकर और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष पंकज शर्मा ने सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विष्णु देव की सरकार आप गांव-गांव में शराब भट्टी खोलने मन बना लिया है. सरकार गांव के युवाओं को शराब के नशे में डूबाना चाह रही है.
वहीं सरकार प्रदेश की जनता को शिक्षा से वंचित रखने के लिए 10 हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद किया जा रहा है. स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी तो वहीं किसान खाद और बीज की कमी से जूझ रहे हैं. पूरे प्रदेश में विकास की गति पूरी तरह से ठप हो चुकी है. अब सरकार शराब दुकान खोलकर गांव की युवाओं को अपाहिज बनाने पर तुली हुई है. जहां कांग्रेस पार्टी ग्राम खौली वासीयों के समर्थन में सरकारी शराब भट्टी के खिलाफ हर स्तर की लड़ाई लड़ने के लिए ग्रामवासियों के साथ खड़े होने की बात कही.
ग्राम खौली में शराब दुकान खोलने के लिए जगह देने के इच्छुकों से आबकारी विभाग द्वारा निविदा आमंत्रित करने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बीते 25 जून से धरना प्रदर्शन जारी कर दिया है. जो तीसरे दिन भी जारी रहा. खौली वासियों के इस मुहिम को नजदीकी ग्रामों से समर्थन मिलने का सिलसिला जारी है और वे धरना में शामिल हो इस मुहिम को समर्थन देने के साथ संघर्ष में सहभागी बनने का वादा कर रहे हैं.
रायपुर जिले में खोले जाने वाली 7 शराब दुकानों में से आरंग विधानसभा क्षेत्र में  खुलने वाली 5 शराब दुकानों के लिये चयनित  ग्रामों में से खौली के बाद पलौद में भी विरोध का स्वर जहां उठने लगा है. वहीं चयनित नगर पंचायत समोदा ने भी ग्रामीणों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंप शराब दुकान नहीं खोलने  की मांग की है.
ग्रामीणों के  पुरजोर विरोध के बाद भी शासन ने खौली में शराब दुकान खोलने का फैसला कर जगह मुहैया कराने के इच्छुक ग्रामीणों से आसन्न 2 जुलाई तक निविदा आमंत्रित की है. इसके बाद से आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलनात्मक रुख अपना लिया है.
शुरुआती दिन जहां पालकों के आव्हान पर प्राथमिक, मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों ने स्कूल का दरवाजा भी नहीं झांका. वहीं आंदोलन के दूसरे दिन से आसपास के ग्रामों के जागरुक ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधि धरना स्थल पहुंचकर इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं.
गुरुवार को जहां नारा और सकरी से समर्थन  मिला वहीं शुक्रवार को ग्राम बुड़ेनी, करहीडीह, मालीडीह, डिघारी, बुडगहन, कठिया और चंदखुरी फार्म के जागरुक और प्रबुद्ध ग्रामीणों सहित कतिपय पंचायत प्रतिनिधियों ने धरना में शामिल हो अपना समर्थन दिया.
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बरड़ गांव में शराब ठेके के खिलाफ दूसरे दिन भी धरना जारी

बिलासपुर/बरठीं : झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत सुन्हाणी के बरड़ गांव में नए खुले शराब ठेके के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध वीरवार को भी जारी रहा. ग्रामीणों ने ठेके को गांव से दूर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बड़ी तादाद में महिलाएं और स्थानीय लोग शामिल रहे. एसडीएम मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया.
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर ठेका खोला गया है. वह स्कूली बच्चों के मुख्य रास्ते पर पड़ता है. इससे बच्चों और महिलाओं की आवाजाही पर नकारात्मक असर पड़ेगा. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने इसे बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक बताते हुए तत्काल ठेका हटाने की मांग की. प्रदर्शन की खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को शांत रखने की कोशिश की. पंचायत उप प्रधान विक्रम सिंह परमार भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे.
उपमंडल अधिकारी शर्मा ने ग्रामीणों और ठेकेदार से बातचीत की. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले में सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लेगा. शराब ठेके के मालिक विकास ने कहा कि ठेका पूरी तरह से वैध है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं.
उन्होंने कहा कि वह नियमों का पालन करते हुए ठेका संचालित कर रहे हैं. बताते चलें कि यह मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. जहां एक ओर ठेकेदार के पास वैध लाइसेंस है. वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा का सवाल भी खड़ा है. उपमंडल अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मामले में जल्द ही संतुलित व उचित फैसला लिया जाएगा.
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भिलाई में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का प्रदर्शन, खुर्सीपार से शॉप हटाने की मांग

भिलाई : छत्तीसगढ़ के भिलाई में खुर्सीपार क्षेत्र की महिलाओं ने स्थानीय शराब दुकान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरीं और शराब दुकान को तत्काल हटाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. जिससे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है.
सामाजिक समस्याओं का आरोप
महिलाओं ने बताया कि खुर्सीपार में शराब दुकान के आसपास नशे में धुत लोग अक्सर हंगामा करते हैं. जिससे स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं और स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है. प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र में अपराध और घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं.
शिवसेना का समर्थन
प्रदर्शन को शिवसेना कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला. शिवसेना ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ही शराब दुकान को खुर्सीपार से नहीं हटाया. तो वे उग्र आंदोलन शुरु करेंगे. शिवसेना के स्थानीय नेता ने कहा कि शराब दुकान न सिर्फ सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही है. बल्कि युवाओं को नशे की लत की ओर धकेल रही है.
प्रशासन से वार्ता की मांग
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की. उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की अपील की. प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग किया कि क्षेत्र में नशा विरोधी जागरुकता अभियान चलाया जाए. पुलिस ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा.
भविष्य में और सख्ती की चेतावनी
शिवसेना और स्थानीय महिलाओं ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई. तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दिया कि शराब दुकान को हटाने में देरी से क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है. पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरु करने की बात कही है.
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