रजा यूनिटी फाउंडेशन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सरकार से शांति बहाल करने की मांग की

Raza Unity Foundation demands government to restore peace against atrocities on minorities in Bangladesh

रजा यूनिटी फाउंडेशन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ सरकार से शांति बहाल करने की मांग की

अंबिकापुर : 13 अगस्त 2024 को रजा यूनिटी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के सभी अधिकारी एवं कार्यकर्ता गढ़ बांग्लादेश में हो रहे हिंसा विद्रोह एवं अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल और आम नागरिकों के जान माल को क्षति पहुंचाने के बारे में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया.
रजा यूनिटी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष शादाब आलम रजवी और अंबिकापुर यूनिटी के अध्यक्ष मंसुर आलम रजवी द्वारा संयुक्त रुप से स्थानीय पत्रकारों को उक्त पारित निंदा प्रस्ताव से अवगत कराते हुए कहा कि बांग्लादेश के विद्रोहियों एवं अराजक तत्वों द्वारा जिस तरह से हिंसा करते हुए अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल और आम नागरिकों के जान माल को क्षति पहुंचा जा रहा है. वह निंदनिय है. इसलिए हमारे संस्था द्वारा उक्त कृत्य की घोर निंदा की जा रही है.


रजा यूनिटी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जब शादाब आलम रजवी ने भारत सरकार से मांग की है कि इस मसले में हमारे देश की कूटनीति के तहत दखल देते हुए बांग्लादेश में शांति बहाल करने के लिए यथाशीघ्र जरुरी कदम उठाए जायें.
इस मौके पर रजा यूनिटी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के कार्यालय में काफी तादाद में अंबिकापुर एवं आसपास क्षेत्र की मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ व्यक्ति और बुद्धिजीवी मौजूद थे.
उक्त निंदा प्रस्ताव पारित करने के दौरान प्रमुख रूप से अधिवक्ता नौशाद सिद्दीकी और रजा यूनिटी फाउंडेशन छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ता साजिद अशरफ़, शेख अमीन हुसैन रजवी, दिलेर अंसारी, मोहम्मद असलम, मोहम्मद अख्तर, अल्ताफ रजा, जुबेर सिद्दीकी, जियाउल अमीन, ताहिर हुसैन, गुलाम मुस्तफा शमिमी, रिंकू, आशिक, मतलूब आलम नसीरुद्दीन, नौशाद कादरी वगैरह ढेर सारे लोग मौजूद थे.
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