एडमिशन नहीं मिलने पर छात्र का बड़ा कदम, नौवीं में प्रवेश नहीं मिलने से टूटा स्टूडेंट, कीटनाशक पीने से मची अफरा-तफरी, जिला अस्पताल पहुंचे DEO

Student takes drastic step after being denied admission; devastated by failure to secure a seat in Class 9, he consumes pesticide, causing panic; District Education Officer (DEO) rushes to the district hospital.

एडमिशन नहीं मिलने पर छात्र का बड़ा कदम, नौवीं में प्रवेश नहीं मिलने से टूटा स्टूडेंट, कीटनाशक पीने से मची अफरा-तफरी, जिला अस्पताल पहुंचे DEO

गौरेला पेंड्रा मरवाही : पेंड्रा जिले के पेंड्रा में विकासखंड  नौवीं कक्षा में प्रवेश नहीं मिलने से परेशान एक छात्र ने कीटनाशक का सेवन कर लिया. परिजनों की तत्परता और चिकित्सकों के समय पर इलाज से छात्र की जान बच गई. वर्तमान में उसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. यह मामला पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खरड़ी के उरांव मोहल्ला का है.
मिली जानकारी के मुताबिक पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खरड़ी के उरांव मोहल्ला निवासी छात्र सुनील उरांव ने इस वर्ष आठवीं कक्षा पास की थी. वह आगे की पढ़ाई के लिए कोड़गार स्थित हाई स्कूल में नौवीं कक्षा में प्रवेश लेना चाहता था. बताया जा रहा है कि जरुरी दस्तावेजों की कमी की वजह से उसका एडमिशन नहीं हो सका. छात्र लगातार दस्तावेज तैयार कराने और स्कूल में दाखिला पाने का प्रयास कर रहा था. लेकिन कामयाबी नहीं मिलने से वह मानसिक तनाव में था.
परिजनों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से सुनील अपने भविष्य और पढ़ाई को लेकर काफी परेशान था. इसी तनाव के बीच उसने घर में कृषि कार्य के लिए रखे गए कीटनाशक का सेवन कर लिया. घटना के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. जिसके बाद परिजन फौरन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.
अस्पताल में चिकित्सकों ने फ़ौरन इलाज शुरू किया और समय रहते उसकी हालत को कंट्रोल कर लिया. डॉक्टरों के मुताबिक छात्र की हालत अब स्थिर है. हालांकि एहतियातन उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि छात्र किस दस्तावेज की अनुपलब्धता की वजह से प्रवेश से वंचित रहा और समय पर दस्तावेज उपलब्ध क्यों नहीं हो सके. संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है.
जिला अस्पताल पहुंचे DEO रजनीश तिवारी
इस मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रजनीश तिवारी खुद जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती छात्र से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना. उन्होंने चिकित्सकों से बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र का प्रवेश सिर्फ तकनीकी या अन्य कारणों से रोका नहीं जा सकता है. छात्र को प्रवेश देने से शिक्षा विभाग ने मना नहीं किया था. छात्र सिर्फ विद्यालय से प्रवेश फार्म लेकर आया था. मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है. ताकि वास्तविक तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके. कहीं भी प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही या अनावश्यक बाधा उत्पन्न की जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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