धोरों का ये फूल उतार देगा रेगिस्तान की लू, इससे बनता है रायता-रोटी-चूरमा
Gangaur : घोरों के प्रदेश राजस्थान में कई ऐसे पेड़ पौधे हैं जो सीजन के अनुसार उगते हैं. इन पौधों का किसी किसी त्यौहार से गहरा नाता है. साथ ही यह औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. हम बात कर रहे हैं रेगिस्तान के एक स्पेशल पौधे फोग की. इसे देशी भाषा में फोगला कहा जाता है. यह झाड़ी पर उगने वाला फूल होता है. जिसका उपयोग रायता चूरमा और रोटी में होता है.फोग का गणगौर के साथ सीधा संबंध है. कई त्योहारों पर इसका उपयोग होता है.
Gangaur : घोरों के प्रदेश राजस्थान में कई ऐसे पेड़ पौधे हैं जो सीजन के अनुसार उगते हैं. इन पौधों का किसी किसी त्यौहार से गहरा नाता है. साथ ही यह औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. हम बात कर रहे हैं रेगिस्तान के एक स्पेशल पौधे फोग की. इसे देशी भाषा में फोगला कहा जाता है. यह झाड़ी पर उगने वाला फूल होता है. जिसका उपयोग रायता चूरमा और रोटी में होता है.फोग का गणगौर के साथ सीधा संबंध है. कई त्योहारों पर इसका उपयोग होता है.
आदिवासी परंपरा में महुआ का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण है. कहा जाता है कि जब भोजन की समस्या आती थी तो आदिवासी समाज महुआ के फूल-फल को खाकर अपना जीवन गुजारते थे. चित्रकूट पाठा क्षेत्र में आदिवासी समाज के लोग ज्यादातर खाने में महुआ का प्रयोग करते हैं. महुआ का पेड़ सर्वगुण संपन्न है. इसके फूल का रस ताकत देता है. आयुर्वेद ने महुआ को विशेष माना है. महुआ खाने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है. पेट का अल्सर समेत अन्य रोग भी इसका सेवन करने से ठीक होते हैं. ऐसे में हम आज एक्सपर्ट से जानेंगे कि इसे खाने से क्या नुकसान और फायदे होते हैं.
चित्रकूट के मानिकपुर सीएचसी में तैनात डॉक्टर पवन ने बताया कि महुआ का सेवन सेहत को कई तरह के लाभ पहुंचाता है. क्योंकि, महुआ औषधीय गुणों से भरपूर होता है. महुआ का सेवन करने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं. महुआ में प्रोटीन, फैट, आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद साबित होते हैं. गुणों की बात करें तो मधुमेह से पीड़ित लोगों को महुआ लाभ पहुंचाता है. इसकी पत्तियों का अर्क भी शुगर को कंट्रोल करता है. दूध और महुआ का मिश्रण उच्च रक्तचाप को रोकने में भी मदद करता है.
महुआ खाने से होने वाले नुकसान
महुआ का अधिक मात्रा में सेवन करना हमारे लिए हानिकारक भी हो सकता है. क्योंकि, अगर आप ब्लड शुगर लेवल कम करने की दवा का सेवन करते हैं तो आपको महुआ का सेवन करने से बचना चाहिए. महुआ का अधिक मात्रा में सेवन करने से इंफर्टिलिटी की परेशानी भी हो सकती है. वहीं, कुछ लोगों को महुआ में मौजूद किसी तत्व से एलर्जी भी हो जाती है. ऐसे में इसका सेवन करने पर सांस लेने में दिक्कत, त्वचा चकत्ते विकसित होना, खुजली या जलन जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं.



