संजीवनी से कम नहीं ये छोटा दाना, कई रोगों पर करता है जोरदार हमला, जानें उपयोग

Health News : धरती पर तमाम औषधीयां अपने गुणों के कारण मशहूर है और कुछ ऐसी भी औषधीयां हैं, जिनको पाना तो बहुत आसान है, लेकिन लाभ से बहुत लोग अपरिचित होते हैं. आज हम एक ऐसी औषधि की बात करेंगे जो एक नहीं बल्कि अनेक रोगों के लिए यमराज है... (रिपोर्ट - सनन्दन उपाध्याय)

संजीवनी से कम नहीं ये छोटा दाना, कई रोगों पर करता है जोरदार हमला, जानें उपयोग

Health News : धरती पर तमाम औषधीयां अपने गुणों के कारण मशहूर है और कुछ ऐसी भी औषधीयां हैं, जिनको पाना तो बहुत आसान है, लेकिन लाभ से बहुत लोग अपरिचित होते हैं. आज हम एक ऐसी औषधि की बात करेंगे जो एक नहीं बल्कि अनेक रोगों के लिए यमराज है... (रिपोर्ट - सनन्दन उपाध्याय)

इन छोटे-छोटे दानों को हम सरसों के नाम से जानते हैं. यह सरसों का बीज है. यह काला और पिला दो रंग का पाया जाता है, और दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी और गुणकारी है. यह कई तरीके से विभिन्न बीमारियों में उपयोगी है.

Open photo

सरसों के अनेक लाभ बताए जाते हैं. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह को 7 सालों का अनुभव है. उनके पास आयुर्वेद में MD और पीएचडी इन मेडिसिन की डिग्री है. उन्होंने लोकल 18 से बताया कि इसका बीज पाचन तंत्र से जुड़ी तमाम समस्याओं में बहुत कारीगर है. इसके अलावा यह हड्डियों को मजबूत, हृदय रोग, मोटापा, सिर दर्द, बाल और चर्म से जुड़ी तमाम बीमारियों में बेहद उपयोगी है.

Open photo

सरसों के दाने को पीस करके और उसको शरीर के ऊपरी हिस्से पर तब तक मालिश किया जाए जब तक अपने आप सुख कर नीचे न गिर जाए. यह चर्म से जुड़ी तमाम समस्याओं को खत्म करने के साथ ही शरीर को सौंदर्यता भी प्रदान करती है. इसे आम तौर पर उबटन भी कहा जाता है.

Open photo

सरसों के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में सहायक होते हैं. इसके तेल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए मशहूर है. इसका तड़का भी लगाया जाता है. यह आयरन, कैल्शियम, सेलेनियम, फॉस्फोरस जैसे अनेक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इसका तेल, बीज, पाउडर और पत्तियां भी उपयोगी है. इनके पत्तियों का प्रयोग साग - सब्जियों में किया जाता है.

Open photo

बहुत ज्यादा इसका सेवन करने से पेट में जलन, उल्टी - दस्त, पेट में दर्द, खुजली, पित्ती, होंठ, जीभ - गले में सूजन, सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए बीमारियों को ठीक करने के लिए अगर आप उपयोग करना चाहते हैं तो एक आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेकर ही करें और जिनको सरसों से एलर्जी है वह इसका प्रयोग बिल्कुल न करें.