विकास उपाध्याय ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ डीएफओ कार्यालय में किया घेराव, 167 लोगों को दिलाना चाहते है फांसी की सजा -भूपेश बघेल
Vikas Upadhyay along with Congress workers gheraoed the DFO office wants to give death sentence to 167 people Bhupesh Baghel
रायपुर : पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि करोड़ों रुपये के छत्तीसगढ़ में हो रहे लकड़ियों की तस्करी के मामले में दर्जनों साथियों सहित विकास उपाध्याय ने रायपुर डीएफओ कार्यालय में डीएफओ को घेरा. एक घंटे से भी ज्यादा घेराव बाद रायपुर डीएफओ कार्यवाही के बारे में उचित जवाब देने से बचते रहे.
उपाध्याय ने बताया कि लकड़ी परिवहन में बहुत बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है. जिसमें फॉरेस्ट विभाग द्वारा शासन की मिलीभगत से उड़िसा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में अवैध लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है. जो गोला लट्ठा लकड़ी उड़िसा में बैन है वह गोला लकड़ी कैसे छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पहुंच जा रहा है और छत्तीसगढ़ बॉर्डर में जो बैरियर होता है फॉरेस्ट डिपो का वहां बिल्टी में ट्रक को पकड़ा जाता है और ट्रक में बिल्टी को चेक किया जाता है. तो बिल्टी में चिरान लकड़ी लिखा होता है जबकि हकीकत में ट्रक के अंदर माल होता है गोला लकड़ी. तो इसे कैसे परमिट किया गया यह पहला सवाल खड़ा होता है.
और दूसरा सवाल रायपुर डीएफओ से पूछने पर कि जिस गोला लकड़ी को रायपुर में 19 सितम्बर 2024 को जब्त किया गया. क्या उस फर्म या कम्पनी प्रिमाईसेस के ऊपर कार्यवाही हुई. तो उनका जवाब मिलता है कि अभी इस पर कार्यवाही चल रही है. जबकि आज 17-18 दिन हो चुके जिस पर फॉरेस्ट विभाग अभी तक कार्यवाही के नाम पर सिर्फ और सिर्फ लीपापोती कर इस बड़े भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है.
विकास उपाध्याय ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कुछ टिम्बर कंपनी, ट्रेडर्स और ठेकेदार उड़ीसा से गलत दस्तावेज द्वारा लकड़ी मंगवा रहे हैं. जिसकी जांच छत्तीसगढ़ वन विभाग कर रही है. वहीं उड़ीसा के लकड़ी व्यापारी भी उड़ीसा वन विभाग से गलत दस्तावेज बनवाकर लकड़ी को रायपुर भेज रहे हैं. उड़ीसा राज्य की प्राइवेट पार्टी को किसी अन्य राज्य में इमारती लकड़ी (गोला लट्ठा) के बिक्री की अनुमति नहीं है. वहीं उड़ीसा वन विभाग के अधिकारी और रायपुर के कुछ लकड़ी ठेकेदारों की मिलीभगत से अवैध लकड़ी रायपुर लाया जा रहा है.
पिछले दिनों रायपुर के एक टिम्बर व्यापारी के यहां छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने एक ट्रक इमारती लकड़ी (साल लकड़ी के लट्ठे) जप्त कर विभाग के डिपो में ले गए. जिसका जप्तीनामा बनाया जा चुका है. फिर छत्तीसगढ़ का वन विभाग उड़ीसा वन विभाग से संपर्क कर इस मामले को गंभीरता से जांच कर रही है और छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा इस अवैध लकड़ी (लट्ठे) का पी.ओ.आर. बना दिया गया. जिस साल लट्ठे की लकड़ी को गाड़ी से भेजा गया है. इसमें साल चिरान की लकड़ी की टी.पी. जारी की गई है.
माल की बिक्री चालान और सोइंग टैक्स इनवॉइस से ट्रांजिट हो रहा है. जहां कुल माल की कीमत करीब 20 लाख रुपये होनी चाहिए. वहीं 36,406 रुपये का टैक्स इनवॉइस है. जिसमें कई ट्रक जाली दस्तावेजों से उड़ीसा से रायपुर आ रहे हैं.
अब सवाल यह है कि ट्रेडर्स में साल गोले का पी.ओ.आर. बनाने के बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है? पहले भी साल गोला एक कंपनी में आया था जिसका जब्तीनामा क्यों नहीं बनाया गया? जबकि डिप्टी रेंजर द्वारा अपने बयान में कहा गया था उसके बाद भी कार्यवाही नहीं की गई.
अब तक छत्तीसगढ़ प्रदेश में ऐसी कितनी गाड़ियाँ आ चुकी हैं. जिसकी जांच तक नहीं कराई जा रही है. कार्यवाही होने तक ऐसे लोगों की टी.पी. क्यों नहीं रोकी जा रही है. जो चोरी का माल बाहर बेचने में सक्ध्य ने बताया कि परिवहन की लकड़ी भारी तादाद के लट्ठों में आती हैं जिसका करोड़ों में बड़ा लेन-देन होता है. यह अवैध लकड़ी के परिवहन में महासमुन्द, उड़ीसा और रायपुर तीनों जगहों के फॉरेस्ट अधिकारीयों की मिलीभगत है. जिन्हें बचाने का काम शासन द्वारा चल रहा है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार उड़ीसा में है. छत्तीसगढ़ में है और उत्तर प्रदेश जहां इस अवैध लकड़ी को पहुँचाया जा रहा है. इन सभी प्रदेशों की सरकार भारतीय जनता पार्टी की है. इसमें बड़े लोगों का हाथ है. करोड़ों का टेण्डर है. जिस पर लीपापोती का काम कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. आज इसके लिए विकास उपाध्याय अपने साथियों सहित 1 घंटे से भी ज्यादा समय तक डीएफओ कार्यालय रायपुर का घेराव करने पहुंचे. और डीएफओ से लिखित में जवाब मांगा गया कि आपने जो अवैध लकड़ी की गाड़ी पकड़ी है उस पर अब तक क्या कार्यवाही की है. इस पर रायपुर डीएफओ द्वारा जवाब दिया गया कि कार्यवाही अभी प्रक्रिया में है.
इस घेराव में विकास उपाध्याय के साथ अशोक सिंह ठाकुर, देवकुमार साहू, प्रकाशदास मानिकपुरी, रामदास कुर्रे, सोहन शर्मा, विकास अग्रवाल, पम्मी चोपड़ा, भूपेन्दर गिल, विकास पाठक, योगेश दीक्षित, डेमेन्द्र यदु, सोनू ठाकुर, रितेश साहू, अखिलेश जोशी, संदीप सिरमौर, शानू दीवान, राजेश बघेल, अतीत राठौर, श्रीनाथ भोगल, हर्षित जायसवाल, सूरज साहू आदि मौजूद थे.
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कवर्धा कांड…भूपेश ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- 167 लोगों को दिलाना चाहते है फांसी की सजा
रायपुर : कवर्धा कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोहारीडीह में पूरे गांव को संगीन धाराओं में फंसाकर जेल में डाला गया है. FIR से साफ हो रहा है कि भाजपा 167 लोगों को फांसी की सजा दिलाना चाह रही है.
कवर्धा के लोहारिडीह में हुए घटना को लेकर कांग्रेस लगातार मुद्दे को उठा रही है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कहा कि कुल 167 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. ऐसी धारायें लगाई गयी है.. जिसमें सभी को फांसी, दोहरा आजीवन कारावास की सजा समेत अलग-अलग धाराओं में कई साल तक जेल में बंद रखने की सजा हो सकती है. जबकि गिरफ्तार लोगों में कई ऐसे भी लोग हैं. जो घटना के दौरान गांव में ही नहीं थे. सरकार को दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए. लेकिन निर्दोषों के साथ इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता. उन्होंने सवाल पूछा कि लोहारीडीह मामले में आईपीएस अधिकारी विकास कुमार को क्यों निलंबित किया गया? क्या विवेचना सही नहीं किया गया था?
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारडीह मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. पत्र में उन्होंने हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच कराने की मांग की है.
बैज ने कहा कि, छत्तीसगढ़ आकर PM खुद को साहू समाज का बताते हैं. तो साहू समाज के बेटों की मौत पर उन्हें खड़ा होना चाहिए. राज्य सरकार को प्रधानमंत्री निर्देशित करें और इंसाफ दिलाएं.
चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के लोहारीडीह गांव के तीन साहू समाज के लोगों की मौत हो गई. एक की हत्या हुई. जिसे फांसी का रुप दिया गया. जिसके फलस्वरूप दूसरे व्यक्ति की उसके घर में ही जलाकर हत्या कर दी गई. तीसरे व्यक्ति की इन हत्याओं के बाद हुई पुलिस कार्यवाही में पुलिस के द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पिटाई से मौत हुई. पुलिस हिरासत में मृत प्रशांत साहू के पुरे शरीर पर गहरे चोट के निशान थे. इस घटना के बाद पुलिस ने लोहारीडीह गांव के 167 लोगों को गिरफ्तार कर जेल में बंद रखा है. जिसमें 65 महिलाएं हैं और 100 से ज्यादा साहू समाज के ही लोग हैं. गांव वालों और गांव की महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्वक पुलिस ने कपड़े उतार कर मारपीट किया है.
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राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में दलित के घर के किचन में बनाई दाल-सब्जी
कोल्हापुर : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक दलित परिवार के साथ बातचीत के दौरान संविधान की रक्षा और बहुजनों के अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
सोमवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो में, राहुल ने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा समावेश और समानता तभी साकार होगी जब हर भारतीय भाईचारे की भावना को अपनाएगा. वीडियो में राहुल गांधी की अजय तुकाराम सनाडे और अंजना तुकाराम सनाडे के घर की यात्रा को कैद किया गया.
राहुल ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि दलित किचन के बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं. जैसा शाहू पटोले जी ने कहा की दलित क्या खाते हैं. कोई नहीं जानता. वो क्या खाते हैं. कैसे पकाते हैं. और इसका सामाजिक और राजनीतिक महत्व क्या है. इस जिज्ञासा के साथ मैंने अजय तुकाराम सनदे जी और अंजना तुकाराम सनदे जी के साथ दोपहर बिताई. उन्होंने कोल्हापुर, महाराष्ट्र में मुझे अपने घर सम्मान के साथ बुलाकर रसोई में हाथ बंटाने का मौका दिया. हमने मिलकर चने के साग की सब्ज़ी ‘हरभऱ्याची भाजी’ और बैंगन के साथ तुवर दाल बनाई.
उन्होंने आगे लिखा कि पटोले जी और सनदे परिवार के जाति और भेदभाव के निजी अनुभवों पर बात करते हुए हमने दलित खानपान के प्रति जागरुकता की कमी और इस संस्कृति के प्रलेखन के महत्व पर चर्चा की.
राहुल ने कहा कि बहुजनों को हिस्सेदारी और अधिकार संविधान देता है. और उस संविधान की रक्षा हम करेंगे. लेकिन समाज में सभी की सच्ची समावेशिता और समानता तभी संभव होगी जब हर एक भारतीय दिल में भाईचारे की भावना के साथ प्रयास करे.
पुस्तक का मकसद दलितों द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को दृश्यता प्रदान करना है. जो काफी हद तक कई लोगों के लिए अज्ञात हैं. राहुल ने संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संविधान बहुजनों को हिस्सेदारी और अधिकार देता है और हम उस संविधान की रक्षा करेंगे.
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कोयला व इस्पात संसदीय बोर्ड की सदस्य बनी कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत
कोरबा : कोयला व इस्पात संसदीय सलाहकार समिति में कोरबा लोकसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत को संसदीय बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है. जिसकी पहली बैठक 9 अक्टूबर को दिल्ली लोकसभा सचिवालय में आहूत की गई है.
कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कोरबा लोकसभा क्षेत्र में ज्यादातर कोयले की खदान हैं साथ ही इनकी कई समस्याएं भी है. इन समस्याओं को लेकर 9 अक्टूबर को दिल्ली पार्लियामेंट में होने वाली बैठक में भू-विस्थापितों व उनके बसाहट और रोजगार के साथ-साथ खनन क्षेत्र के लोगों की मूलभूत समस्याओं को लेकर ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा.
सांसद ने कहा कि खनिज न्यास मद सहित सीएसआर मद से खनन क्षेत्र के लोगों व खदान व संयंत्रों से प्रभावित हो रहे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ आवागमन की सुविधाएं मिले. इन मुद्दों पर भी बैठक में ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा.
सांसद ने कहा कि कोयला क्षेत्र से जुड़े अधिकारी खदानों में सुरक्षा को लेकर और उनके बुनियादी सुविधाओं को लेकर जरा भी सजग नहीं है. कोयला खदान के कामगारों की भी समस्याओं को ये लोग नजर अंदाज कर रहे हैं.
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