सरायपाली, बालोद, कोरबा, कुनकुरी में भी छत्तीसगढ़ फेडरेशन अधिकारी कर्मचारी संगठन द्वारा मशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

In Saraipali Balod Korba Kunkuri also Chhattisgarh Federation Officer Employees Organization took out a torch rally and submitted a memorandum to the Chief Minister

सरायपाली, बालोद, कोरबा, कुनकुरी में भी छत्तीसगढ़ फेडरेशन अधिकारी कर्मचारी संगठन द्वारा मशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सरायपाली : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन सरायपाली के द्वारा मशाल रैली निकालकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नम्रता चौबे को ज्ञापन सौंपा गया. यह फेडरेशन के तृतीय चरण का कार्यक्रम था।कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक चंद्रहास पात्र ने विज्ञप्ति में बताया है कि शासन से प्रमुख रुप से 4% महंगाई भत्ता जो जनवरी 2024 से लंबित है. देय तिथि से दिए जाने और जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ता को जीएफएफ में समायोजन की मांग की रखी गई.
इसके साथ ही शासकीय सेवकों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान, केंद्र के समान गृह भाड़ा भत्ता दिए जाने की मांग रखी गई. उपरोक्त सभी बाते वर्तमान शासन ने अपने घोषणा पत्र में उल्लेखित कर मोदी गारंटी का नारा दिया था. जो आज तक पूरा नहीं हुआ है. इसी कड़ी में अवकाश नागदीकरण को मध्यप्रदेश की तरह 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन का करने की मांग की गई.
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के कोषाध्यक्ष अनिल पटेल ने कहा है की "झंन करो इंकार, मत भूलो सरकार" स्लोगन के साथ शासन को अपना वादा याद दिलाया गया है. अगर फिर भी शासन के द्वारा उपरोत मांगों पर आदेश जारी नहीं होता है तो आगामी 27 सितंबर से समस्त कर्मचारी अधिकारी काम बंद कलम बंद कर सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जायेंगे.जिसकी पूरी जबाबदारी शासन प्रशासन की होगी.
उक्त रैली में फेडरेशन के सचिव नेहरु चौधरी, सहसंयोजक भोलानाथ नायक, कई संघठन के प्रांतीय पदाधिकारी राजाराम पटेल, जयंत बारीक ब्लॉक अध्यक्ष गण किशोर रथ, भोजराज पटेल, लव पटेल, हेमंत चौधरी, चंद्रशेखर पटेल, ब्लॉक पदाधिकारी प्रेमलाल चौहान, यशवंत चौधरी, दरस पटेल, नरेश नायक, खिरोद्रा जेरी, लिंगराज देवांगन, दुर्बादल दीप, गणेशराम जगले, दीपक पटेल, रविशंकर आचार्य, तुलाराम पटेल, प्रेम पटेलआदि मौजूद रहे.
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बालोद : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के कर्मचारी अधिकारियो देय तिथि से मंहगाई भत्ता, लंबित एरियर्स सहित अन्य ज्वलन्त मुद्दों के निराकरण करने हेतु तीसरे चरण का आंदोलन मशाल रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय बालोद में पहुंचकर कलेक्टर को विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम पर ज्ञापन सौपा.
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अगर हमारी मांगे पूर्ण नही की जाती तो हम अनिश्चित कालीन आंदोलन करेंगे. इस मशाल रैली में जिला सयोजक मधुकांत यदु के नेतृत्व में जिले के पदाधिकारीगण घनश्याम पुरी जिलाध्यक्ष स्वास्थ्य विभाग,आर एस साहू ओबीसी संघ प्रदेश अध्यक्ष , नरेश कुमार भूआर्य अध्यक्ष आयुष कर्मचारी विकास संघ, अरविंद ठाकुर सचिव आयुष कर्मचारी विकास संघ, लोकेश कुमार जिला अध्यक्ष राजपत्र पटवारी संघ छत्तीसगढ़, जितेन सोनी जिला मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संघ, शन्नू सिंह जिला अध्यक्ष शासकीय लघु वेतन कर्मचारी संघ, पूनम चंद साहू सचिव शासकीय लघु वेतन कर्मचारी संघ अन्य कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सदस्य गण मौजूद थे.
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले मशाल चेतना रैली निकालकर राज्य सरकार द्वारा “मोदी की गारंटी” लागू करने के लिए प्रदेश के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन कर हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपें गए हैं। रैली में प्रदेश के सभी संभाग/ जिला/ ब्लॉक के प्रभारी/संयोजक/पदाधिकारी/प्रतिनिधियों ने मंत्रालय ने सामने “झन कर इनकार हमर सुनव सरकार” आंदोलन के प्रथम चरण में जमकर प्रदर्शन किया था। फेडरेशन ने मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन नहीं होने के स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है.
जिसके द्वितीय चरण में 20 से 30 अगस्त 24 तक सांसदों एवं विधायकों को ज्ञापन,तृतीय चरण में 11 सितंबर 24 को जिला/ब्लॉक/तहसील में मशाल रैली निकालकर प्रभावी प्रदर्शन किया. चौथे चरण में 27 सितंबर 24 को प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी सामूहिक अवकाश में रहकर कलम बन्द काम बन्द हड़ताल करेंगे. अगर सरकार ने मोदी की गारंटी पर क्रियान्वयन नहीं किया तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का आव्हान करेगा.
फेडरेशन के जिला संयोजक ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी का घोषणा हुआ था. सरकार बनने पर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केन्द्र के समान डी.ए. दिया जायेगा. लंबित डी ए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जी.पी.एफ. खाते में समायोजित किया जायेगा सहित अन्य 8 प्रतिबद्धता था. लेकिन सरकार बनने के बाद क्रियान्वयन पर सरकार का मौन धारण करना कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बन गया है. फेडरेशन लंबे समय से शासकीय सेवकों को केन्द्र के समान गृहभाड़ा भत्ता, अर्जित अवकाश 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने जैसे मुद्दों सहित शासकीय सेवक कल्याण के कई मुद्दों का ज्ञापन राज्य सरकार को समय-समय पर दिया है. लेकिन सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है.
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कोरबा : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कोरबा ने प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को जिले के सैकड़ों कर्मचारी- अधिकारियों ने यह मशाल रैली निकाली. लंबित डी ए सहित चार सूत्रीय मांगों पर निकाली थी. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया.
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कोरबा के विपिन यादव ने बताया कि भाजपा सरकार ने चुनावी वर्षों में अपने घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के विश्वास पर कर्मचारियों की मांगों को जगह दी थी. पर उन मांगों को आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया. उन्ही मांगों को पूरा करवाने और कर्मचारी हित में कार्य कराने के लिए मशाल रैली का आयोजन किया गया. जिस पर ब्लॉक व जिला मुख्यालय में चार सूत्रीय मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा.
फेडरेशन के संयोजक के. आर. डहरिया ने बताया कि कर्मचारियों की मुख्य मांगे (1) केंद्र के समान महंगाई भत्ता एवं देय तिथि से लंबित डीए-एरियर्स, (2) चार सूत्रीय वेतनमान, (3) केंद्र के समान गृह भाड़ा भत्ता, (4) 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अर्जित अवकाश नगदीकरण को लेकर आज मुख्यमंत्री के नाम जिला मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा गया.
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कोरबा के जे.पी.खरे, तरुण राठौर, एस एन शिव, ओम प्रकाश बघेल, विपिन यादव ने संयुक्त रूप से बयान जारी किया कि अगर सरकार हमारी इन चार सूत्रीय मांगों पर विचार नहीं करती है तो हम 27 सितंबर 2024 दिन शुक्रवार को प्रदेश के लाखों कर्मचारी अधिकारी के साथ जिले में एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर ब्लॉक व जिला मुख्यालय में धरने पर बैठेंगे.
फेडरेशन कोरबा ने जिले के विभिन्न संगठनों को शासन के वादाखिलाफी के खिलाफ आपसी एकता बनाए रखने का आह्वान किया व आज की मशाल रैली के सफल आयोजन के लिए जिले के समस्त कर्मचारी अधिकारी साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया.
इस मशाल रैली में के आर डहरिया, जेपी खरे, तरुण राठौर, एस एन शिव, ओम प्रकाश बघेल, विपिन यादव, तरुण वैष्णव, नित्यानंद यादव, कृति लहरे, नोहर चंद्र, सर्वेश सोनी, मानसिंह रठिया, विनोद सांडे, रामू पांडे, करपे मैडम, आर डी केशकर, पी पी एस राठौर, विनय शुक्ला, जय राठौर, रणजीत भारद्वाज, बीआर यादव, संजय चंद्रा, अभिषेक तिवारी, बाल गोविंद श्रीवास, अखिलेश साहू, मनोज लहरे, संतोष थवाईत, संतोष कर्ष, मुकेश कैवर्त, नर्मदा साहू, प्रीति एक्का, कमल श्रीवास, प्रवीण पालिया, चंद्रभान पाटले, अशरफ खान, अमरेंद्र सिंह, राकेश मिश्रा, मनीष जी यादव, अशोक कश्यप, अनूप सिंह, रामायण पात्रे, हरदेव कुर्रे, लव चौहान, सत्यज्योति महिलांगे आदि मौजूद थे.
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कुनकुरी : छ.ग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर चार सूत्रीय मांगो को लेकर जिला सहित सभी विकासखंडों में सरकार के रवैये से आक्रोशित कर्मचारी अधिकारियों ने विशाल मशाल रैली निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया. साथ ही जल्द ही सरकार द्वारा मांगों पर उचित फैसला नहीं लेने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है.
कुनकुरी में भी छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फैडरेशन के द्वारा खेल ग्राउंड से बस स्टैंड होकर जय स्तंभ चौक तक मशाल रैली निकालकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कुनकुरी तहसीलदार मुखदेव यादव को ज्ञापन सौंपा गया. उन्होंने बताया सरकार बार बार सिर्फ आश्वासन ही देती है. जबकि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में मोदी के गारंटी के तहत वादा किया था.
इस दौरान फेडरेशन अपने पूर्व घोषित आंदोलन के तहत आज फिर शांतिपूर्वक मशाल रैली के जरिए सरकार को याद कराया है. अगर जल्द ही इस पर सरकार सकारात्मक पहल नही करती है तो फेडरेशन अपने दुसरे चरण में प्रदेश के सभी जिलों में एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा. थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया शांतिपूर्वक रैली संपन्न हुई.
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