ग्रामीणों को नहीं मिला तेंदूपत्ता तोड़ाई और भराई का पारिश्रमिक, जिला पंचायत सदस्य से पीड़ित मजदूरों ने लगाई इंसाफ की गुहार
Villagers did not receive remuneration for plucking and packing tendu leaves; aggrieved laborers appealed to the District Panchayat member for justice.
जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के कई ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्राहकों को तोड़ाई और भराई का पारिश्रमिक मिलने में देरी हुई है. मई 2025 में संग्रहण कार्य पूरा होने के बावजूद कई जगहों पर भुगतान रुका हुआ है. जिससे ग्रामीणों को अपनी खेती और दैनिक जरुरतों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है.
बस्तर में तेंदूपत्ता आदिवसी वर्ग की आय का प्रमुख स्त्रोत्र है. लेकिन इसी काम में यहां के मजदूरों का आर्थिक शोषण जारी है. सुकमा जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई की मजदूरी का भुगतान कई मजदूरों को नहीं किया गया है.
सुकमा जिले के पतिकनाईकरास गांव के कई ग्रामीणों को फड़ मुंशी ने तेंदूपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई का पैसा नहीं दिया है. कई बार ग्रामीणों ने पैसे मांगे लेकिन नहीं मिला.
परेशान मजदूरों ने जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम से मामले की शिकायत की. जिसके बाद भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम ने डीएफओ से चर्चा कर फौरन पैसे दिलाने का आग्रह किया.
मिली जानकारी के मुताबिक पतिकनाईकरास गांव के एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता हुंगाराम मरकाम के घर पहुंचे. जहां उन्होने एक शिकायत पत्र दिया. जिसमें वर्ष 2025 का तेंदुपत्ता तोड़ाई और बोरा भराई का पैसा फड़ मुंशी द्वारा नहीं दिए जाने की बात कही गई है.
ग्रामीण कई बार फड मुंशी के पास गए और पैसे मांगे. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इसलिए ग्रामीणों ने हुंगाराम मरकाम के पास शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद हुंगाराम मरकाम ने तत्काल डीएफओ से चर्चा की और जल्द भुगतान कराने की बात कही. साथ ही हुंगाराम मरकाम ने ग्रामीणों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ जरुर मिलेगा.
अगर आप भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. तो आप संबंधित वन विभाग कार्यालय या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं. या समस्या निवारण के लिए SAMADHAN पोर्टल पर अपील दायर कर सकते हैं.
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