किसानों के खाते से 1 करोड़ की हेराफेरी, सहकारी बैंक के दो कर्मी गिरफ्तार, महिला शाखा प्रबंधक नीति दीवान फरार

1 crore fraud from farmers' accounts, two employees of cooperative bank arrested, female branch manager Neeti Diwan absconding

किसानों के खाते से 1 करोड़ की हेराफेरी, सहकारी बैंक के दो कर्मी गिरफ्तार, महिला शाखा प्रबंधक नीति दीवान फरार

दुर्ग : दुर्ग जिला सहाकारी केंद्रीय बैंक के प्रबंधक और अन्य स्टाफ पर करोड़ों रुपये के गबन का मामला उजागर हुआ है. यहां की महिला प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और लिपिक पर गबन का आरोप साबित हुआ है. इनके द्वारा किसानों के खाते से करीब एक करोड़ 3 लाख रूपये का आहरण कर गबन किया गया. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से ही महिला प्रबंधन फरार हो गयी है. यह मामला सहकारी केंद्रीय बैंक भिलाई तीन की सेवा सहकारी समिति सोमनी का है.
मिली जानकारी के मुताबिक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पुरानी भिलाई के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भुवाल ने बताया कि सहकारी बैंक की प्रबंधक रही नीति दीवान, सहायक प्रबंधक गजानन शिर्के और अतरिक्त कर्मचारी गोपाल वर्मा ने कूटरचना कर किसानों के खाते से करोड़ों रुपये का गबन किया.
शिकायत के बाद जब पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरु की. इस दौरान यह पता चला है कि तत्कालीन सहकारी समिति प्रभारी गजानंद शिर्के ने 29 मई 2020 से 3 मार्च 2021 के बीच 35 लाख 53 हजार 870 रुपये की वित्तीय अनियमितता की. इसके बाद समिति प्रबंधक के पद पर नियुक्त नीति दीवान ने 1 जून 2022 से 5 अक्टूबर 2023 के बीच 40 लाख 16 हजार 775 रुपये की आर्थिक गड़बड़ी की. इसके अलावा सहायक लिपिक गोपाल वर्मा ने 5 किसानों के खातों से 3 लाख 3 हजार 618 रुपये का गबन किया.
 प्रबंधक नीति दीवान, सहायक प्रबंधक गजानन शिर्के और अतरिक्त कर्मचारी गोपाल वर्मा ने मिलकर किसानों के खाते से 1 करोड़ 3 लाख 11 हजार 263 रुपए का गबन किया.
पुरानी भिलाई पुलिस ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पुरानी भिलाई के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भुवाल की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में हायक प्रबंधक गजानन शिर्के और अतरिक्त कर्मचारी गोपाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं शाखा प्रबंधक नीति दीवान अभी तक फरार है.
पुलिस प्रवक्ता एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि मामला किसानों के बचत खाते से करोड़ों की हेराफेरी का है. किसानों ने अपने खाते में आरोपियों खुद ही रकम जमा किया और खुद ही उसे संचालित किया था. उनके द्वारा किसानों के खाते में पैसा जमा कर पासबुक में एंट्री की जाती थी. लेकिन लेजर में एंट्री नहीं की जाती थी.
इस मामले के उजागर होने के बाद यहां के किसानों में काफी आक्रोश है. उनका कहना है कि वो लोग खून पसीने की कमाई से एक एक पाई जोड़कर पैसा जमा करते हैं. उसे सहकारी केंद्रीय बैंक के पास भरोसा में जमा करते हैं. उनके जिम्मेदार अधिकारियों ने उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला है. इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.
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