निलंबित साहब का कुर्सी मोह, बहाली आदेश के बिना दोबारा बने SDM!, नोटिस तामील कराने कलेक्टर को लेना पड़ा पुलिस का सहारा!
Suspended officer's obsession with power, re-appointed SDM without reinstatement order! Collector had to resort to police to serve notice!
गरियाबंद/मैनपुर : ओपेरा मामला में निलंबित डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम का कुर्सी मोह चर्चा में है. बिना बहाली आदेश के दोबारा SDM बने तुलसीदास को रोकने के लिए कलेक्टर को पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है.
गरियाबंद गरियाबंद जिले के मैनपुर से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है. जिसने लैला-मजनू को भी पीछे छोड़ दिया है. यह प्रेम कहानी किसी इंसान से नहीं. बल्कि SDM की कुर्सी से है. पात्र हैं डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम, जिनका कुर्सी के प्रति मोह इतना गहरा है कि सरकार के आदेश भी इस ‘इश्क’ के आगे फीके पड़ गए हैं.
गरियाबंद ओपेरा मामला
गरियाबंद ओपेरा मामला कुर्सी का ऐसा जादू, जिसे नोटिस भी न रोक पाई.
कहानी की शुरुआत होती है उरमाल के ओपेरा कांड से, जहां अश्लील डांस के सुरों ने साहब की कुर्सी छीन ली थी. 16 जनवरी को कमिश्नर साहब ने निलंबन का फरमान सुनाया. लेकिन साहब ठहरे पक्के आशिक, वे हाईकोर्ट गए और निलंबन पर स्टे ले आए, अब पेच यह है कि कोर्ट ने सिर्फ स्टे दिया था. लेकिन तुलसीदास जी ने इसे निकाहनामा समझ लिया! और 30 जनवरी को बिना किसी बहाली आदेश के चुपचाप मैनपुर एसडीएम की कुर्सी पर जाकर दोबारा बैठ गए.
प्रशासन हुआ परेशान, साहब लगा रहे दरबार
वर्तमान में सरकारी कागजों में मैनपुर का प्रभार देवभोग एसडीएम के पास है. लेकिन असली दरबार तुलसीदास जी लगा रहे हैं. वे न सिर्फ ज्ञापन ले रहे हैं. बल्कि सरकारी दौरों पर भी ऐसे जा रहे हैं. जैसे कुछ हुआ ही न हो. कलेक्टर साहब नोटिस भेज-भेज कर थक गए. व्हाट्सएप से लेकर ईमेल तक ब्लू टिक हो गए. लेकिन साहब की कुर्सी से ऐसी फेविकोल की बॉन्डिंग है कि टूटने का नाम नहीं ले रही है.
पुलिस और ब्लॉक आईडी जब इश्क बना सिरदर्द
हालत ये हैं कि अब कलेक्टर को नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रशासन ने उनकी सरकारी आईडी ब्लॉक कर दी है. ताकि वे ऑनलाइन कोई कामकाज न कर सकें. इसे आप डिजिटल वनवास कह सकते हैं. लेकिन साहब तो पुराने जमाने के प्रेमी की तरह मैनुअल लेटरहेड पर ही कलेक्टर और कमिश्नर को पत्र लिखकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं.
गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके-
यह मामला गंभीर है. हमने कोर्ट के स्टे का अध्ययन किया है और शासन को पूरी स्थिति बता दी है. नियमानुसार कार्रवाई जारी है.
जिला पंचायत अध्यक्ष ने खोल रखा है मोर्चा
अब देखना यह होगा कि प्रशासन का हथौड़ा चलता है या तुलसीदास जी का कुर्सी प्रेम ऐसे ही परवान चढ़ता रहेगा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी इस एकतरफा प्यार की शिकायत मुख्य सचिव तक पहुंचा दी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



