रथयात्रा में शामिल होने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पहुंचे 10 विधायक, परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकली भव्य रथयात्रा
10 MLAs including former Chief Minister Bhupesh Baghel reached to participate in the Rath Yatra, the grand Rath Yatra took place in an atmosphere of traditional devotion and gaiety
रथयात्रा में शामिल होने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पहुंचे 10 विधायक
गरियाबंद/मैनपुर : तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर सहित पूरे क्षेत्र में रथयात्रा का पर्व शुक्रवार को पूरे आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया. रथयात्रा पर्व को लेकर क्षेत्र के जगन्नाथ मंदिरों में सुबह से ही महाप्रभु के सुखद दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के अमलीपदर में भव्य रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होने छत्तीसगढ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुचे तो उनका मंदिर के पुजारी आचार्य पंडित युवराज पांडेय द्वारा आत्मीयता से स्वागत किया गया. इस दौरान भूपेश बघेल ने प्रभु जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में खुशहाली की कामना किया.
इस दौरान बिन्द्रानवागढ विधायक जनक धु्व, कसडोल विधायक संदीप साहू, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, धमतरी विधायक ओंकार साहू, खुज्जी विधायक भोलाराम साहू, भाटापारा विधायक इद्रकुमार साव, गुडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू, जिला पंचायत गरियाबंद के अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप ,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गिरीश देवांगन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष भावसिंह साहू, आलोक चन्द्राकर, सन्नी अग्रवाल, शैलेन्द्र साहू , जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम विशेष रूप उपस्थित थे और सभी विधायकों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना किया तथा कार्यक्रम में शामिल हुए.
मंदिर के पुजारी पंडित युवराज पांडेय द्वारा महाप्रभु को अपने कंधे में बिठाकर रथ में सवार करने निकले तो पुरा क्षेत्र का माहौल भाव विभोर हो गया. लोग भक्ती में बोल कालिया के गननभेदी जयकारे लगाने लगे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के द्वारा रथयात्रा में शामिल होकर महाप्रभु की रथ को खीचने का सौभाग्य प्राप्त किया. इस दौरान गजामुंग की प्रसाद वितरण किया गया अमलीपदर में भगवान जगन्नाथ मंदिर में विशेष पुजा अर्चना के बाद रथयात्रा पर्व धुमधाम के साथ मनाया गया.
यहा आचार्य युवराज पांडेय द्वारा विशेष पुजा अर्चना किया गया रथयात्रा में शामिल होने छत्तीसगढ सहित ओडिसा से हजारों की संख्या में लोग पहुचे. चारो तरफ बोल कालिया बोल के जयकारे गुंजे. रथयात्रा के अवसर पर अनेक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वही ओडिसा के पुरी के तर्ज में 11 दिनों तक विभिन्न पुजा अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वही मंदिर द्वार से रथ पहुचने तक हजारों श्रध्दालु बोल कालिया के जयकारों के भक्तिमय माहौल में झुमें. फिर भगवान जगन्नाथ को बाजार चौक में स्थित अस्थाई गुंडीचा मंदिर तक पहुचाया. गुड़ीचा मंदिर पंडाल ओडिसा पुरी के गुंडीचा के तर्ज पर बना था.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
गरियाबंद : गरियाबंद नगर में श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का ऐसा अद्वितीय संगम देखने को मिला. महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की रथ यात्रा निकली, तो “बोल कालिया धीरे-धीरे” के जयघोषों से पूरा नगर गूंज उठा. हजारों की भीड़ एक साथ भगवान के रथ को खींचने के लिए उमड़ पड़ी.
इस ऐतिहासिक रथ यात्रा का आयोजन “श्रीजगन्नाथ परिवार युवा बल गरियाबंद” द्वारा किया गया. जिनकी 60 युवा सदस्यों की टीम ने पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ आयोजन की कमान संभाली. पायजामा-कुर्ता और भगवा गमछा पहने इन युवाओं ने रथ यात्रा की गरिमा को नए स्तर पर पहुंचा दिया. 20 बाउंसरों की विशेष तैनाती ने सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत किया.
आयोजकों ने उड़ीसा की परंपरा के अनुरूप इस आयोजन की तैयारी पिछले तीन महीनों से शुरू कर दी थी. आमंदी ग्राम में पारंपरिक काष्ठ और बांस से निर्मित भव्य रथ तैयार किया गया. सफेद घोड़ों की जीवंत प्रतिकृति, रथ की कलात्मक सजावट और परंपरागत शिल्प इसे अद्वितीय बना रहे थे। यह केवल रथ नहीं था – यह श्रद्धा, आस्था और संस्कृति का प्रतीक था.
रथ यात्रा दोपहर 4 बजे श्रीजगन्नाथ मंदिर सिविल लाइन से प्रारंभ होकर भूतेश्वरनाथ चौक, तिरंगा चौक, बस स्टैंड और सुभाष चौक से होकर पूरे नगर का भ्रमण करते हुए आगे बढ़ी। इस यात्रा में धार्मिक झांकियों, DJ भक्ति संगीत, सांस्कृतिक नृत्य और विशेष रोशनी व्यवस्था ने एक भक्ति पर्व का स्वरूप ले लिया। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग – सभी उम्र के लोग उल्लास और भक्ति में डूबे हुए नजर आए.
गरियाबंद की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान तिरंगा चौक को विशेष रूप से सजाया गया था, जहाँ एक भव्य मंच का निर्माण किया गया। यह मंच पूरे आयोजन का केंद्र बिंदु बन गया, जहाँ से न केवल कार्यक्रम की झलकियाँ प्रस्तुत की गईं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक कई विशेष क्षण भी साकार हुए।
इस मंच पर आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम में भाग लेने आई झांकियों का मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया गया। अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा लाई गईं विविध झांकियाँ जब मंच के सामने पहुँचीं, तो तालियों की गड़गड़ाहट और भक्ति के स्वर वातावरण में गूंज उठे। आयोजन समिति के सदस्यों ने झांकी प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत कर उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
गरियाबंद/देवभोग : देवभोग में 124 साल से चली आ रही प्राचीन परम्परा का निर्वहन भी देवभोग में किया गया. जगन्नाथ मंदिर से भगवान बाहर निकले. रथ में सवाल महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी. जहा भगवान का आत्मीय स्वागत किया गया.
अमललिपदर में भगवान जगन्नाथ जी को रथारुढ़ करते वक्त का दृश्य सबसे मोहक होता है. मंदिर पुजारी पंडित युवराज पांडेय जब अपने कंधे में कालिया को लेकर मंदिर से बाहर निकलते है. मौजूद हुजूम बोल कालिया की धुन पर झूम उठता है. मंदिर द्वार से रथ पहुंचने तक झूमने का सिलसिला घंटे भर तक चला. फिर भगवान को बाजार चौक में स्थित अस्थाई गुंडीचा मंदिर तक पहुंचाया गया. गुंडीचा मंदिर पंडाल पूरी के गुंडीचा के तर्ज पर बना हुआ है.
जिले के अमलीपदर में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित युवराज पांडेय के नेतृत्व में होने जा रहे रथ यात्रा महोत्सव में शामिल होने प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री पहुंचे. उनके साथ 5 अन्य विधायक और कई कांग्रेस के नेता गण मौजूद थे. भूपेश बघेल ने श्री मंदिर में भगवान जगन्नाथ के सामने मत्था टेक आशीर्वाद लिया. अमली पदर पहुंचने से पहले जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और जनपद सदस्य तपेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने पूर्व सीएम का जोरदार स्वागत किया. यहां श्रद्धालु बोल कालिया के धुन पर घंटों थिरकते रहे.
परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकली भव्य रथयात्रा
जशपुर : जशपुर जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ किया गया. मंदिर से रथ यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झाडू से रथयात्रा के मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म निभाई.
मुख्यमंत्री साय ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा में भाग लिया. श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया. पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा. रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची. भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे. नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
गोबरा नवापारा : आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को गोबरा नवापारा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का भव्य आयोजन हुआ। इस पावन अवसर पर नगर के तीन प्रमुख मंदिरों—श्री राधा कृष्ण मंदिर, श्री सत्यनारायण मंदिर, और साईं मंदिर—से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, और सुभद्रा की रथयात्रा निकाली गई। मंदिर समितियों के तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा सदर रोड से गंज रोड होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करती हुई संपन्न हुई। इस धार्मिक उत्सव ने नगर को भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर कर दिया, और "जय जगन्नाथ स्वामी" के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा.
रथयात्रा की शुरुआत सुबह मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, और सुभद्रा के रथों को फूलों, रंग-बिरंगे कपड़ों, और पारंपरिक सजावट से सुसज्जित किया गया था। रथों को खींचने के लिए सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष यात्रा का एक मुख्य आकर्षण फायर ब्रिगेड द्वारा की गई कृत्रिम वर्षा थी, जिसने भक्तों के उत्साह को दोगुना कर दिया। बच्चे, युवा, और बुजुर्ग सभी इस अनोखे दृश्य में झूमते नजर आए.
रथयात्रा के दौरान गंजा मूंग (खिचड़ी और मूंग दाल) का प्रसाद वितरण इस आयोजन की एक विशेष परंपरा रही। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर और महाप्रभु के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे सड़कों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
रथयात्रा के सुचारू संचालन में विद्युत विभाग के कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। उन्होंने मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और अन्य तकनीकी सहायता प्रदान की, जिससे आयोजन निर्बाध रूप से संपन्न हुआ.
श्री राधा कृष्ण मंदिर समिति के गिरधारी अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, विजय गोयल, विनय अग्रवाल, चुलबुल अग्रवाल, प्रतीक साहू, मोहन अग्रवाल, हितेश अग्रवाल, रवि अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल, और नयन अग्रवाल ने आयोजन को भव्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्री सत्यनारायण मंदिर समिति की ओर से पप्पू महाराज, राजकुमार कंसारी, सहदेव कंसारी, पवन कंसारी, तुकाराम कंसारी, योगेश कंसारी, पिंटू कंसारी, बलराम सारस, गोविंदा कंसारी, और तरुण कंसारी ने अपने अथक प्रयासों से यात्रा को सफल बनाया। वहीं, साईं मंदिर समिति से राकेश सोनकर, महेश सोनकर, मुकुंद मेश्राम, भारत सोनकर, और पप्पू सोनकर ने भी इस धार्मिक उत्सव को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
इस पावन अवसर पर क्षेत्र के विधायक इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू और चंद्रशेखर साहू साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू ने भी रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और भक्तों की भारी भीड़ ने इस उत्सव को सामुदायिक एकता का प्रतीक बनाया.
रथयात्रा न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और भक्ति की भावना को भी दर्शाता है। गोबरा नवापारा में यह उत्सव वर्षों से एकता और भक्ति का प्रतीक रहा है, और इस वर्ष भी यह परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई गई। भक्तों ने "जगन्नाथ स्वामी नयन पथ गामी, भवतु मे" जैसे भजनों और जयकारों के साथ अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए.
गोबरा नवापारा की इस रथयात्रा ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भक्ति और परंपरा के इस संगम में सभी धर्म, जाति, और वर्ग के लोग एकजुट होकर उत्सव मना सकते हैं। यह आयोजन नगरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, और भगवान जगन्नाथ की कृपा से सभी ने इस पवित्र अवसर का आनंद लिया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
पुरी में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़, 500 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ी
ओडिशा के पुरी में शुक्रवार को जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भीड़ के कारण करीब 500 से ज्यादा श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हो गई. इनमें से कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. कम से कम 8 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने पर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया.
बताया जा रहा है कि तीर्थ नगरी के ग्रैंड रोड पर रथ यात्रा के दौरान रथ खींचने के लिए काफी ज्यादा संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए. इसी दौरान कई श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हो गई. यह घटना उस समय हुई, जब भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को खींचने का काम शुरु हुआ.
हजारों भक्त एकसाथ तालध्वज रथ की रस्सी को छूने के लिए दौड़ पड़े. भीड़ ने रथ को लगभग ढाई किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर की तरफ खींचने का प्रयास किया, उसी दौरान गर्मी और भीड़ की वजह से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई.
सूत्रों के मुताबिक, जिन श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हुई थी, उन्हें हाईटेक अस्पताल, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में ले जाया गया. करीब 68 श्रद्धालुओं को ओपीडी में उपचार दिया गया. कम से कम 8 श्रद्धालुओं की हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) ले जाया गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
अहमदाबाद रथ यात्रा में हाथियों का आतंक
अहमदाबाद : अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शुक्रवार सुबह खड़िया के पास तीन हाथी बेकाबू हो गए. हाथियों ने दो लोगों को घायल कर दिया. इसके बाद वो एक पुल में घुस गए. हालांकि, इसमें किसी को गंभीर चोट नहीं आई है, वन विभाग के कर्मियों ने हालात का संभाला.
रथ यात्रा में शुक्रवार सुबह 10 बजे एक हाथी बेकाबू हो गया। इसके बाद रथ यात्रा में भगदड़ सी मच गई। लोग इधर-उधर भागते दिखे। रथ यात्रा में 17 हाथियों के ग्रुप में सबसे आगे चल रहा था। वन विभाग के अमले ने काबू किया। फिलहाल रथ यात्रा से 3 हाथियों को हटा दिया गया. जिसमें दो मादा हाथी और एक नर हाथी शामिल है. अब 17 में से 14 हाथी रथ यात्रा में शामिल होंगे। इन 3 हाथियों को रथ यात्रा में साथ नहीं ले जाया गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



