कथावाचक की पिटाई पर बवाल, फायरिंग, CO-इंस्पेक्टर पिस्टल लेकर दौड़े, यादव संगठनों ने थाना घेरा, पुलिस पर पथराव, गाड़ी तोड़ी
Ruckus over beating of story teller, firing, CO-Inspector ran with pistol, Yadav organizations surrounded the police station, stone pelting on police, car vandalized
यूपी के इटावा में यादव समाज के दो कथावाचकों की चोटी काटकर बदसलूकी का विवाद तूल पकड़ गया है. कथावाचकों ने दावा किया कि उग्र लोगों की भीड़ ने उन्हें मारा-पीटा, गालियां दीं. एक की चोटी काटी तो दूसरे का मुंडन करवा दिया. भीड़ इतने पर ही नहीं रुकी, ब्राह्मणों के जूतों पर नाक रगड़वाई गई. शुद्धिकरण के नाम पर उनके ऊपर पेशाब भी छिड़का गया. यहां तक कि बीड़ी से शरीर को जलाने की कोशिश भी की गई. कहा कि इससे अच्छा तो कथावाचकों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपियों के घर बुलडोजर चलवाने की मांग की है.
यूपी के इटावा में 22 जून को कथावाचक का सिर मुंडवाने की घटना के बाद गुरुवार को हंगामा हो गया. गुरुवार को यादव संगठनों के करीब 2 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी घटनास्थल दादरपुर गांव के बाहर जमा हो गए.
पुलिस के पहुंचते ही प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए. भीड़ ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया. हंगामा बढ़ता देख CO और इंस्पेक्टर ने पिस्टल निकालकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा.
बताया जा रहा है कि पुलिस की तरफ हवाई फायरिंग भी की गई. पुलिस ने 19 लोगों को हिरासत में लिया है. आसपास के 4 गांवों में पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ब्राह्मण समाज के लोगों ने कथावाचक को यादव होने के कारण पीटा है और उनका सिर मुंडवाया. पुलिस ने पीड़ित कथावाचक के खिलाफ केस दर्ज किया है.
प्रदर्शनकारियों ने आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे जाम कर दिया. पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया. पथराव में पुलिस की एक गाड़ी का सामने का शीशा टूट गया. एसपी ग्रामीण समेत मौके पर 12 थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है. दो सीओ पुलिस फोर्स के साथ दादरपुर गांव जाने वाले रास्ते पर तैनात हैं. पहाड़पुरा, उरेंग, नौधना, दादरपुर गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस को शक है कि प्रदर्शनकारी भागकर इन गांवों में छिपे हैं.
एएसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया- गांव के पास कुछ लोगों ने उपद्रव करने की कोशिश की थी. पुलिस ने कोई फायरिंग नहीं की है. पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया गया है. कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है.
इंडियन रिफॉर्म्स ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गगन यादव ने कथावाचक की पिटाई मामले पर विरोध जताया था. उन्होंने 26 जून को सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ इटावा आने का ऐलान किया था. जिसके बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया था. इसके विरोध में कई जिलों से यादव समाज के लोग इटावा पहुंचे.
यादव समाज के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए गगन यादव को छोड़े जाने की मांग की. उनका कहना है कि कथावाचक के दो साथियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए. कथावाचकों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया जाए. पुलिस ने दोनों कथावाचकों पर मुकदमा दर्ज किया है. हम इसी का विरोध करने पहुंचे थे.
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विस्तार से पूरा घटनाक्रम पढ़िए
इटावा के दादरपुर गांव में 22 जून को जय प्रकाश तिवारी के घर भागवत कथा हो रही थी. उसी दिन गांव के ब्राह्मणों ने यादव कथावाचक और उनके साथियों से मारपीट की थी. कानपुर के कथावाचक मुकुट मणि सिंह के मुताबिक ब्राह्मणों ने पहले उनकी जाति पूछी. जब उन्होंने बताया कि वे यादव बिरादरी से हैं. तो उन पर दलित होने का आरोप लगाते हुए धमकाया.
कहा- ब्राह्मणों के गांव में भागवत पाठ करने की हिम्मत कैसे की.. इसके बाद उनकी चोटी काट दी और सिर मुंडवा दिया. एक महिला के पैर पर नाक रगड़वाई गई. उनके साथियों के साथ भी मारपीट की. उनका भी सिर मुंडवा दिया और हारमोनियम तोड़ दिया.
कथावाचक समेत 2 पर भी FIR पुलिस ने बुधवार देर शाम जय प्रकाश तिवारी की शिकायत पर कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथी संत कुमार यादव के खिलाफ FIR दर्ज की. कथावाचक पर एक महिला से छेड़खानी का आरोप लगाया. साथ ही पहचान छिपाने, गलत आधार कार्ड, धार्मिक भावना आहत करने, धोखाधड़ी आदि का भी आरोप लगाया गया. इसको लेकर ब्राह्मण संगठन के लोगों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी.
अखिलेश ने लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया था. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना के अगले दिन सोमवार को कथावाचक और उनके साथियों को लखनऊ बुलाया. उन्हें ढोलक और हारमोनियम गिफ्ट किया. कथा भी कहलवाई. 51-51 हजार रुपए देने का ऐलान किया. 21-21 हजार रुपए लिफाफे में मौके पर दिए.
अखिलेश ने कहा- प्रभुत्ववादी सीमाएं लांघ गए हैं. ये वर्चस्ववादी लोग सिर तक मुड़वा दे रहे हैं. रातभर पीटते हैं. ढोलक छीन लेते हैं और पैसों की मांग करते हैं. आखिर ये वर्चस्ववादी और प्रभुत्ववादी लोग ताकत कहां से पा रहे हैं? यह सरकार हार्टलेस है. हर असंवैधानिक काम का समर्थन करती है.
यूपी के इटावा में कथावाचक की पिटाई का मामला यादव बनाम ब्राह्मण होता जा रहा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इटावा के SSP से 10 दिन के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है.
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