ACB समूह की कोल वाशरियों व ताप विद्युत परियोजनाओं के कोयला लिंकेज SECL के भ्रष्टाचार की CBI जांच की मांग कर सौंपा ज्ञापन, धरने की दी चेतावनी

A memorandum was submitted demanding a CBI probe into the corruption within SECL regarding coal linkages for the ACB Group's coal washeries and thermal power projects; a warning of a sit-in protest was also issued.

ACB समूह की कोल वाशरियों व ताप विद्युत परियोजनाओं के कोयला लिंकेज SECL के भ्रष्टाचार की CBI जांच की मांग कर सौंपा ज्ञापन, धरने की दी चेतावनी

कोरबा : भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ ने ACB समूह की दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चकाबुरा, रतिजा, रेंकी, बिंझारी तथा संबद्ध कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन एवं रेलवे साइडिंग से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वर्ष 1999 से वर्तमान तक सीबीआई जांच, उच्चस्तरीय विशेष जांच दल, बहु-विभागीय न्यायिक/तकनीकी जांच, वित्तीय एवं डिजिटल फोरेंसिक लेखा-परीक्षण और भौतिक सत्यापन की मांग को लेकर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने धरना कर ज्ञापन दिया गया.
दुबे ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि अरबों खरबो रुपए के कोयला रिजेक्ट कोल एवं उच्च गुणवत्ता के कोयला की आफरा तफरी का मामला है. उद्योगों के क्षमता विस्तार और कोयले के वास्तविक हिसाब की जांच होनी चाहिए . प्रत्येक वाशरी में स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन/कोयला प्रसंस्करण का वर्षवार मिलान कराया जाए. पर्यावरण स्वीकृति, सहमति पत्र, पर्यावरण प्रभाव आकलन, जनसुनवाई तथा ग्रामसभा/पेसा प्रावधानों के अनुरूप क्षमता विस्तार हुआ या नहीं, इसकी जांच हो.
विशेष रूप से कच्चा कोयला, धुला कोयला → मध्यवर्ती उत्पाद  उच्च/निम्न, ऊष्मीय रिजेक्ट गाद/सूक्ष्म कण परिवहन अंतिम भंडार का वैज्ञानिक हिसाब कराया जाए.
प्रतिवर्ष उपलब्ध अभिलेखों में एक करोड़ टन से ज्यादा कच्चे/रिजेक्ट कोयले का परिवहन पवार प्लांट में होता है. जबकि एसीबी के सभी पवार प्लांट रिजेक्ट कोल से चलाने के अनुमति है तो डियो शक्ति के एक करोड टन कोयला कहा जा रहा है तो प्रत्येक टन का स्रोत, वाशरी, प्रसंस्करण, रिजेक्ट उत्पादन, परिवहन, प्राप्तकर्ता और वास्तविक उपयोग निर्धारित कर इस पर सीबीएसई एस आईटी जांच भौतिक सत्यापन की जाए.
दीपका के दस किलोमीटर क्षेत्र में प्रदूषण और जनस्वास्थ्य का सर्वेक्षण
वाशरियों, ताप विद्युत संयंत्रों, रेलवे साइडिंग और भारी कोयला परिवहन से प्रभावित करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में वायु, धूल, राख, शोर, भूजल, कृषि भूमि तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराया जाए.
दुबे ने कहा कि जब कोल लेवी मामला पर जिला के कलेक्टर खनिज सचिव कोल व्यवसाई कई खनिज अधिकारी जेल में है तो एसीबी के यहां छापा में 6लाख 50 हजार टन अवैध कोयला पकड़ा गया था. पवार प्लांट वाशरी और कटाघर सिल हुआ था. इसके उद्योगों में कई अवैध गतिविधियां पाई गई थी. कोल लेवी में पैसा इस वाशरी संचालक द्वारा दिया गया था. फिर भी इस पर कार्यवाही क्यों नहीं किया जा रहा है. जिसकी वजह से कोयला की अफरा-तफरी लुट लगातार चल रही है. आज कोल लेवी वसूली 25 रुपए से 50 रुपए हो गया है. इसके जिम्मेदार एस ई सी एल अधिकारियों पर कार्यवाही क्यों नहीं किया जा रहा है.
संजय रत्नाकर ने कहा कि कोरबा में पेसा एक्ट लागू है इसकी ग्रामसभा, कई सौ एकड़ जंगल की जमीन इसके नाम  कैसे दर्ज की गई. इसकी जांच
जहां पेसा प्रावधान लागू होते हैं. वहां ग्रामसभा की वास्तविक कार्यवाही, सहमति एवं परियोजना विस्तार संबंधी अभिलेखों का सत्यापन हो. साथ ही औद्योगिक गतिविधियों में प्रयुक्त भूमि, वन एवं सामुदायिक संसाधनों के उपयोग तथा अतिक्रमण/अनधिकृत उपयोग की जांच की जाए.
औद्योगिक डीजल और बायोडीजल की 2015 से जांच
1 जनवरी 2015 से वर्तमान तक औद्योगिक डीजल/एचएसडी और बायोडीजल की खरीद, भंडारण, टैंकर परिवहन और वाहनों में उपयोग का वर्षवार मिलान कराया जाए. अन्य राज्यों से बायोडीजल मंगाकर उपयोग किए जाने संबंधी प्राप्त शिकायत की भी स्वतंत्र जांच की जाए.
कमल किशोर साव ने कहा कि एसीबी ग्रुप को मिले कर छूट और सरकारी प्रोत्साहनों की जांच
वर्ष 2015 से वर्तमान तक संबंधित कंपनियों को प्राप्त कर छूट, औद्योगिक प्रोत्साहन, विद्युत शुल्क में छूट, निवेश अथवा परिवहन संबंधी लाभ का वर्षवार परीक्षण हो और यह देखा जाए कि लाभ प्राप्त करने के लिए दिए गए विवरण वास्तविक अभिलेखों से मेल खाते हैं या नहीं.
शैलेंद्र कुमार गोपाल ने कहा कि श्रमिकों के अधिकार और सुरक्षा की जांच हो वाशरी, परिवहन, रेलवे साइडिंग और ताप विद्युत संयंत्रों में कार्यरत श्रमिकों के वेतन, न्यूनतम मजदूरी, भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, दुर्घटना अभिलेख एवं ठेका श्रम संबंधी अनुपालन की जांच कराई जाए.
विन्देश सिंह राठौर ने कहा कि कंपनी के साथ संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो वर्षों से इतनी बड़ी औद्योगिक गतिविधियां संचालित होती रहीं. तो संबंधित एसईसीएल, पर्यावरण, खनन, राजस्व, वन, श्रम, जल संसाधन एवं अन्य नियामक विभागों द्वारा किए गए निरीक्षण और कार्रवाई की भी जांच हो। जांच केवल कंपनी तक सीमित न रहे.
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं
तत्काल तौल कांटा सर्वर, जीपीएस, फास्टैग, एएनपीआर, सीसीटीवी, आरएफआईडी, ओसीईएमएस/सीईएमएस, ईआरपी/एसएपी, ईंधन अभिलेख, रेलवे रिकॉर्ड एवं वित्तीय डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने के निर्देश दिए जाएं. ताकि किसी भी तरह के अभिलेख मिटाने या बदलने की संभावना न रहे.
दुबे ने कहा कि आज भी एसईसीएल में कोल लेवी के खेल चल रहा है पहले 25 रुपए था. आज 50 रुपए हो गया है. एसईसीएल के सभी 13 खदानों के 2018 से आज दिनांक तक जांच की मांग CSR मद सहित अन्य कार्यों खरीदी बिक्री सामनों के जांच ओबी कार्य के भुगतान सहित अन्य कार्यों के मांग को लेकर धरना प्रदर्शन की गई है. 
धरना में इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ ने समर्थन देते हुए एसीबी ग्रुप के जांच की मांग को समर्थन देते हुए एसईसीएल के भूविस्थापित किसानों को समुचित मुआवजा रोजगार न्याय दिलाने की बात कही आम आदमी पार्टी के सचिव डॉ सुनील राज किरण ने आंदोलन को समर्थन देते हुए एसईसीएल में चल रहे भ्रष्टाचार कागजो में चल रहे विकास कार्यों से फर्जी बिलो पर जांच की मांग CSR मद पर किए कार्य की जांच एसीबी ग्रुप कोरबा सीबीआई एसआईटी जांच मांग को समर्थन देते हुए कार्यवाही की मांग किए.
कृष्णा टंडन ने बताया कि धरना प्रदर्शन में भारतीय जनाधिकार पार्टी के पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार गोपाल, विन्देश सिंह राठौर, कमल किशोर साव, दिनेश यादव, युवा मोर्चा प्रदेश संयोजक संजय रत्नाकर, हेमंत पैगवार, छात्र संघ से मो. असद खान, अल्पसंख्यक प्रदेश संयोजक से अशफाक खान, मीडिया प्रभारी कृष्णा टंडन चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक होरी दास महंत संजय सिंह, संतोष अनंत,संतोष यादव, हेमंत पटेल, जितेंद्र कुमार, आशीष तिवारी, मारुति कुमार, पप्पू सरदार देवेंद्र सिंह, सत्य प्रकाश किरारी, ताम्रध्वज सूर्यवंशी, जमीर कुरैशी, संजू टंडन, सुनील टंडन, बजरंग रत्नाकर, कलाराम साहू, संतोष कुर्रे, अखिलेश सिंग, किशन कुमार सहित भारी संख्या में पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे.
दुबे ने बताया कि अगर सीबीओ एसआईटी एवं राज्य सरकार के द्वारा जांच दल गठित कर कार्यवाही नहीं की जाती है तो 2 अक्तूबर को कलेक्टर कोरबा के सामने 24 घंटे को गांधी जी के जयंती को गांधी वादी न्याय हड़ताल के रूप में करेंगे 24 घंटा के भूख हड़ताल एवं 22 अक्तूबर से पुनः एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के सामने अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा. और 1 नंबर को केंद्रीय कोयला मंत्री के आवाश हैदराबाद तेलांगना के सामने धरना दिया जाएगा. जिसके जिम्मेदारी एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों एसीबी ग्रुप के प्रबंधक डायरेक्टर की राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों की होगी.
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