रिश्वत की मांग कर शिक्षक संगठन के पदाधिकारीयो को कार्रवाई की धमकी देने वाले बीईओ के खिलाफ तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
A memorandum was submitted to the Tehsildar against the Block Education Officer (BEO) who demanded bribe and threatened action against the office bearers of the teachers' organization.
राजनंदगांव/छुरिया : स्थानीय विकासखंड शिक्षाधिकारी प्रशांत चिवर्तकर की शिकायत देश के राज्यपाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री देवेंद्र यादव और राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे को किया गया है.
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने इस विषय पर स्थानीय तहसीलदार छुरिया को ज्ञापन सौंपा. शिक्षक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, पदाधिकारीगण तुलसीराम पटेल, पुरुषोत्तम शर्मा, भोजराम साहू, महेश्वर कोटपरहिया, बैजनाथ यादव, मनोहर लाल रजक, अभिनय त्रिपाठी, विजय शांडिल्य, नरेंद्र देवांगन, सीता यदु, त्रिवेणी साहू, जानकी रजक आदि ने बताया कि विगत 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय से पदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रशांत चिरवतर्कर का द्वारा विकासखंड के शिक्षकों को लगातार परेशान एवं प्रताड़ित किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा अपने खासमखास कुछ शिक्षकों एवं कर्मचारियों के जरिए विकासखंड के शिक्षकों को मेडिकल अवकाश स्वीकृत करने, अर्जित अवकाश लेने, शिक्षकों के लंबित एरियर्स राशि शासन से निकालने आदि के नाम पर एक निर्धारित दर एवं प्रतिशत में रिश्वत ली जाती है.
रिश्वत और घुस नहीं देने वाले शिक्षकों का कोई कार्य विकासखंड एवं शिक्षा कार्यालय में नहीं होता. इसके बारे में संगठन के जो भी पदाधिकारी आवाज उठाते हैं. विरोध करते हैं. तो संगठन के संबंधित पदाधिकारी के स्कूलों में जाकर बीईओ द्वारा निरीक्षण कर संबंधित शिक्षकों को विभिन्न बिंदुओं पर नोटिस दिया जाता है और उनको निलंबित या बर्खास्त करने की धमकी मौखिक रुप से विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दी जाती है.
किसी भी रिश्वत के मामले में मुंह ना खोलने की बात कही जाती है. जबकि वहीं दूसरी तरफ विकासखंड के ऐसे शिक्षक जो लापरवाह भ्रष्ट एवं बेईमान है जो अपने स्कूलों में न पढ़ाकर, स्कूल ना जाकर अपने निजी व्यवसाय में व्यस्त हैं. जो खेती बाड़ी एवं सब्जी बाड़ी तथा जमीन की खरीदी बिक्री कर लाखों करोड़ों रुपए कमा रहे हैं.
ऐसे शिक्षक से बीईओ ने अपने बिजनेस पार्टनरशिप कर रखा है. जिसमें विकासखंड के शिक्षक लोकेश साहू उन्होंने अपने बिजनेस पाटनर बना रखा है. और इन दोनों के साथ मिलकर विकासखंड में भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं. शिक्षक लोकेश साहू कभी स्कूल नहीं जाता. वह अपने निजी व्यवसाय में लगा रहता है. पाठकान में भी फर्जी हस्ताक्षर कर, बीईओ से मिली भगत कर अपना वेतन निकाल लेता है.
इस तरह इन दोनों ने मिलकर कई सालों से राज्य सरकार को लाखों करोड़ों रुपए का चूना लगाया है. महिला शिक्षकों के स्कूलों में जाकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा अपना फोन नंबर देकर कहता है कि कोई समस्या हो तो मुझसे बात करिए. मुझे बीईओ न समझ कर, एक मित्र समझ कर बात कीजिए. महिला शिक्षकों को अपने साथ स्कूल में मध्याह्न भोजन करने या टिफिन शेयर करने कहता है. आपत्तिजनक बातें करता है.
जागरुक शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, शिवकुमार साहू, तुलसीराम पटेल, पुरुषोत्तम शर्मा, भोजराम साहू, महेश्वर कोटपरहिया, बैजनाथ यादव, मनोहर लाल रजक, अभिनय त्रिपाठी, विजय शांडिल्य, नरेंद्र देवांगन, सीता यदु, त्रिवेणी साहू, जानकी रजक आदि ने विकासखंड शिक्षाधिकारी पर आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी ऐसे भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा है जिसका कोई सबूत नहीं छोड़ता.
इनके द्वारा रिश्वत देने के लिए अपने खासमखास कई शिक्षकों के बारकोड में रिश्वत देने कहता है. शिक्षकों को रुपए डालने के लिए कहता है और उक्त बारकोड से राशि अपने पारिवारिक सदस्यों एवं अपने भाई और रिश्तेदारों के खाते में पैसा ट्रांसफर करता है.
संगठन ने मांग किया कि उक्त बीईओ एवं आरोपी शिक्षक लोकेश साहू का अगर नार्को टेस्ट किया जाए तो सारी बातें खुलकर सामने आएगी. और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
साथ ही बीईओ एवं शिक्षक लोकेश साहू के कई बैंक खातों और इसमें पैसे ट्रांसफर करने की जांच करने की मांग की है. जिससे की सारी भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ जाएगी. इसके साथ ही इसका मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल को खंगालने की भी राज्य शासन और केंद्र सरकार से मांग की गई है.
आज इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने छुरिया तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को केंद्र सरकार व राज्य सरकार के कई मंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपकर संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित दोषी शिक्षक को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर आरोपी शिक्षक एवं आरोपी विकासखंड शिक्षाधिकारी पर निलंबन की कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज नहीं होती है. तो जल्द ही संगठन की बैठक कर विकासखंड के सभी स्कूलों में तालेबंदी की जाएगी. और विकासखंड अथवा जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन चक्काजाम और धरना प्रदर्शन किया जाएगा. जिसकी सूचना पृथक से शासन प्रशासन को दी जाएगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t



