सर्पदंश से डेढ़ वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, इधर तालाब में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की गई जान, दादा के दशकर्म के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

A one-and-a-half-year-old boy died tragically from a snakebite, while two brothers drowned in a pond, leaving the family in a state of grief during their grandfather's funeral.

सर्पदंश से डेढ़ वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, इधर तालाब में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की गई जान, दादा के दशकर्म के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

गांव में सर्पदंश से डेढ़ साल के मासूम की दर्दनाक मौत
जांजगीर-चांपा : जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम झूलन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां सर्पदंश की वजह से डेढ़ साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई. जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है.
मिली जानकारी के मुताबिक पुष्कर दिव्य नाम का बच्चा बीती रात करीब 3 बजे अचानक रोने लगा. बच्चे की आवाज सुनकर जब माता-पिता की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उसके पैर में सांप ने काट लिया है. हादसे के बाद परिजन घबराकर बच्चे को बचाने के प्रयास में जुट गए. लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई.
परिजन मासूम को इलाज के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान उसकी मौत हो गई. बच्चे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में सर्पदंश से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.
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तालाब में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की गई जान
बिलासपुर/सीपत : बिलासपुर जिला में सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा के लुदियापारा में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाले हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया. तालाब में नहाने गए दो सगे मासूम भाइयों की डूबने से मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और हर आंख नम है.
मिली जानकारी के मुताबिक नरगोड़ा निवासी किशोर कुमार खरे के बेटे ऋषभ कुमार खरे और रितेश कुमार खरे सुबह करीब 8 बजे अपने साथी निहाल के साथ गांव के नए तालाब में नहाने गए थे. नहाते समय दोनों भाई अनजाने में गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. उनके साथ मौजूद निहाल घबराकर फौरन गांव पहुंचा और परिजनों को घटना की खबर दी.
खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण दौड़ते हुए तालाब पहुंचे. जोगीराम सूर्यवंशी सहित अन्य ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं. घटना की जानकारी मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में मौत की वजह डूबना पाया गया है. पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए.
इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है. सबसे ज्यादा दर्दनाक हालत बच्चों की मां की है. जिसका रो-रोकर बुरा हाल है. कुछ घंटे पहले तक जिन बच्चों की हंसी से घर गूंज रहा था. उनके हमेशा के लिए बिछड़ जाने का यकीन मां को नहीं हो पा रहा है. गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं. लेकिन इस अपूरणीय क्षति के सामने सांत्वना के शब्द भी छोटे पड़ गए हैं. पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त है.
दशकर्म में शामिल होने दिल्ली से लौटा साथ परिवार
परिजनों के मुताबिक रविवार को मासूम बच्चों के दादा का दशकर्म कार्यक्रम था. इसी वजह से बच्चों के पिता, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली में रहते हैं. गुरुवार सुबह ही अपने परिवार के साथ गांव लौटे थे. परिवार अभी दशकर्म के बाद के माहौल से उबर भी नहीं पाया था कि शुक्रवार सुबह दोनों मासूम भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई. एक ही हफ्ते में परिवार पर दोहरी त्रासदी टूट पड़ने से घर में मातम पसरा हुआ है और पूरे गांव में शोक का माहौल है.
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