झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया इंजेक्शन, मुंह से निकला झाग, अधेड़ की मौत, परिजनों ने जमकर मचाया हंगामा, हंगामे के बाद पुलिस हिरासत में आरोपी
A quack doctor administered an injection, foam came out of the mouth, and the middle-aged man died. Family members created a ruckus. Following the uproar, the accused was taken into police custody.
कोंडागांव : छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक बुजुर्ग को झोलाछाप डॉक्टर से टॉन्सिल का इलाज कराना महंगा पड़ गया. झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज से बुजुर्ग की मौत हो गई. बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. हंगामे के बाद झोलाछाप डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया. यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक आडकाछेपड़ा वार्ड में रहने वाले बाला राम बंजारे उम्र 60 साल को मामूली टॉन्सिल की शिकायत थी. जिसकी शिकायत लेकर वह शनिवार शाम को कथित डॉक्टर निखील सिकदार के कलेक्ट्रेट के पास स्थित क्लीनिक में पहुंचा था. निखील सिकदार के इंजेक्शन लगाते ही बाला राम की तबियत बिगड़ गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा. आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर निकले. लेकिन बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया.
घटना के बाद मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने रविवार को कोतवाली थाने के सामने जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि निखील सिकदार की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में ANM के पद में पदस्थ है. उनके निवास में एक उप स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित हो रहा है. जिसकी आड़ में उसने कलेक्टर कार्यालय के सामने एक क्लीनिक खोल रखा है. जहां से वो अवैध तरीके से मरीजों का इलाज कर रहा है.
एक वीडियो में निखिल सिकदार कैमरे के सामने यह कबूल करते हुए दिख रहा है कि उसने ही बाला राम बंजारे को इंजेक्शन लगाया था. उसने यह भी कबूल किया कि उसके पास डॉक्टरी करने का कोई वैध लाइसेंस या सरकारी अनुमति नहीं है. परिजनों ने शाम 6 बजे का एक और वीडियो जारी किया है. जिसमें बाला राम बंजारे पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे हैं. और समाज के लोगों के साथ मूवी देखने गए थे. जिससे यह साबित होता है कि इंजेक्शन लगने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी.
मृतक के परिजन दिनेश बंजारे, विशाल बंजारे और समाज के लोगों ने कथित डॉक्टर निखील सिकदार पर यह भी आरोप लगाया है कि वो काफी लंबे समय से अवैध तरीके से मरीजों का इलाज कर रहा था. उसके पास डॉक्टरी करने का कोई वैध लाइसेंस या सरकारी अनुमति नहीं है. जिसके खिलाफ पहले भी शिकायत की जा चुकी है. इसके बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई. यही वजह है कि गलत इलाज की वजह से बाला राम बंजारे की मौत हो गई. जिसको लेकर जमकर हंगामा किया गया.
इसके बाद पुलिस ने कथित डॉक्टर निखील सिकदार को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरु कर दी है. हालांकि पुलिस ने फ़िलहाल उनकी आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और न ही मीडिया को इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान दिया गया है. अब देखना होगा कि बार-बार शिकायतों और अब मौत जैसी गंभीर घटना के बाद प्रशासन इस फर्जी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा.
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