नेशनल हाईवे पर खड़े खराब ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार बाइक, दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, गांव में शोक का माहौल, पुलिस पेट्रोलिंग पर उठे सवाल

Speeding motorcycle crashes into a broken-down trailer on the national highway; two cousins ​​die tragically, plunging the village into mourning and raising questions about police patrolling.

नेशनल हाईवे पर खड़े खराब ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार बाइक, दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, गांव में शोक का माहौल, पुलिस पेट्रोलिंग पर उठे सवाल

सरगुजा/बतौली : सरगुजा जिले के NH-43 पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. विशुनपुर चौक के पास सड़क किनारे खड़े खराब ट्रेलर के पिछले हिस्से से बाइक टकराने पर दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई. हादसे में एक युवक ने सीतापुर अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि दूसरे की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. लगातार हो रहे हादसों के बीच सड़क पर खड़े खराब वाहनों और पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक लुंड्रा थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर अंतर्गत ऊंचडीह टकरीपानी निवासी अशोक कुमार नागेश पिता सुमर नागेश उम्र 34 साल अपने चचेरे भाई संतोष नागेश के साथ गुरुवार को फॉल्स सीलिंग का काम करने सीतापुर गए थे. काम पूरा करने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे.
इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर विशुनपुर चौक के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर वाहन नम्बर TN 88 B 4718 के पिछले हिस्से से उनकी बाइक टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए.
हादसे के बाद राहगीरों ने दोनों घायलों को सीतापुर अस्पताल पहुंचाया. वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद संतोष नागेश को मृत घोषित कर दिया. वहीं, अशोक कुमार नागेश की हालत नाजुक होने की वजह से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह अशोक ने भी दम तोड़ दिया. एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में शोक का माहौल है.
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े खराब वाहनों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि बीते सोमवार रात बतौली क्षेत्र में सड़क पर खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉला के पिछले हिस्से से टकराने पर दो बाइक सवारों की मौत हुई थी. इसके बाद विशुनपुर में हुए हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक पिछले चार दिनों में सड़क पर खड़े खराब वाहनों से जुड़े हादसों में चार बाइक सवार युवकों की जान जा चुकी है. इसके बावजूद हाईवे पर खराब वाहनों को सुरक्षित स्थान पर हटाने और हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.
लगातार हो रहे हादसों के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क पर खड़े खराब वाहनों की समय रहते पहचान कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए. तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है.
राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर लगातार हो रही मौतें सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है. सड़क पर खराब वाहनों को बिना पर्याप्त सुरक्षा संकेतों के खड़ा करना राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में हादसों की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों की निगरानी और यातायात सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरुरी है.
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