तीज मिलन समारोह में कुर्सी दौड़, मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन, लोकरंजनी लोककला सांस्कृतिक समिति ने दी भावपूर्ण प्रस्तुति
Chair race pot breaking competition organized in Teej Milan ceremony Lokaranjani Folk Art Cultural Committee gave an emotional presentation
तीज मिलन समारोह में कुर्सी दौड़, मटकी फोड़ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
महासमुंद : खरोरा के गुड़ी चौक में तीज पर्व के उपलक्ष्य में तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया. ग्राम के सभी तिजहारिन माता बहनों ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. भगवान शंकर और माता पार्वती के पूजा-अर्चना के बाद कार्यक्रम शुरु हुआ.
इस कार्यक्रम में कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. जिसमें तीज सुंदरी प्रतियोगिता, गुब्बारा फुलाओं, गुब्बारा फोड़, कुर्सी दौड़, छतरी घुमाओ, मटकी फोड़ प्रतियोगिता शामिल हैं. सभी माता बहनों ने उत्साहित हाेकर प्रतियोगिताओं में अपनी भागीदारी निभाई.
इस समारोह के तीज सुंदरी प्रतियोगिता में सविता चंद्राकर प्रथम, मटकी फोड़ लक्ष्मी चंद्राकर प्रथम, गुब्बारा फोड़ पद्मिनी चंद्राकर प्रथम, दूसरा कमलू चंद्राकर, छतरी घुमाओ प्रतियोगिता में प्रथम त्रिवेणी चंद्राकर, दूसरा डाली मानिकपुरी, कुर्सी दौड़ में प्रथम मधुमती चंद्राकर, दूसरा नीता चंद्राकर, इन आउट प्रतियोगिता में प्रथम त्रिवेणी चंद्राकर, दूसरा नंदा चंद्राकर, प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को सरपंच सुनीता देवदत्त चंद्राकर तथा आईपीएल ग्रुप द्वारा आकर्षक पुरस्कार प्रदान की.
इस मौके पर पंकज चंद्राकर, उत्तम चंद्राकर, लकी चंद्राकर, प्रीति चंद्राकर, हेमलता चंद्राकर, सविता चंद्राकर, हर्षु, संदीप, धनंजय मधुमती, त्रिवेणी, हेमलता, गोदावरी, जयश्री, पिंकी, नंदा, मीना, गुंजा, लक्ष्मी, रानु, नंदनी, शीला, कुलेश्वरी एवं बड़ी तादाद में ग्रामवासी मौजूद थे.
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लोकरंजनी लोककला सांस्कृतिक समिति ने दी भावपूर्ण प्रस्तुति
तीजा पर्व के मौके पर चंदखुरी में "लोकरंजनी" लोककला सांस्कृतिक समिति रायपुर द्वारा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से बहुत ही मनोहारी प्रस्तुति दी गई.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब विधायक आरंग, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं पूर्व विभाग प्रमुख दानीराम वर्मा की उपस्थिति रही.
तीजा पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकगीत संगीत बहुत ही सुंदर ढंग से पेश किया गया. जिसमें कर्मा, ददरिया, राउत नाचा, पंथी, पंडवानी, भरथरी जैसे पारंपरिक लोक विधा का मंचन किया गया. इसमें प्रसिद्ध पांडवानी का विशेष प्रसंग पेश किया गया. छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध राउत नाचा बहुत ही सुंदर ढंग से नृत्य, गीत, दोहा के साथ पेश किया.
कार्यक्रम में दर्शकों की अपार भीड़ रही सभी प्रस्तुति को मौजूद दर्शकों ने बड़े ही भाव विभोर होकर आनंद लिया. और कहा कि इस तरह की प्रस्तुति हर साल हो. इस मौके पर सभी कलाकारों को पुष्प माला, गुलदस्ता के साथ शाल, श्रीफल स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया.
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तीजा पर्व के बाद माता कौशल्या को भावपूर्ण विदाई दी गई माता कौशल्या को विदा करते हुए आंखें नम हुई
माता कौशल्या की मायके चंदखुरी आने के उत्साह को लेकर साल भर बड़ी प्रतीक्षा रहती है. वही प्रतीक्षा तीजा पर्व के संपन्न होने के बाद पूर्ण हो जाती है. माता कौशल्या संग तीजा तिहार का यह उत्सव अयोध्या से मिट्टी लाने से शुरु होकर मूर्ति निर्माण एवं उसकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ तीजा पर्व के विधिवत नेक के साथ बड़ी उत्साह के साथ पर्व काल व्यतीत होता है. लेकिन परंपरा के अनुसार मायके आने वाली माता और बहनों को तीजा पर्व के बाद अपनी ससुराल लौटना ही होता है. इसी अनुक्रम में चंदखुरी के ग्राम वासी सहित बड़ी तादाद में पधारे हुए लोगों के माता को विदा देते समय आंखों में आंसू थे बड़े भाव विभोर होकर माता की मूर्ति को पंथी नृत्य एवं रावत नाचा के साथ ग्राम भ्रमण कराते हुए जनसेल तालाब में विसर्जित किया गया.
इस कार्यक्रम के सूत्रधार राकेश तिवारी ने आयोजन में सम्मिलित होने वाले लोगों को धन्यवाद देते हुए आगामी साल में इस समारोह को और भव्य रूप में आयोजित करने की बात कही.
विदाई के शोभायात्रा में माता कौशल्या संग तीजा तिहार के सह संयोजक डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर, हेमलाल पटेल, मनीष लदेर, नरेंद्र यादव मोहन साहू ,प्रभा यादव, तनु यादव, दिनेश जांगड़े ,दयालु राम यादव, घासीया राम वर्मा, धनीराम सहित बड़े संख्या में ग्रामवासी भाग लिया.
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गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ घरों और पंडालों में विराजे गणेश जी, देर रात तक चला सिलसिला
गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ 10 दिवसीय गणेश उत्सव का शुभारंभ हो गया है. गणपति बप्पा मोरिया के जयकारों के बीच शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना व आरती कर लोगों ने भगवान गणेश को घरों और पंडालों में विराजमान किया. गणपति को मोदक व बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाकर सुख-समृद्धि व जन कल्याण के लिए प्रार्थना की.
अधिकांश घरों व पंडालों में लोगों ने ईको फ्रेंडली गणेश जी की स्थापना कर पर्यावरण के प्रति अपने प्रेम का भी इजहार किया. 10 दिनों तक अंचल सहित पूरे देश में गणपति का यह उल्लास बना रहेगा.
नवापारा राजिम नगर सहित अंचल में सुबह से ही उत्सवी माहौल नजर आया, गली-गली ढोल नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा मोरिया, मंगलमूर्ति मोरिया के जयघोष गूंज रहे थे. घरों में शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश की स्थापना हुई. गणेश उत्सव के चलते पूरे शहर में आकर्षक विद्युत साज-सजा की गई है. जगह-जगह झिलमिल झांकियां सजाकर गणेश जी की स्थापना की गई है.
सुबह से ही शहर में गणेशजी की स्थापना की तैयारियां शुरु हो गई थीं. झांकी स्थलों पर रौनक थी. वहीं घरों में भी लोग स्थापना की तैयारियों में जुटे हुए थे. शुभ मुहूर्त में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान गणेश की स्थापना की गई. इसके बाद गुड़ के मोदक, लड्डुओं का भोग लगाकर आरती की गई. गणेश स्थापना का सिलसिला देर रात तक चलता रहा.
सुबह से ही नगर में जगह-जगह लगे मूर्तिकारों की दुकान पर लोगों की भीड़ थी. पंडालों के बाहर ढोल नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे गूंज रहे थे. गणेश की प्रतिमाओं को उत्सव समितियों के सदस्य गाजे बाजे के साथ लेकर पहुंच रहे थे.
ट्रैक्टर-ट्रालियों में एक ओर सार्वजनिक स्थानों की बड़ी प्रतिमाएं थी. तो दूसरी ओर स्कूटर, बाइक, कार में श्रद्धालु छोटी प्रतिमाएं लेकर घर पहुंच रहे थे. अंचल में यह नजारा जगह-जगह दिखाई दिया. कई स्थानों पर मूर्तिकारों ने गणेश प्रतिमाओं के लिए स्टॉल लगा रखे थे.
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