अवैध भंडारण पर कार्यवाई, एक्शन मोड में मैनपुर में कृषि विभाग, किसानों तक पहुंचने से पहले पकड़ी गई गड़बड़ी, गुप्त गोदाम से 242 बोरी यूरिया खाद जब्त

Crackdown on illegal storage: Agriculture Department in Manpur swings into action; irregularities detected before supplies could reach farmers, and 242 bags of urea fertilizer seized from a secret warehouse.

अवैध भंडारण पर कार्यवाई, एक्शन मोड में मैनपुर में कृषि विभाग, किसानों तक पहुंचने से पहले पकड़ी गई गड़बड़ी, गुप्त गोदाम से 242 बोरी यूरिया खाद जब्त

गरियाबंद : गरियाबंद जिले में खाद और बीज की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ कृषि विभाग ने लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए 242 बोरी यूरिया उर्वरक जब्त किया है. इससे पहले भी विभाग ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 186 बोरी खाद और बीज जब्त किए थे. पिछले कुछ दिन पहले ओर आज दोनों मिलाकर कुल 428 बोरी खाद-बीज जब्त होने से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
कलेक्टर भगवान सिंह उईके के निर्देश और उप संचालक कृषि चंदन राय के मार्गदर्शन में उर्वरक, बीज और कीटनाशी निरीक्षकों द्वारा मैनपुर विकासखंड में लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है.
पूर्व कार्रवाई में ग्राम गुड़भेली में विद्याधर यादव के निवास से 60 बोरी रासायनिक उर्वरक (35 बोरी यूरिया, 15 बोरी पोटाश और 10 बोरी एनपीके) अवैध तरीके से भंडारित पाया गया थागरियाबंद  वहीं ग्राम तेतलपारा में खेमाधर नागेश की किराना दुकान से 126 बोरी धान बीज बिना वैध अनुमति के संग्रहित मिला था. कृषि विभाग ने इसे उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 एवं बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 का उल्लंघन मानते हुए कुल 186 बोरी खाद एवं बीज जब्त कर विक्रय पर प्रतिबंध लगाया था.
इसी कड़ी में मंगलवार को ग्राम धुरवागुड़ी में मनमोहन राजपूत के निवास पर 242 बोरी यूरिया उर्वरक अवैध रूप से भंडारित पाया गया. निरीक्षण दल ने मौके पर उपलब्ध समस्त यूरिया जब्त कर विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया और संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं.
कृषि विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विभाग ने किसानों से अपील किया कि वे सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद और
 बीज खरीदें, पक्का बिल अवश्य लें और कालाबाजारी, अवैध भंडारण या ज्यादा कीमत पर बिक्री की खबर फौरन विभागीय अधिकारियों को दें. शासन द्वारा खाद और बीज वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है और किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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