इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का बदला नियम, अब साल में दो बार होगी परीक्षा, हाजिरी कम होने पर छात्र बन जाएंगे प्राइवेट, सीयूईटी यूजी रिजल्ट जारी

Admission rules for engineering colleges changed: exams to be held twice a year; students with low attendance will be classified as private candidates; CUET-UG results released.

इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का बदला नियम, अब साल में दो बार होगी परीक्षा, हाजिरी कम होने पर छात्र बन जाएंगे प्राइवेट, सीयूईटी यूजी रिजल्ट जारी

इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश का बदला नियम
रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया इस बार एक नए नियम के कारण सुर्खियों में है. तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए मूल निवासी प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) जरूरी कर दिया गया है. इस वजह से तहसील दफ्तरों में ऑनलाइन आवेदन करने वालों की भीड़ लग रही है.
राज्यभर में कुल 34 इंजीनियरिंग कॉलेजों की लगभग 11,514 सीटों पर इस साल प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। पीईटी (Pre Engineering Test) के परिणाम घोषित होने के बाद अब काउंसिलिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन मूल निवासी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ने प्रक्रिया को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है.
प्रमाण पत्र के लिए तहसीलों में बढ़ा दबाव, आवेदन हुए दोगुने
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार रायपुर तहसील में सामान्य दिनों में मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए लगभग 100 से 150 आवेदन आते थे, जिन्हें 10 से 15 दिनों में निपटाया जाता था। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 250 से ऊपर हो गया है.
छात्र और उनके परिजन लगातार तहसील कार्यालयों और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। अधिकारियों का कहना है कि जिन आवेदकों के दस्तावेज पूरे हैं, उन्हें प्रमाण पत्र तत्काल जारी किया जा रहा है, जबकि जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से आवश्यक जानकारी भेजी जा रही है.
तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने नियम को पहले ही कर दिया था स्पष्ट
तकनीकी शिक्षा संचालनालय के अनुसार यह नियम कोई नया नहीं है, बल्कि प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत से ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई थी। विभाग का कहना है कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मूल निवासी प्रमाण पत्र अनिवार्य शर्त के रूप में लागू किया गया है ताकि प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और राज्य के पात्र छात्रों को प्राथमिकता मिल सके.
एडिशनल डायरेक्टर अभिताभ दुबे ने स्पष्ट किया कि यह नियम सभी कॉलेजों पर समान रूप से लागू है और इसके बिना किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी और इसकी विस्तृत सूचना जारी की जा रही है।
कोरोना के बाद घटते कॉलेज और सीटों की बदलती तस्वीर
छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग शिक्षा की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में काफी बदली है। वर्ष 2018-19 में राज्य में 47 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित थे, जिनमें बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की कुल सीटें लगभग 18,529 थीं। लेकिन कोरोना महामारी के बाद कई कॉलेज बंद हो गए या उनमें दाखिले कम हो गए, जिसके चलते अब कॉलेजों की संख्या घटकर 34 रह गई है.
इसके साथ ही सीटों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। हालांकि, सरकार ने प्रवेश को सरल बनाने और सीटों को भरने के उद्देश्य से कई नियमों में बदलाव किए हैं, जिनमें अधिकतम आयु सीमा हटाना भी शामिल है। पहले 30 वर्ष तक की आयु सीमा निर्धारित थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है, जिससे अधिक उम्र के युवा भी इंजीनियरिंग में प्रवेश ले सकते हैं.
काउंसिलिंग प्रक्रिया और छात्रों की बढ़ती उम्मीदें
PET का रिजल्ट आ चुका है और अब विभाग जल्द ही ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू करने की तैयारी में है। राज्य की 11,514 सीटों पर दाखिले के लिए यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। विभाग का मानना है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी.
हालांकि मूल निवासी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता ने छात्रों के बीच तैयारी का दबाव बढ़ा दिया है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार स्थानीय छात्रों को प्राथमिकता देने की नीति पर सख्ती से अमल कर रही है। यही वजह है कि आवेदन प्रक्रिया में तेजी देखी जा रही है और तहसील कार्यालयों में भीड़ बढ़ गई है.
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अब साल में दो बार होगी परीक्षा, हाजिरी कम होने पर छात्र बन जाएंगे प्राइवेट
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी CGBSE ने 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. अब बिना APAAR ID के 9वीं से 12वीं में प्रवेश नहीं मिलेगा. 75% हाजिरी जरुरी है. वरना प्राइवेट परीक्षार्थी माना जाएगा. साल में दो बार मुख्य परीक्षा होगी. प्रवेश की प्रक्रिया 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी.
APAAR ID क्यों जरुरी है
सरकार ने सभी विद्यार्थियों के लिए APAAR ID यानी ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR - Automated Permanent Academic Account Registry) बनाना जरुरी कर दिया है.
यह एक तरह की शैक्षणिक पहचान संख्या है. बिना इस आईडी के 9वीं से 12वीं तक किसी भी कक्षा में नियमित प्रवेश नहीं मिलेगा.
75% हाजिरी नहीं तो प्राइवेट
नए नियमों के मुताबिक नियमित विद्यार्थी के लिए स्कूल में 75% हाजिरी जरुरी है. अगर हाजिरी कम रही तो नियमित विद्यार्थी का आवेदन निरस्त होगा और प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देनी होगी.
विशेष परिस्थितियों में मंडल की तरफ से अधिकतम 10% की छूट मिल सकती है यानी कम से कम 65% हाजिरी होनी चाहिए.
साल में दो बार मुख्य परीक्षा
बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में भी बड़ा बदलाव किया है. अब एक ही सत्र में दो बार मुख्य परीक्षा होगी.
पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी और दूसरी परीक्षा जून-जुलाई में होगी. अगर छात्र दूसरी परीक्षा में भी फेल होता है तो क्रेडिट योजना के तहत उसे अगले साल भी मौका दिया जाएगा.
गैप होने पर क्या नियम
अगर किसी छात्र की पढ़ाई में एक साल का अंतर (Gap) आया है. तो वह शपथ-पत्र (Affidavit) जमा कर दोबारा रेगुलर छात्र के रूप में एडमिशन ले सकता है. अगर पढ़ाई छूटे हुए 2 साल से ज्यादा का समय हो गया है. तो छात्र को नियमित एडमिशन नहीं मिलेगा. उन्हें सिर्फ प्राइवेट छात्र के रूप में ही परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी.
प्रवेश की तारीखें
छात्रों और अभिभावकों के लिए बोर्ड ने समय-सीमा भी तय कर दी है:
नियमित एडमिशन: कक्षा 9वीं से 12वीं तक रेगुलर एडमिशन की प्रक्रिया 16 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी.
विशेष अनुमति से प्रवेश: बहुत जरूरी होने पर मंडल सचिव की अनुमति से 17 अगस्त 2026 तक एडमिशन लिया जा सकेगा.
रिजल्ट के बाद मौका: जो छात्र दूसरी मुख्य परीक्षा (पूरक) में पास होंगे. वे रिजल्ट आने के 10 दिनों के भीतर अगली कक्षा में एडमिशन ले सकेंगे.
9वीं कक्षा का नामांकन: कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 31 अगस्त 2026 तक रजिस्ट्रेशन (नामांकन) कराना जरुरी है.
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सीयूईटी यूजी रिजल्ट जारी
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) 2026 का रिजल्ट आज जारी कर दिया गया है. रिजल्ट को ऑफिशियल वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जारी किया गया है. ये एग्जाम 11 मई से 31 मई और 6 से 7 जून तक हुआ था. CUET UG पेपर का आयोजन 321 शहरों में किया गया था. NTA ने 21 जून को CUET UG 2026 की फाइनल आंसर जारी की थी. जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि रिजल्ट को किसी भी समय जारी किया जा सकता है. बता दें कि फाइनल आंसर में से सात सवालों को हटाया गया था.
कैसे चेक करें CUET UG 2026 रिजल्ट
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (CUET UG) 2026 का रिजल्ट चेक करने के लिए CUET की आधिकारिक वेबसाइट cuet.nta.nic.in पर जाएं.
होमपेज पर “CUET UG Result 2026” लिंक होगा. इसपर क्लिक कर लें.
पूछी गई सारी जानकारी सही से भरें और Security Pin दर्ज कर दें.
लॉगिन करते ही आपका CUET UG 2026 स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा.
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) एक राष्ट्रीय स्तर परीक्षा है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), हैदराबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जैसे प्रमुख कॉलेज में अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला CUET UG के स्कोर के आधार पर ही मिलता है. यह एग्जाम पूरी तरह से कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) होता है. उम्मीदवार कुल 37 विषयों में से ज्यादा से ज्यादा 5 विषयों में ये परीक्षा दे सकते हैं. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या 2025 में 10,71,735 से बढ़कर 2026 में 11,64,098 हो गई है.
काउंसलिंग की प्रक्रिया होगी शुरु
रिजल्ट जारी होने के बाद अब काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी. छात्र कॉलेजों के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे. CUET के स्कोर के आधार पर मेरिट लिस्ट निकाली जाएगी
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