अपने बेटे को बचाने कराई थी झूठी शिकायत, जांच में पता चला बेटा करता था गाड़ियों की चोरी, झूठी विडियो वायरल करने की शिकायत

Had lodged a false complaint to save his son investigation revealed that the son used to steal vehicles complaint of making false video viral

अपने बेटे को बचाने कराई थी झूठी शिकायत, जांच में पता चला बेटा करता था गाड़ियों की चोरी, झूठी विडियो वायरल करने की शिकायत

गरियाबंद : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष गरियाबंद में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की गई.
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में 276वीं जनसुनवाई हुई। जिला स्तर में छठवीं सुनवाई हुई. गरियाबंद जिला के जनसुनवाई में कुल 18 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गये थे. कार्यवाही में कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल मौजूद रहे. सुनवाई के दौरान कुल 18 मामलों में से 12 नस्तीबद्ध, 3 रायपुर स्थानांतरण, 1 मामला जिला संरक्षण अधिकारी को सौपा गया और 2 मामलों में उभयपक्ष गैरहाजिर रहे.
सुनवाई के दौरान एक मामले में आवेदिका ने बताया अनावेदक जेल मे हैं. आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ 8 अगस्त 2024 को थाना देवभोग में धारा 376 (2) एन 376(3) लैगिंक अपराध बालको के संरक्षण अधिनियम की धारा 4 व 6 के तहत जुर्म दर्ज किया है. जिसका चालान अभी अदालत में पेश नहीं हुआ है. आवेदिका उड़िसा की निवासी है. उसे गरियाबंद की अदालत में सुनवाई के लिये आना जाना पड़ेगा. और उनके कम उम्र और आर्थिक स्थिति को देखते हुए सुनवाई के दौरान उसे सखी सेंटर में रूकने की व्यवस्था दिये जाने के लिए संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया गया. वह थाना देवभोग से चालान मिलने और अदालत में मामला दर्ज होने की जानकारी लेकर रखेगी और आवेदिका की सहयोग करेगी.
एक दुसरे मामले में आवेदिका ने अपने केस से बचने के लिये थाना प्रभारी देवभोग के खिलाफ शिकायत पेश किया था. आवेदिका ने आवेदन में बताया कि उनके घर से 5 बाईक चोरी किया था. और उसके बेटे के साथ मारपीट किया गया था. जिसके लिए उसने आयोग मे शिकायत किया अनावेदक पक्ष ने दस्तावेज पेश किया था. आवेदिका उसके पति ने उच्च न्यायालय बिलासपुर के याचिका प्रस्तुत किया. जिसे मुख्य न्यायाधीश द्वारा 24 जुलाई 2024 को खारीज कर दिया और उसमें आवेदिका और उसके पति के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया है. इस संबंध में महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देश के बाद आयोग मे इस प्रकरण का सुने जाने का औचित्य नही रहता है. इस तरह प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया.
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के साथ बिना शादी किये एक साथ 3 साल तक रह रहे थे. अनावेदक आवेदिका को छोड़कर भाग गया था. वर्तमान मे आवेदिका ने अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया गया है. ऐसी दशा में इस प्रकरण को आयोग मे सुने जाने योग्य कोई औचित्य नहीं है. आवेदिका चाही तो अपने पैसे की वसुली के लिए दिवानी अदालत में मामला दर्ज करा सकती है. मामला नस्तीबद्ध किया गया. एक अन्य मामले में आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ शिकायत किया था कि उनका फोटो विडियो वायरल किया था. दस्तावेज देखे जाने पर यह साफ है कि आवेदिका ने कबूल किया था कि उसका पैसा गिनते हुए फोटो है. लेकिन वह फोटो रिश्वत के पैसे गिनने का नही है. आयोग के सुनवाई में थाना कोतवाली गरियाबंद ने बताया कि आवेदिका ने लिखित आवेदन दिया है कि वह अनावेदक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही चाहती है. जिसकी प्रति आयोग में पेश किया. प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया. एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने आवेदन प्रस्तुत किया है कि वह अपने प्रकरण पर कार्यवाही नहीं चाहती है. प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया. एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि थाने में उभयपक्ष के बीच सुलहनामा हो गया है. आयोग से राजीनामा होना चाहते है. प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया.
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