भूखे तेंदुए का फिर वीडियो आया सामने, इस बार कुत्ते पर हमला करता दिखा, हाथियों के खौफ से गरियाबंद में छतों पर बनाई झोपड़ी, डर के साए में ग्रामीण
Video of hungry leopard surfaced again this time it was seen attacking a dog Due to fear of elephants huts built on rooftops in Gariaband villagers in fear
भूखे तेंदुए का फिर वीडियो आया सामने, इस बार कुत्ते पर हमला करता दिखा
गरियाबंद : गरियाबंद- तेंदुआ का अब दूसरा वीडियो आया सामने इस वीडियो में तेंदुआ फुर्ती से कुत्ते पर हमला करते हुए साफ दिखाई दे रहा है. पहले वीडियो में जहाँ तेंदुआ को पैरी नगर के पास एक मकान के आंगन में बैठा हुआ दिखाई दे रहा था. वही अब तेंदुआ कुत्ते पर झप्पटा मारता हुआ वीडियो देख लोग काफ़ी दहशत में नजर आ रहे हैं.
मुहल्लेवासी लगतार एक महीने से ख़ौफ के साये में जी रहे हैं. तेंदुए का दूसरा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है और आसपास के इलाकों के लोगो के दिलो की धड़कने भी तेज हो रही है. दहशत का माहौल बना हूँआ है. लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं आखिर कैसे हमे इस ख़ौफ से कैसे निजात मिलेगी? लोगो का कहना है तेंदुआ जिस रफ़्तार से जानवरों पर हमला कर रहा है वो हमारे घर का गेट क्रास ना कर दे. वही परिजन अपने छोटे बच्चों को लेकर बेहद चिंतित नज़र आए. उनका कहना है हम सब अपने काम से अक्सर बाहर रहते हैं. और बच्चे शाम को घर के आस पास खेलते रहते हैं. तेंदुए के रात में घर के आंगन में कुत्ते पर हमला करता हुआ वीडियो देख मुहल्लेवासी पूरी रात सो नहीं पाए. लोगो ने प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है.
पिछले दिनों गरियाबंद शहर में एक तेंदुआ के घुमने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन एवं वन अमला सतर्क हो गया है. तेंदूएं के विचरण क्षेत्र और उसके रहवास के संभावित क्षेत्रों के आसपास कड़ी निगरानी की जा रही है. तेंदुआ के देखे जाने पर वन विभाग द्वारा जारी नम्बर 8871850621, 7803919831 एवं 73542ेे12601 में फौरन कॉल कर खबर देने की अपील भी की जा रही है
कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने लोगों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से वन एवं प्रशासनिक अमलों को मुस्तैदी से सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. साथ ही तेंदुए की ट्रैपिंग करने के भी निर्देश दिये हैं. उन्होंने शहर में स्थित छात्रावास भवन में कांटा तारयुक्त के अलावा घेराबंदी भी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही आमजनों और बच्चों को शाम के समय सुनसान जगहों में नहीं निकलने और जरुरी सावधानी भी बरतने के लिए लोगों को समझाईश देने के निर्देश दिए हैं.
कलेक्टर के निर्देशानुसार वन एवं जिला प्रशासन द्वारा गंभीरतापूर्वक निगरानी की जा रही है. विभाग द्वारा तेंदुए के संभावित विचरण क्षेत्रों के चारो ओर ट्रैप कैमरा लगाए जा रहे हैं. साथ ही निगरानी दल द्वारा लगातार गश्त लगाकर तेंदुए के मौजूदगी की पहचान की जा रही है. शहर के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुआ विचरण क्षेत्र से संबंधित पोस्टर और बैनर लगाए गए है. साथ ही पोस्टर में रात में अकेले न घुमने, बच्चे एवं वृद्धजनों को विशेष रुप से सतर्कता बरतने संदेश देकर जागरुक किया गया.
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हाथियों के खौफ से गरियाबंद में छतों पर बनाई झोपड़ी, डर के साए में ग्रामीण
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के मैनपुर रेंज में पिछले डेढ़ महीने से हाथियों ने उत्पात मचा रखा है. सिकासेर हाथियों का दल 15 गांवों के इलाके में घूम रहा है. फसलों को बर्बाद कर रहा है. इसके चलते करीब 500 परिवारों की दिनचर्या बदल गई है. रोजगार प्रभावित हुआ है.
ग्रामीण सूर्यास्त से पहले खाना बना लेते हैं. इसके बाद रात में छतों पर बनी झोपड़ियों में डेरा डालकर जान बचाते हैं. अब तक राहत के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है. सिकासेर हाथियों के दल में 3 शावकों समेत करीब 45 सदस्य बताए जा रहे हैं.
छतों पर तंबू लगे नजर आ रहे हैं
हाथियों का दल सिहार, फरसारा, लूठापारा, धोबी पारा समेत 15 किलोमीटर के क्षेत्र में करीब 15 गांवों में घूम रहा है. इसके चलते यहां के लोग अब पक्के मकानों की छतों पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं. घरों की छतों पर तंबू लगे नजर आ रहे हैं.
हाथी के गांव की सीमा में प्रवेश करते ही कुत्तों के भौंकने की आवाज आने लगती है. परिवार के साथ छत पर चढ़े छिंदौला के सुख सिंह कुमार बताते हैं कि शाम होने से पहले ही परिवार खाना बना लेता है. बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को छतों पर ले जाने का सिलसिला शुरु हो जाता है.
नाले के पानी में गोता लगाकर बचाई जान
हाथी कब और किस दिशा से आ जाए, कोई नहीं जानता. फरसारा निवासी सुंदर कुमार दो दिन पहले अपनी दो बेटियों के साथ पैरी नाला में नहाने गया था. हाथी नाले में खेल रही बच्चियों के पास आ गया. सुंदर बच्चियों को बचाने के लिए हाथी के सामने आ गया.
बच्चियों ने भागकर अपनी जान बचाई। सुंदर नाले के पानी में डुबकी लगाने लगा. हाथी ने उसे कुचलने के लिए पैर बढ़ाया. लेकिन उसे मरा समझकर आगे बढ़ गया. हाथी के जाने के बाद सुंदर बाहर आया. उसका पैर सूजा हुआ था. सुंदर ने बताया कि परिवार मौत के मुंह से बाहर आ गया.
वन विभाग से भी ग्रामीण नाराज
सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है. छिंदौला के युवा किसान फूलचंद सोरी का कहना है कि पिछले दो सालों से फसल बर्बाद होने के बाद कई किसानों ने इस बार खेती करना ही बंद कर दिया है. कमार जनजाति के लोगों ने कच्चा माल लाने के लिए जंगल जाना बंद कर दिया है. बांस के बर्तन बनाने का काम आधा हो गया है. आमदनी भी अधूरी रह गई है. वन विभाग कुछ नहीं कर रहा है.
हाथी मित्र दल के भरोसे जनहानि रोकने का दावा
राहत के नाम पर विभाग ने अब तक 30 किसानों की 60 एकड़ फसल बर्बाद होने का मामला बनाया है. डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि जल्द ही 9 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा. वन विभाग छिंदौला में तैनात 5 हाथी मित्र दल के भरोसे जनहानि रोकने का दावा भी कर रहा है.
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