गांव में डायरिया का प्रकोप, 30 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती, लगातार बढ़ रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, संक्रमण का बढ़ा खतरा
Diarrhea outbreak in the village, more than 30 people admitted to hospital, patients increasing continuously, health department on alert, increased risk of infection
बलौदाबाजार-भाटापारा : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सुहेला क्षेत्र स्थित बिटकुली गांव में डायरिया तेजी से अपने पैर पसार रहा है. पिछले तीन दिनों से गांव में उल्टी, दस्त और बुखार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 30 से ज्यादा ग्रामीणों को सुहेला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया जा चुका है. पीड़ितों में बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.
मंगलवार की रात को ही 13 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. चार साल के मासूम अविनाश से लेकर 70 साल की बुजुर्ग रुक्मिणी साहू तक हर उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है.
हालांकि ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि गांव में अब तक कोई स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है और न ही पेयजल के नमूनों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है. जिससे बीमारी फैलने की असल वजह का पता चल सके.
सुहेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती तादाद की वजह से अव्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है. चिंताजनक बात यह है कि डायरिया पीड़ितों और गर्भवती महिलाओं के वार्ड एक-दूसरे के काफी करीब हैं। इससे नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं में भी संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है. इस स्थिति ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद यादव, जनपद अध्यक्ष दौलत पाल, बिटकुली गांव के सरपंच डोमार मारकंडे और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया.
जिलाध्यक्ष आनंद यादव ने आश्वासन दिया कि सभी मरीजों का इलाज डॉक्टरों की सघन निगरानी में किया जा रहा है और अगर जरुरत पड़ी तो गांव में फौरन स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा. जनपद अध्यक्ष दौलत पाल ने भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही पानी के नमूनों की जांच कराकर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा.
CHC सुहेला के प्रभारी डॉ. मनोहर लाल ध्रुव ने बताया कि मरीजों का इलाज लगातार जारी है और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने की भी व्यवस्था की गई है. उच्च अधिकारियों से आदेश मिलते ही गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा.
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाने की जरुरत है ताकि डायरिया के प्रकोप को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके.
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