जिला पंचायत सभापति का उड़ा दिया मोबाइल और पैसा, बीजेपी के सिंबल और फर्जी पहचान के साथ चोरी, आयुष डागा निकला फर्जी प्रदेश अध्यक्ष

District Panchayat Chairman's mobile and money stolen, stolen with BJP symbol and fake identity, phone thief turned out to be fake state president

जिला पंचायत सभापति का उड़ा दिया मोबाइल और पैसा, बीजेपी के सिंबल और फर्जी पहचान के साथ चोरी, आयुष डागा निकला फर्जी प्रदेश अध्यक्ष

महासमुंद : सत्ता और पद का नकली मुखौटा पहनकर ठगी का खेल खेलने वाला एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर आयुष डागा आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया. यह शातिर अपराधी खुद को “स्वाभिमान टैक्सी मालिक संघ” का प्रदेश अध्यक्ष बताकर नेताओं और आम जनता को चकमा दे रहा था.
आरोपी ने हाल ही में पटेवा स्थित पतई माता हॉस्पिटल के ICU वार्ड से एक मोबाइल चोरी किया. जिसमें तकनीकी ‘जुगाड़’ लगाकर उसने सीधे जिला पंचायत सभापति रवि फरोदिया के मोबाइल फोन तक पहुंच बना ली. उसने न सिर्फ फोन का डाटा निकाला. बल्कि उसके जरिए पैसे भी ट्रांसफर कर लिए.
इस अपराधी की पहचान को और मजबूत बनाने के लिए उसने अपनी कार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव चिन्ह (कमल) की नेम प्लेट लगा रखी थी. ताकि कोई उसे आम ठग न समझे. इसी के साथ वह खुद को खुलेआम “प्रदेश अध्यक्ष” बताकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में घूमता था.
आख़िरकार पीड़ित और पुलिस ने गूगल के ‘Find My Phone’ फीचर का सहारा लिया. जिससे आरोपी की लोकेशन ट्रेस हुई और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
आयुष डागा के खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह तकनीकी साधनों के ज़रिए फोन हैक करता था और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाता था.
आरोपी द्वारा बीजेपी के सिम्बल का दुरुपयोग करना एक गंभीर मामला बन गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह किसी संगठित गिरोह से तो नहीं जुड़ा हुआ था.अब सवाल उठता है — क्या यह सिर्फ एक शातिर चोर है या इसके पीछे है पॉवर और अपराध का खतरनाक गठजोड़?
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पेशेवर मुजरिम है. जो लगातार पहचान बदलकर और राजनीतिक पदों का फर्जी दावा कर लोगों को धोखा दे रहा था. इसकी पूरी नेटवर्किंग की जांच की जा रही है.
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