नवरात्रि के दौरान करु कांदा समझकर खा लिया जहरीला कंद, तीन महिलाओं की बिगड़ी तबीयत, नगरी अस्पताल में इलाज जारी, गांव में मचा हड़कंप

During Navratri, three women fell ill after consuming a poisonous tuber, mistaking it for an edible one; they are currently undergoing treatment at Nagri Hospital, and the incident has caused a stir in the village.

नवरात्रि के दौरान करु कांदा समझकर खा लिया जहरीला कंद, तीन महिलाओं की बिगड़ी तबीयत, नगरी अस्पताल में इलाज जारी, गांव में मचा हड़कंप

धमतरी/नगरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में जंगली कंद खाने से तीन महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है. ग्राम नवागांव सांकरा निवासी इन महिलाओं ने करु कांदा समझकर बेचांदी कांदा खा लिया. जिसके बाद उन्हें उल्टी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं। परिजनों ने फौरन तीनों को नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय पहुंचाया. जहां उनका इलाज जारी है. चिकित्सकों के मुताबिक समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से तीनों महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक नवरात्रि के दौरान गांव की कुछ महिलाएं जंगल में कंद निकालने गई थीं. इसी दौरान उन्हें एक ऐसा जंगली कंद मिला. जो देखने में करु कांदा जैसा मालुम हो रहा था. कंद की सही पहचान नहीं होने की वजह से महिलाएं उसे करु कांदा समझ बैठीं. घर लौटने के बाद उन्होंने बेचांदी कांदा को उबालकर खा लिया. सेवन करने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. हालात को देखते हुए परिजनों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया.
बीमार महिलाओं की पहचान बसंती पति खिलावन पुजारी उम्र 42 साल, भुनेश्वरी यादव पति कुंजलाल यादव उम्र 36 साल और पुष्पा यादव पति कुंजल यादव उम्र 36 साल निवासी ग्राम नवागांव सांकरा के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद सिहावा क्षेत्र के सर्व यादव समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश यादव और युवा सक्रिय सदस्यों हुमन लाल यादव, वीरेंद्र यादव और मनीष यादव सहित अन्य लोग अस्पताल पहुंचे. उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से चर्चा की.
डॉक्टर प्रवीण शांडिल्य ने बताया कि तीनों महिलाओं को समय रहते अस्पताल लाया गया. जिसकी वजह से उन्हें इलाज उपलब्ध कराया जा सका. फिलहाल तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है.
घटना की जानकारी मिलने पर सिहावा क्षेत्र के सर्व यादव समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश यादव और युवा सक्रिय सदस्य हुमन लाल यादव, वीरेंद्र यादव और मनीष यादव अस्पताल पहुंचे. उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सक से चर्चा की. साथ ही क्षेत्रवासियों को जंगली कंद की सही पहचान करने के बाद ही उसका सेवन करने के प्रति जागरूक किया.
घटना के बाद ग्रामीणों को जंगली कंद की पहचान को लेकर जागरूक किया जा रहा है. जंगल में मिलने वाले कई कंद देखने में एक जैसे हो सकते हैं. लेकिन उनकी प्रकृति और खाने लायक होने में अंतर हो सकता है. ऐसे में सिर्फ बाहरी बनावट के आधार पर किसी जंगली कंद को खाने योग्य मान लेना जोखिम भरा हो सकता है.
चिकित्सक डॉ. प्रवीण शांडिल्य ने बताया कि जिस कंद की पहचान स्पष्ट न हो. उसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. किसी संदिग्ध जंगली कंद को खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर घरेलू इलाज में समय गंवाने के बजाय फौरन अस्पताल पहुंचना चाहिए. ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सही जानकारी बेहद जरुरी है.
नगरी क्षेत्र की यह घटना जंगल से मिलने वाले खाद्य पदार्थों की सही पहचान के महत्व को रेखांकित करती है. समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से तीनों महिलाओं की हालत फिलहाल स्थिर है. वहीं, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे करु कांदा और अन्य जंगली कंदों की पहचान सुनिश्चित किए बिना उनका सेवन न करें.
ताजा खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb