फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मिली नौकरी, महिला टीचर उर्मिला बर्खास्त, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गोविंद साव सस्पेंड

Female teacher Urmila dismissed for getting job on the basis of fake caste certificate, Block Education Officer Govind Sao suspended

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मिली नौकरी, महिला टीचर उर्मिला बर्खास्त, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी गोविंद साव सस्पेंड

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मिली नौकरी, महिला टीचर उर्मिला बर्खास्त

बिलासपुर : फर्जी आदिवासी जाति की प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षिका बनी महिला को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने और उच्च स्तरीय छानबीन समिति पिछड़ा वर्ग की पाए जाने पर जेडी ने नौकरी बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है.
दरअसल, उर्मिला बैगा वर्तमान में शासकीय पूर्व मध्यमिक शाला चांटीडीह, विखं बिल्हा में पदस्थ है. उनके खिलाफ ओबीसी होते हुए अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने की शिकायत हुई थी. इस मामले में उच्च स्तरीय छानबीन समिति कार्यालय आयुक्त आदिम जाति व अनुसूचित जाति विकास विभाग पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से जांच कराया गया. इसमें शिक्षिका के पिता रतनलाल के दादा दुखिया पिता हरिराम के मिसल अभिलेख 1926-20 को देखा गया. इसमें ढीमर जाति अंकित था।
रतनलाल की सर्विस बुक में भी ढीमर दीमर जाति अंकित है. साथ ही शिक्षिका के शासकीय प्राथमिक शाला कुदुदंड के दाखिल खारिज रजिस्टर में भी जाति ढीमर लिखा हुआ है. ढीमर जाति केंद्र व राज्य सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल है. 11 दिसंबर 2006 को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने आदेश पारित किया. इसमें शिक्षिका की अनुसूचित जनजाति की जाति प्रमाण प्रमाण पत्र को गलत बताकर निरस्त कर दिया और कहा गया कि उसके आधार पर पाई गई नौकरी को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए.
इस आदेश के पालन में जिला शिक्षा अधिकारी ने 7 फरवरी 2007 को शिक्षिका उर्मिला बैगा की सेवा खत्म करने का आदेश जारी किया. जिसके खिलाफ शिक्षिका ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई. कोर्ट ने 1 मार्च 2007 को जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पर स्टे लगा दिया। लेकिन बाद में शिक्षिका ने अपनी याचिका वापस ले ली. इसके कारण कोर्ट ने पूर्व में जारी अंतरिम आदेश को समाप्त कर दिया. इसके आधार पर संयुक्त संचालक शिक्षा आरपी आदित्य ने उच्च स्तरीय छानबीन समिति के पारित निर्णय एवं हाईकोर्ट के पारित निर्णय 24 जुलाई 2024 के पालन में उर्मिला बैगा को सेवा से अलग कर दिया है.
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विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी साव सस्पेंड

दुर्ग : दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने कलेक्टर दुर्ग के प्रतिवेदन के आधार पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग गोविंद साव को शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत अपनी पत्नी को अतिशेष से मुक्त रखने परिशिष्ट-02 में तैयार की गई जानकारी को कर्त्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं कदाचार बरतने के आरोप में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकृत, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है.
निलंबन अवधि में श्री साव का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग निर्धारित किया गया है. साथ ही इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वह भत्ते की पात्रता होगी.
गोविंद साव विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग के द्वारा अपनी पत्नी कुमुदनी साव उच्च वर्ग शिक्षक (हिन्दी) शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेक्टर-09 भिलाई जिला दुर्ग को अतिशेष से मुक्त रखने के मकसद से युक्तियुक्तकरण के लिए परिशिष्ट-02 में तैयार की गई जानकारी में कुमुदनी साव को उच्च वर्ग शिक्षक (गणित) की जानकारी प्रदर्शित की गई.  इस तरह विकाखण्ड शिक्षा अधिकारी के जिम्मेदार पद पर आसीन होते हुए अपनी पत्नी को अतिशेष से मुक्त रखने के लिए कुटरचना की गई. साव का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम 03 के प्रतिकूल है.
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