छत्तीसगढ़ में अयोध्या तीर्थ यात्रा के नाम पर 75 ग्रामीणों से लाखों की ठगी, खुद को राम बताया जन्मभूमि ट्रस्ट का सदस्य, आरोपी होरी लाल गिरफ्तार
In Chhattisgarh, 75 villagers were duped of lakhs of rupees in the name of pilgrimage to Ayodhya. They claimed to be members of the Ram Janmabhoomi Trust. The accused, Hori Lal, was arrested.
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अयोध्या तीर्थ यात्रा के नाम पर ग्रामीणों से ठगी होने का मामला सामने आया है. जिससे इलाके में काफी नाराजगी बढ़ गई है. रतनपुर थाना क्षेत्र के गोंदईया और बछालीखुर्द गांवों के करीब 75 ग्रामीणों ने लाखों रुपये आरोपी को जमा करवाया. जिसके बाद वो अचानक गायब हो गया. जब लोगों को शक हुआ. तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जांच शुरू होते ही पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से गांवों में जाकर लोगों का विश्वास जीत रहा था.
मिली जानकारी के मुताबिक 22 मई 2025 को रतनपुर क्षेत्र के ग्राम गोंदइया थाना रतनपुर में रहने वाले हेमंत साहू ने ग्रामीणों की तरफ से थाना रतनपुर में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपित होरी लाल अनंत पिता टेसूदास अनंत निवासी ग्राम झझपुरीकला सतनामीपारा, थाना लोरमी जिला मुंगेली बीते करीब एक साल से गांव में आना-जाना कर रहा था।
वह खुद को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताता था. धीरे-धीरे उसने गांव में एक धार्मिक माहौल बनाकर लोगों का विश्वास जीता. गांव के निवासियों का कहना है कि आरोपी अक्सर अयोध्या की बातें करता था और उन्हें राम मंदिर दर्शन का भरोसा दिलाता था. इसी बीच उसने यात्रा और सहयोग राशि के नाम पर पैसे वसूलने शुरू कर दिया.
आरोपी ने प्रति व्यक्ति 1501 रुपये लेकर अयोध्या तीर्थ यात्रा कराने का दावा किया था.
ग्राम गोंदईया के 43 लोगों से करीब 64 हजार रुपये और बछालीखुर्द के 32 ग्रामीणों से करीब 48 हजार रुपये इकट्ठा किया. कुल मिलाकर उसने 1 लाख 12 हजार 575 रुपये जुटा लिया.
ग्रामीणों ने यह रकम बड़ी मुश्किल से इकट्ठा की थी. कई ने खेती और मजदूरी से बचाए गए पैसे दिए थे. ताकि वो एक बार अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर सकें. गांव के कुछ बुजुर्गों ने भी यात्रा के लिए पैसे दिए थे.
ग्रामीणों के मुताबिक यात्रा की तारीख 7 मई 2026 तय की गई थी. शुरुआत में आरोपी लगातार संपर्क में रहा. लेकिन जैसे-जैसे तारीख नजदीक आई. उसका रवैया बदलने लगा. यात्रा के दिन के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह गांव आना भी बंद कर दिया. इससे ग्रामीणों को लगा कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. गांव में इस बात को लेकर चर्चा होने लगी. कुछ लोगों ने आरोपी के घर और आसपास तलाश की. लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. फिर ये मामला थाने पहुंचा.
रतनपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया. आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया गया. शुरुआती पूछताछ में यह सामने आया कि वह धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देता था. फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं उसने दूसरे इलाकों में भी ऐसी ठगी तो नहीं की.
गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने भरोसे में आकर पैसे दिए थे. कई परिवार अब भी सदमे में हैं. क्योंकि उनके लिए यह रकम बहुत बड़ी थी. इस घटना के बाद ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है और वे अब ऐसे मामलों में सतर्क रहने की बात कर रहे हैं.
आरोपी
होरीलाल अनंत ऊर्फ राज अनंत पिता टेसूदास अनंत उम्र 32 वर्ष निवासी झझपुरीकला थाना लोरमी जिला मुंगेली छत्तीसगढ़
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