उप जेल में बहनों ने सजाई कैदी भाइयों के हाथ में राखी, ग्रामीण क्षेत्रों में नही रहा भद्रा का कोई असर, ब्रह्माकुमारी बहनों और छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को बांधी राखी
In the sub jail sisters tied Rakhi on the hands of prisoner brothers there was no effect of Bhadra in rural areas Brahma Kumari sisters and students tied Rakhi to policemen
ग्रामीण क्षेत्रों में नही रहा भद्रा का कोई असर सुबह से बहने बांधती रही भाईयो को राखी
गरियाबंद/पाण्डुका : पाण्डुका क्षेत्र में भाई बहन का स्नेह का महापर्व रक्षाबंधन का त्यौहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया. जिसमे भद्रा नक्षत्र का कोई असर भाई बहन के त्यौहार में राखी बंधवाने से रोक नही पाया. पर हर साल तीज त्यौहार में भद्रा नक्षत्र का ज्यादा उल्लेख होते रहा है. जो सोशल मीडिया के आने बाद हर साल इस तरह की जानकारी जायदा वायरल हो रही है. इससे पहले जब ग्रामीणों के पास मोबाइल नही होते थे तो इस तरह भद्रा नक्षत्र का कोई सुनाई और इसका कोई फर्क नही पड़ता था. जिस पर आम जनता ध्यान नही देती थी. लेकिन अब बहुत लोग ये सब मुहूर्तों को मानने लगे हैं. फिर भी गांव में इसका ज्यादा फर्क नही दिखा.
भाईयो ने बहनों से राखी बंधवाते रहे. जो सुबह से ही बहने अपने भाईयो की कलाई को सजाने में लगी रही. जिसमे सुबह से शाम और रात तक भाई की कलाई में राखी बांधती रही और राखी दुकान से लेकर मिठाई की दुकान भारी भीड़ लगी रही. सड़कों में बसों से लेकर निजी गाड़ी की आवाजाही दिन भर लगी रही. भाई बहन के प्यार, स्नेह से भरे त्यौहार में भद्रा नक्षत्र रोक नही पाया.
लेकिन आज के पढ़े लिखे और जानकारों लोगो ने भद्रा नक्षत्र खत्म होने के बाद राखी बांधना चालू किया और मुहूर्त के हिसाब से अपने भाईयो की हाथो में रक्षा सूत्र राखी बांधे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
बहनों ने बांधी स्नेह बंधन का रक्षा सूत्र
धमतरी : मगरलोड क्षेत्र सहित पूरे अंचल रक्षाबंधन पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया गया. बहनों भाई कलाई रक्षाबंधन बांध अपने भाईयों से सुरक्षा का संकल्प लिया. यह त्यौहार भाई बहनों स्नेह प्रेम अटूट बंधन आदि काल यह बड़ा ही महत्वपूर्ण है. जैसे ही भद्रा खत्म हुआ. बहनों ने देर रात भाईयों के कलाई में राखी बांधी और सड़कों पर आने-जाने वाले काफी भीड़ दिखाई दी. खिसोरा छोटे छोटे बच्चों में काफी उत्साह रक्षाबंधन बधने दिखाई दिया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
उपजेल में कड़ी सुरक्षा के बीच बहनों ने सजाई कैदी भाइयों के हाथ में राखी, नम आंखों से निहारती रही
गरियाबंद : गरियाबंद में रक्षाबंधन के अवसर पर जिले के उपजेल भाई बहन के बीच अटूट प्रेम का नजारा देखने को मिला. नम आंखों से भाई को निहारते हुए बहनों ने जेल में निरुद्ध अपने भाइयों के हाथ में राखी सजाई. उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की. इसके साथ ही बुराई छोड़कर सत्मार्ग में चलने का वचन भी लिया.
ज्ञात हो कि कोरोना का साया हटने के बाद प्रशासन ने इस साल भाई बहन और परिजनों को प्रत्यक्ष रुप से मिलने और राखी बांधने की छूट दी. जिसके चलते गरियाबंद सहित दीगर राज्य और जिलों से भी बहनें यहां निरुद्ध भाइयों को राखी बांधने पहुंची थी.
सुबह 9 बजे से ही यहां बहनों के आने का सिलसिला शुरु हो गया था. जेल प्रशासन ने भी 9 बजे से मिलने के लिए गेट खोल दिए थे. जिसके चलते कार्यालय के पास हाल में सुकून से बैठ कर भाई बहन ने अपने सुख दुख बांटे. परिजनों का हाल चाल पूछा और रक्षाबंधन का पर्व मनाया.
उपजेल प्रशासन ने बताया कि जेल में 162 कैदी है. जिसमें 161 विचाराधीन है. एक सजा याप्ता है. दोपहर एक बजे तक 38 बहनें राखी बांधने पहुंची थी.
इधर रक्षा बंधन के अवसर पर भाइयों ने छोटी बहनों को शुभाशीष दिया. वही बड़ी बहन के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. माता पिता और भाई से गले मिले. पुरानी घटना के लिए अफसोस जाहिर किया.
वहीं कैदियों ने मिलने आए अपने बच्चों को भी खूब निहारा. इस दौरान कुछ देर के लिए भाई बहन की आंखे भी नम रहीं. बहनों ने आरती उतारी. राखी बांधी और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा भी कराया. दूसरी तरफ रक्षाबंधन को देखते हुए प्रशासन ने भी उनकी मदद की. आरती की थाली आदि का प्रबंध किया.
उल्लेखनीय है कि बीते तीन साल कोरोना वायरस के संक्रमण और एहतियातन सुरक्षा के चलते रक्षाबंधन के आयोजन पर रोक लगी थी. मुख्य गेट में ही बंदियो के लिए आई राखी को जमा कर बहनों को लौटा दिया जा रहा था. पिछले साल भी इसे लेकर सरकारी फरमान जारी हुआ था. इस साल आयोजन पर लगी रोक हटाई गई. जिससे कुशलता से बहने अपने भाई से मिल पाई.
जेल प्रभारी हितेंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार उपजेल में रक्षाबंधन के मौके पर निरुद्ध कैदियों को प्रत्यक्ष रूप से राखी बांधने की छूट दी गई. पिछले तीन साल से कोरोना संक्रमण के चलते इसमें रोक लगी थी. इस बार पर्याप्त समय प्रदान कर मिलने दिया गया है. बहनें उत्साह से राखी बांध कर पर्व की परंपरा पूर्ण कर रही है. एक बार में पांच कैदियों को राखी बांधने बैरक से बाहर भेजा गया.
इधर रक्षाबंधन पर जिले के खासा उत्साह देखने को मिल रहा. सुबह से सड़को और मिठाई दुकानों के लोगो की भीड़ है. बसों में भी काफी भीड़ देखने के मिल रही है. पर्व के दिन भी बाजार में जमकर राखी की खरीदी हो रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
ब्रह्माकुमारी बहनों और एकल विद्यालय की छात्राओं ने पुलिसकर्मियों को बांधी राखी
रायगढ़ : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने थाना चक्रधरनगर के प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर और उनके स्टाफ को राखी बांधकर त्यौहार मनाया. पुलिस चौकी खरसिया में भी ब्रह्मकुमारी बहनों ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी. इस भावनात्मक मौके पर पुलिसकर्मियों और बहनों के बीच भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला.
इसी तरह एकल विद्यालय की छात्राओं ने थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक राजेश जांगडे और अन्य स्टाफ को भी राखी बांधी. इस दौरान छात्राओं ने अपने सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिसकर्मियों को सौंपते हुए रक्षा सूत्र के रुप में राखी बांधने की परंपरा को निभाया.
थाना कापू क्षेत्र में भी एकल विद्यालय की छात्राओं ने थाना प्रभारी निरीक्षक नारायण सिंह मरकाम और उनके स्टाफ को राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया. इस अवसर पर पुलिसकर्मियों और छात्राओं के बीच स्नेह और सुरक्षा के बंधन को और भी मजबूत होते देखा गया.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
सुरक्षा बलों की कलाइयों पर बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र
कांकेर : भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षा बंधन कांकेर जिले के दूरस्थ अंचलों में स्थित कई कैम्पों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस विशेष अवसर पर महतारी वंदन योजना की महिला हितग्राहियों और स्वसहायता समूह की दीदीयों ने सुरक्षा बलों के जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सलामती की कामना की. बहनों द्वारा राखी बांधने पर जवान भावुक हो गए और उन्होंने बहनों को रक्षा का वचन देते हुए उपहार भी भेंट किए.
रक्षा बंधन के इस आयोजन में कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड स्थित बी.एस.एफ 178 बटालियन भूस्की में ग्राम भुस्की की श्रीमती हिना गावड़े ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी.
इसी तरह ग्राम भुस्की की कमिला नेताम ने भी बी.एस.एफ 178 बटालियन में राखी बांधते हुए अपने भाव व्यक्त किए. उन्होंने कहा “सुरक्षा बलों के जवान अपने घर-परिवार से दूर देश एवं प्रदेश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. ऐसे में रक्षा बंधन के अवसर पर हम बहनों का फर्ज बनता है कि उनकी कलाइयों कोइसी क्रम में बी.एस.एफ कैम्प कन्हार गांव, भानुप्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत केवटी क्लस्टर के एस.एस.बी कैम्प और अंतागढ़ स्थित 28वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी राखी बांधी गई.
इसके अलावा कुहचे कैम्प अंतागढ़, कोयलीबेड़ा विकासखंड के बी.एस.एफ कैम्प प्रतापपुर, सीओबी 162 बटालियन बी.एस.एफ कैम्प रावघाट सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर भी महिलाओं द्वारा जवानों को रक्षाबंधन पर राखी बांधा गया. बहनों ने कहा कि हमारे देश के जवान जो दिन-रात सतर्क रहकर हमारी रक्षा कर रहे हैं. उनकी कलाईयाँ कभी भी सूनी नहीं रहेंगी. यह आयोजन न केवल जवानों के लिए उत्साहवर्धक रहा बल्कि बहनों के लिए भी यह एक गर्व का अवसर था.
इस अवसर पर महतारी वन्दन योजना के हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का महतारी वंदन योजना के लिए विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा “महतारी वंदन योजना ने मातृत्व को सम्मानित करने और महिलाओं के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



