जमीन अधिग्रहण को लेकर बवाल, TI पर हमला, अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने भांजी लाठियां, 100 से ज्यादा ग्रामीण गिरफ्तार

Land acquisition protests: Police officer attacked, officers and several other policemen injured, police resort to lathi charge, and over 100 villagers arrested

जमीन अधिग्रहण को लेकर बवाल, TI पर हमला, अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने भांजी लाठियां, 100 से ज्यादा ग्रामीण गिरफ्तार

रायगढ़/तमनार : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र उस वक्त जल उठा जब पिछले कई दिनों से अपनी जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे 14 गांव के ग्रामीणों और पुलिस के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ. इस झड़प में तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर और एसडीओपी (SDOP) समेत दर्जनों पुलिसकर्मी समेत कई ग्रामीण घायल हो गए. पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा समेत करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया है.
तमनार इलाके में नई कोयला खदानों के लिए भूमि आवंटन को लेकर प्रशासन जनसुनवाई की प्रक्रिया कर रहा था. ग्रामीणों का आरोप है कि अभी जमीन का पूरी तरह से अधिग्रहण नहीं हुआ है. इसके बावजूद प्रशासन और कंपनियां दबाव बना रही हैं. कुछ दिनों पहले हुई जनसुनवाई का भी ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया था.
मामला तब और बिगड़ा जब ग्रामीणों ने शुक्रवार रात से ही इलाके की अन्य खदानों से कोयला लेकर जा रहे ट्रकों को रोक दिया. शनिवार दोपहर को जब पुलिस ने इन ट्रकों को रास्ता दिलाने की कोशिश की. तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए. दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने कुछ ग्रामीणों को हिरासत में लेना शुरु किया. वहीं दोपहर 2 बजे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. जिसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया. उग्र भीड़ ने पुलिस के वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस ने बचाव के लिए बल प्रयोग किया.
इस हिंसक झड़प में तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर को गंभीर चोटें आई हैं. कई अन्य पुलिसकर्मी समेत कई ग्रामीण भी घायल हो गए. घटना की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ एसपी (SP) भारी पुलिस बल के साथ मौके के लिए रवाना हो गए हैं. सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है. फिलहाल पूरे तमनार क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है. प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर दी है. फ्लैग मार्च की तैयारी की जा रही है. इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि रायगढ़ जिले की तमनार तहसील के धौराभाठा गांव में जिंदल कंपनी की गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खनन परियोजना 14 गांवों की जमीन, जंगल और आजीविका को सीधे प्रभावित करती है. जिसके चलते स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं. उनके मुताबिक वे अपनी जमीन और जीवन-यापन को बचाने के लिए बीते छह महीनों से आवाज उठाते रहे हैं. लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया. 5 दिसंबर को जब जनसुनवाई की शुरुआत होनी थी तब ग्रामीणों ने पंडाल और टेंट लगाने से रोक दिया. जिसके कारण पहले ही दिन पूरी प्रक्रिया ठप हो गई.
इसके बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी और प्रशासन ने मिलकर जनसुनवाई को जनता की इच्छा के विरुद्ध आगे बढ़ाने की कोशिश की. उनका कहना है कि 8 दिसंबर को जनसुनवाई को चुपचाप किसी अन्य स्थान पर आयोजित कर दिया गया और ग्रामीणों की गैरहाजिरी में इसे पूरा घोषित कर दिया गया. जिस स्थान की जानकारी आम जनता को दी गई थी. वहां कोई जनसुनवाई नहीं हुई.
पुलिस ने बताया कि 8 दिसंबर 2025 को भौराभांठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के अंतर्गत प्रभावित 14 ग्रामों के ग्रामवासी 12 दिसंबर से धरने पर बैठे. सुबह 9 बजे के आस-पास करीब 300 लोगों की भीड़ थी. उनमें से कुछ लोगों के द्वारा सड़क पर बैठकर सामान्य आवागमन को बाधित किया जा रहा था. सुबह 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, एडिशनल एसपी के द्वारा लोगों को समझाइश देकर वापिस उन्हें धरना के लिए लगाए गए टेंट पर वापस करा दिया गया. इसके बाद अचानक करीब दोपहर ढाई बजे भीड़ बेकाबू हो गई और बैरियर को तोड़ते हुए पत्थर और डंडों से वहां मौजूद पुलिस पर टूट पड़ी. उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए. जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम और एक आरक्षक को गंभीर चोट आई है. इसके अलावा 10 पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हो गए. जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अनियंत्रित भीड़ ने मौके पर पुलिस की बस, जीप, एंबुलेंस को आग लगा दी गई. कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. इसके बाद अनियंत्रित भीड़ कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की तरफ बढ़कर अंदर घुसकर कन्वेयर बेल्ट और दो ट्रैक्टर व अन्य वाहन को आग लगा दी. और ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की. वहीं जब भीड़ को समझाइश देने के लिए विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जब मौके पर पहुंचे तो भीड़ उग्र हो गई और एचपी प्लांट की ओर जाकर प्लांट के अंदर आगजनी की घटना की.
अधिकारियों ने बताया कि जिले के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल और बड़ी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद है. उन्होंने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.
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