जंतर-मंतर जाते हिरासत में ममता-केजरीवाल समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्री और हजारों लोग, अभिजीत दीपके की दादी का निधन, परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

Mamata, Kejriwal, three former Chief Ministers, and thousands of others detained while heading to Jantar Mantar; Abhijit Deepke's grandmother passes away, family raises questions about police action.

जंतर-मंतर जाते हिरासत में ममता-केजरीवाल समेत तीन पूर्व मुख्यमंत्री और हजारों लोग, अभिजीत दीपके की दादी का निधन, परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

दिल्ली : दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रदर्शन को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन को दिल्ली में हिरासत में लिया गया है. दिल्ली में भारी प्रशासनिक सख्ती और प्रमुख गिरफ्तारियां एयरपोर्ट और आवास से हिरासत में लिए गए नेता: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही फ्लाइट से हिरासत में ले लिया गया. इसके अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम स्थित आवास से पकड़ा गया है.
हजारों समर्थक गिरफ्तार, झड़प में एक घायल
राजधानी के कई इलाकों से करीब 1,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को पकड़ा गया है. जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे समर्थकों ने जब बैरिकेड्स तोड़े, तो पुलिस के साथ हुई झड़प में एक प्रदर्शनकारी का सिर फट गया.
कड़े सुरक्षा इंतजाम: प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रोकने के लिए दिल्ली की प्रमुख सीमाओं और सड़कों पर कीलें बिछाई गई हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
पुलिस कार्रवाई के बीच CJP ने संस्थापक अभिजीत दीपके का एक पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो संदेश जारी किया है. इसमें दीपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके हिरासत में जाने के बाद इस आंदोलन का नेतृत्व अजिंक्य शिंदे करेंगे.
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सांसद- गिर जाएगी मोदी सरकार
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने कहा कि केंद्र सरकार छह महीने के भीतर गिर जाएगी. उन्होंने कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल और नाकाबंदी का इस्तेमाल कर रही है.
उन्होंने चल रहे प्रदर्शनों को जन विद्रोह बताते हुए दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने अंतिम दिनों में है और अगले साल मार्च-अप्रैल तक गिर जाएगी.
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि केंद्र सरकार युवा नागरिकों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से डरी हुई है. सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
ब्रिटिश शासनकाल में भी इतने बड़े पैमाने पर नाकाबंदी नहीं देखी गई थी. हजारों वाहन चारों ओर फंसे हुए हैं. आप किस कानून के तहत प्रदर्शनकारी युवाओं को देशद्रोही और राष्ट्रविरोधी करार दे रहे हैं? उन्होंने दिल्ली पुलिस से केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अवैध आदेशों का पालन न करने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मतदाता हेरफेर और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग पर निर्भर है.
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हिरासत में अभिजीत दीपके, महाराष्ट्र में दादी का निधन, परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी का को निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं. उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली. दादी के निधन के समय दीपके दिल्ली में पुलिस हिरासत में हैं. उनकी हिरासत को लेकर पहले से परेशान परिवार को अब एक और दुख का सामना करना पड़ा है.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए दीपके
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इसमें शामिल होने के लिए वे शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे. आरोप है कि दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया. उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया.
माता-पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
दीपके की हिरासत को लेकर उनके माता-पिता ने नाराजगी जताई है. उन्होंने विमान के भीतर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उनके बेटे ने आखिर ऐसा कौन-सा जुर्म किया था. जिसके लिए उसे इस तरह हिरासत में लेना पड़ा. दीपके के पिता ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को पकड़ा जा रहा है. उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई.
दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने पर स्थिति स्पष्ट नहीं
दीपके के हिरासत में होने के बीच महाराष्ट्र में उनकी दादी के निधन से परिवार की परेशानी बढ़ गई है. उनके माता-पिता हिंगोली जाने की तैयारी कर रहे हैं. फिलहाल यह साफ नहीं है कि पुलिस दीपके को कब छोड़ेगी और वे अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाएंगे या नहीं. इस बारे में दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है.
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भूपेश बघेल बोले- इतनी घबराहट क्यों?  बंद करनी पड़ रही ट्रेनें और मेट्रो
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली में शनिवार को होने वाले प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्रेनों, इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं को बंद किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि उसे परिवहन और संचार सेवाओं पर रोक लगाने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं. बघेल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में ट्रेन, इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं बंद करने का फैसला सरकार की घबराहट को दर्शाता है. उनके इस बयान के केंद्र में प्रदर्शन से पहले राजधानी में लागू किए जा रहे प्रतिबंध रहे.
राहुल गांधी पर हमले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पर हुए कथित हमले का भी उल्लेख किया. उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. बघेल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान इस तरह की घटना होना चिंताजनक है. दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था और सेवाओं पर प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. भूपेश बघेल ने इन मुद्दों के जरिए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
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सीजेआई सूर्यकांत ने कहा रिहा किए जाएं प्रदर्शनकारी वकील
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के चलते हिरासत में लिए गए वकीलों की रिहाई के मामले में चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने हस्तक्षेप किया है. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा इस मामले को तत्काल उनके संज्ञान में लाए जाने के बाद CJI ने संबंधित अधिकारियों को वकीलों को रिहा करने के लिए कहा है.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन कर रहे कई अधिवक्ताओं को हिरासत में लेकर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाया गया. इनमें महिला वकील भी शामिल हैं.
SCBA ने CJI को पत्र लिखकर जताई थी चिंता
इससे पहले, SCBA ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रदर्शनकारी वकीलों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने और उन्हें हिरासत में लिए जाने पर गंभीर चिंता जताई. एसोसिएशन ने CJI जस्टिस सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.
SCBA ने मांग किया कि हिरासत में लिए गए सभी अधिवक्ताओं की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाया जाए. उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाए और जिनके खिलाफ हिरासत में रखने का कोई वैध आधार नहीं है. उन्हें तत्काल रिहा किया जाए.
सुप्रीम कोर्ट AOR एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी CJI से संपर्क किया
SCBA के हस्तक्षेप के बाद सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता देवरत ने भी इस मामले को CJI के सामने उठाया. देवरत ने पुष्टि की है कि CJI ने संबंधित अधिकारियों को वकीलों की रिहाई के लिए निर्देशित किया है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी किया हस्तक्षेप
मामले में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी हस्तक्षेप किया है. यह घटनाक्रम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में वकीलों द्वारा निकाले जा रहे मार्च के दौरान अधिवक्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद सामने आया है.
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तानाशाह डरने लगा है और ये डर अच्छा है : तेजराम विद्रोही, हॉउस अरेस्ट करने घर पहुंची पुलिस 
राजिम/बेलटुकरी : आज 10 अक्टूबर की सुबह सुबह 5 बजे गरियाबंद जिला के राजिम थाना के पुलिस भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश तेजराम विद्रोही के बेलटुकरी स्थिति निवास पहुंच कर आंदोलन में जाने से रोकने के लिए घर में नजर बंद करने आ गए जो यह दिखाता है कि दिल्ली का आंदोलन गांव-गांव तक न पहुंचे. इसके लिए तानाशाह सरकार ने अपनी बचाव में कितनी पहरेदारियां बढ़ा ली है.
तेजराम विद्रोही ने आगे कहा कि देश भर में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज छात्र, जवान, मजदूर और किसान सभी साथ आ चुके हैं. लोकतंत्र का गला घोंटने वाले चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग, विशेष मतदाता पुनरिक्षण के बहाने मताधिकार को खतम करने की आरएसएस-बीजेपी-कॉर्पोरेट गठबंधन सरकार की साजिशो का विरोध पूरे भारत में तेज हो गया है. तानाशाह सरकार द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर में होने वाले आंदोलन को आपातकाल लगाकर रोका जा रहा है. यह आंदोलन नागरिक अधिकारों के लिए संवैधानिक मूल्यों को बचाने का आंदोलन है. जिससे देश का तानाशाह सरकार डरा हुआ है, तानाशाह का यह डर लोकतंत्र के लिए अच्छा है.
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