महिला का नीतीश कुमार ने खींचा हिजाब, डॉक्टर नुसरत ने ठुकराई सरकारी नौकरी, बिहार छोड़ा, मंत्री निषाद पर भड़की अपर्णा यादव
Nitish Kumar pulled off a woman's hijab, Dr. Nusrat turned down a government job and left Bihar, and Aparna Yadav lashed out at Minister Nishad.
नई दिल्ली : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष डॉक्टरों के कार्यक्रम में महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब हटाए जाने के मामले में नौकरी नहीं करने की बात सामने आई है. इस घटना से आहत नुसरत परवीन ने कहा कि वो अब नौकरी नहीं करेंगी. उनके भाई ने कहा कि नुसरत मानसिक आघात से गुजर रही हैं और इस सदमे से बाहर आए बिना काम पर लौटना संभव नहीं है. नुसरत परवीन के भाई कोलकाता की एक गवर्नमेंट लॉ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं. नुसरत अपने भाई के पास कोलकाता चली गई है
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने भी डॉक्टर नुसरत परवीन के बारे में अभद्र टिप्पणी की थी. जिससे मामले ने और तूल पकड़ा. नुसरत परवीन को 20 दिसंबर को बिहार सरकार में नौकरी जॉइन करनी थी. लेकिन अब उनका ये कदम नई बहस और चर्चाओं का कारण बन गया है.
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा, 'अरे वो भी तो आदमी ही हैं न… छू लिया नकाब, तो इतना पीछे नहीं पड़ जाना चाहिए. कहीं और छू लेते तो क्या होता?' इस बयान पर भाजपा ने भी किनारा कर लिया, जबकि विपक्ष ने माफी और इस्तीफे की मांग की. इस पर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने संजय निषाद को महिला विरोधी बताया.
यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा, 'किसी को भी किसी महिला की गरिमा, उसके धर्म या जाति को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है. नीतीश कुमार ने जो किया और संजय निषाद ने उस पर जो कहा. दोनों ही चीजें निंदनीय हैं. दोनों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.'
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, 'नीतीश कुमार बीमार हैं. यह देश को पता है. लेकिन संजय निषाद बीमार हैं. यह अब पता चला. इस देश में नारी की पूजा की जाती है. ऐसे में संजय निषाद के बयान की जितनी निंदा होनी चाहिए. वह कम है. उनका बयान 100 गुना घटिया है.' मुरादाबाद से कांग्रेस के पूर्व सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा कि 'यह बहुत बुरा है. मेरे पास इसे समझाने के लिए शब्द नहीं हैं. एक सीएम के तौर पर उन्हें सोचना चाहिए था. इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, 'नीतीश कुमार को पूरे मुस्लिम कौम से माफी मांगनी चाहिए. संविधान ने स्वतंत्रता दी कि मुस्लिम महिलाएं क्या पहनें. महिला हो या पुरुष, हर किसी को अधिकार है कि वह क्या पहने. इस्लाम में महिलाओं को पर्दा रखने के लिए कहा गया है.'
समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा (मुनव्वर राणा की बेटी) ने लखनऊ के कैसरबाग थाने में नीतीश कुमार और संजय निषाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसमें समुदाय की भावनाओं और महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया. शिवसेना (यूबीटी) ने भी निषाद के बयान को महिला विरोधी बताया.
विश्लेषक मान रहे हैं कि यह मामला राज्य और केंद्र में हिजाब विवाद के इर्द-गिर्द फिर से राजनीति गरम करने वाला साबित होगा. हिजाब को हटाने वाला वीडियो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया था. इस पूरे घटना को लेकर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रिया भी थी.
इस घटना के बाद राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी में तीखी प्रतिक्रिया दी थी. राष्ट्रीय जनता दल ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला था, वहीं कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि सीएम नीतीश कुमार ऐसे नहीं थे. वह बीजेपी के प्रभाव में आकर के ऐसे हो गए हैं. अब इन सब खबरों के बाद नुसरत परवीन के परिवार की प्रतिक्रिया सामने आई है.
नुसरत परवीन ने कहा कि अब नौकरी जॉइन नहीं करूंगी, मुख्यमंत्री का इरादा जो भी हो, मुझे तकलीफ हुई है. तकलीफ होनी भी चाहिए. ये सीधा उनके जमीर पर चोट है. किसी महिला के साथ इस तरह का रवैया बर्दास्त के बाहर है. ये इंसानियत का शर्मसार करने वाली हरकत थी.
लोगों ने कहा कि डॉक्टर को इंसाफ मिलना चाहिए. क्योंकि आज उनके साथ हुआ है कल को उसकी जगह हमारी भी बहन बेटी हो सकती है.
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उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस मामले पर सुमैया राणा ने सीएम नीतीश कुमार और संजय निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दी है.
सुमैया राणा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के खिलाफ लखनऊ के केसरबाग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है. सुमैया राणा ने कहा कि यह घटना समाज के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करती है. उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा हिजाब खींचने की निंदा की और कहा कि किसी भी महिला का हिजाब उसकी मर्जी के बिना खींचना गलत है और उस महिला के लिए अपमानजनक घटना है.
उन्होंने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने बड़े एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा हिजाब खींचने का मतलब है कि आप अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं कि वे भी इस तरह के काम करें. सुमैया राणा ने संजय निषाद का जिक्र करते हुए कहा कि संजय निषाद ने इस मामले पर बेहद अभ्रद बात कही है. इसी मामले को लेकर सुमैया राणा ने सीएम नीतीश और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है.
गौरतलब है कि संजय निषाद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब खींचने की घटना का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भी इंसान हैं. उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ हिजाब छूने पर इतना हल्ला हो रहा है, अगर कहीं और छू देते तो क्या होगा. इस बयान को लेकर संजय निषाद चौतरफा निशाने पर हैं, देश भर के विपक्षी नेता संजय निषाद के बयान की निंदा कर रहे हैं.
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