केंद्रीय जांच एजेंसी के दुरुपयोग का मामला गूंजा, स्थगन अस्वीकार, कांग्रेस विधायकों का विरोध, 9 की जगह 10 घंटे काम करेंगे कर्मचारी
The issue of misuse of the central investigative agency resonates, adjournment rejected, Congress MLAs protest, employees will work 10 hours instead of 9.
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में केंद्रीय जांच एजेंसी के दुरुपयोग का मामला गूंजा. विपक्ष ने इस पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की. स्पीकर डॉ रमन सिंह ने उनका स्थगन अस्वीकार कर दिया. इससे नाराज होकर कांग्रेस विधायक गर्भगृह में आकर हंगामा करने लगे. इस पर स्पीकर ने सभी कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा की.
शून्यकाल में भूपेश बघेल ने स्थगन प्रस्ताव पर कहा कि भाजपा सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करते हुए विपक्ष के लोगों को डराने में लगी हुई है. पूरे प्रदेश में ई डी के जरिए लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. उसकी कार्यशैली भी संदिग्ध है. नियमानुसार गवाहों के कलमबंद बयान न्यायालय के बंद कमरे में होना चाहिए लेकिन इस सरकार में ई डी के दफ्तर में कलमबंद बयान दर्ज किए जा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष के स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की. स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने स्थगन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि केंद्रीय एजेंसी पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती. भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने भी विपक्ष के स्थगन पर आपत्ति जताई.
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति नहीं देने पर नाराज विपक्ष गर्भगृह में आकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान विपक्ष सत्यमेव जयते,वंदेभारत, भारत माता की जय और ई डी का दुरुपयोग बंद करो के नारे लगाते रहे. नियमानुसार स्पीकर ने सभी 34 कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी. थोड़ी देर बाद ही उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया. लेकिन विपक्ष सदन में वापस नहीं आया और बिना विपक्ष के ही सदन की कार्यवाही चलती रही.
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सदन में छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित कर दिया गया है. इस विधेयक में 20 कर्मचारी तक वाले संस्थान को रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं होगी. वहीं अब महिला कर्मचारी सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी. कर्मचारी अब दिन में 9 की जगह 10 घंटे काम कर सकेंगे. विधेयक में ओवरटाइम की अवधि को भी बढ़ाया गया है.
छत्तीसगढ़ में दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 में संशोधन किया गया है. जिसके बाद महिलाओं को सहमति के साथ नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिलेगी. अभी तक महिलाओं को रात 10 बजे तक ही काम करने की इजाजत थी. लेकिन नया नियम लागू होने पर वे रात की ड्यूटी भी कर सकेंगी. ओवरटाइम की सीमा बढ़ाकर एक तिमाही में 144 घंटे की जा रही है. गुमाश्ता अब ट्रेड लाइसेंस के रूप में जिला श्रम कार्यालय से जारी होगा. श्रम विभाग के अनुसार, सुरक्षा और सहमति से जुड़े प्रावधानों का पालन अनिवार्य रहेगा
ओवरटाइम के नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहले एक कर्मचारी से तीन महीने में अधिकतम 125 घंटे ही ओवरटाइम कराया जा सकता था. लेकिन संशोधन के बाद एक तिमाही में 144 घंटे तक ओवरटाइम की अनुमति होगी.
गुमाश्ता यानी दुकान पंजीयन के नियमों को भी सरल बनाया गया है. पहले सिर्फ 10 से ज्यादा कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए यह अनिवार्य था और अब भी यही सीमा बरकरार रखी गई है. अब गुमाश्ता श्रम विभाग की जगह जिला श्रम कार्यालय द्वारा जारी किया जाएगा और इसे ट्रेड लाइसेंस के रूप में मान्यता मिलेगी.
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अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट
छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा ₹35,000 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत कर विकास, वित्तीय अनुशासन और दूरदर्शी शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है.
अनुपूरक बजट में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है. इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण सड़क कार्यक्रम (आरआरपी फेज-2) हेतु ₹175 करोड़ का प्रावधान किया गया है. वहीं राज्य में प्रमुख सड़कों के उन्नयन एवं विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना (एडीबी लोन-3) के अंतर्गत ₹150 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट रेल लाइन परियोजना के लिए ₹86 करोड़ की राशि का प्रावधान कर क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है.
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के मकसद से कृषि उन्नति योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही किसानों को 5 एचपी तक के पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए ₹1,700 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. जिससे सिंचाई लागत में कमी आएगी और कृषि उत्पादन को स्थायी बल मिलेगा. किसानों को बिना ब्याज के ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक में ₹187 करोड़ का प्रावधान कर उन्हें वित्तीय संबल प्रदान किया गया है.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹122 करोड़ का प्रावधान किया गया है. वहीं कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान किया गया है. कृषि नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के भवन निर्माण के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान कर राज्य में कृषि आधारित नवाचार एवं तकनीकी विकास को नई गति देने का प्रयास किया गया है.
मार्कफेड को धान खरीदी में हुई हानि के निपटान हेतु ₹12,424 करोड़ का प्रावधान किया गया है. राज्य के सभी जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक फायर वाहन एवं आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था हेतु अनुपूरक बजट में ₹154 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी.
ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरा प्रणाली के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान किया गया है. राज्य के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण हेतु अनुपूरक में ₹12 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अनुपूरक बजट में ₹35 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है.
औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु लागत पूंजी अनुदान के रूप में ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया है. ब्याज अनुदान के रुप में ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है. महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के लिए अनुपूरक बजट में ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है. सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना के अंतर्गत अनुपूरक में ₹225 करोड़ का प्रावधान किया गया.
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