नाबालिग बेटी को दो बार किया गर्भवती, दूसरे को बेचा नवजात बच्चा, पिता-बुआ समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद फर्जी दस्तावेज बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार

Minor daughter impregnated twice; newborn from the second pregnancy sold; after the arrest of six people—including the father and paternal aunt—the accused who forged the documents has also been arrested.

नाबालिग बेटी को दो बार किया गर्भवती, दूसरे को बेचा नवजात बच्चा, पिता-बुआ समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद फर्जी दस्तावेज बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार

रायपुर : नाबालिग बेटी से दुष्कर्म कर गर्भवती करने, फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रसव कराने और नवजात शिशु की बिक्री के मामले में रायपुर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पीड़िता की उम्र और नाम में फर्जी तरीके से बदलाव कर उसका आधार कार्ड तैयार करने में मदद की थी. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामला थाना न्यू राजेंद्र नगर के अपराध क्रमांक 289/2026 से जुड़ा है.
पुलिस ने इस मामले में बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है. इससे पहले पुलिस 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर चुकी है.
फर्जी आधार कार्ड तैयार कराने का खुलासा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया कि महिला आरोपी पूनम सागरिया ने पीड़िता की उम्र ज्यादा दर्शाने और नाम बदलने के मकसद से उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार कराने के लिए दलदल सिवनी, मोवा-पंडरी निवासी पिंटू सिंह को पीड़िता का आधार कार्ड दिया था.
पुलिस टीम ने पिंटू सिंह की तलाश कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि पूनम सागरिया के कहने पर उसने मोबाइल ऐप केजरिए पीड़िता के आधार कार्ड में नाम में बदलाव किया और उसकी उम्र बढ़ाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। इसके बाद यह दस्तावेज पूनम सागरिया को वापस दे दिया गया.
मोबाइल फोन जब्त, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी पिंटू सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन जब्त किया है. पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल और जांच के दौरान सामने आए अन्य सबूतों के आधार पर जांच जारी है. पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और उनके द्वारा किए गए कृत्यों की भी जांच कर रही है.
फ़िलहाल गिरफ्तार आरोपी
पिंटू सिंह, उम्र 30 साल निवासी द्वारिका विहार, शिव मंदिर के पास, दलदल सिवनी, थाना मोवा-पंडरी, रायपुर
पहले गिरफ्तार हुए आरोपी
पीड़िता के पिता, उसकी बुआ, रोहित कुमार राय (35), साहेब मंडल (42), योगिता राय उर्फ गीता राय (32) और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34)
और फिर दो आरोपी गिरफ्तार
सुब्रत बिश्वास उम्र 32 साल निवासी पीबी-34, प्रेम नगर कापसी, थाना पखांजूर, जिला कांकेर छत्तीसगढ़
पूनम सागरिया निवासी एसबीआई एटीएम के पास, प्रकाश किराना दुकान के सामने, कालीबाड़ी, थाना सिटी कोतवाली, जिला रायपुर छत्तीसगढ़
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?

जानिए पूरा मामला

2023 से शोषण का आरोप, धमकी की वजह से चुप रही बेटी
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2023 में अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर पर उसके पिता ने उसे धमकी देकर उसका शोषण किया. इसके बाद भी वह लंबे समय तक उसका शोषण करता रहा. डर और धमकी की वजह से पीड़िता ने इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी. बाद में जब पीड़िता गर्भवती हुई तो उसने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी. बुआ ने यह बात उसके पिता को बताई. इसके बाद पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और पीड़िता को दवा खिलाई गई. इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. जिसके बाद गर्भपात हो गया.
दूसरी बार गर्भवती होने पर बदली गई पहचान की जानकारी
कुछ समय बाद पीड़िता के साथ फिर से दुष्कर्म हुआ और वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई. इसके बाद उसे अलग-अलग जगह पर रखा गया. पहले उसे वर्षा मंडल के घर ले जाया गया और बाद में गीता राय के घर भेज दिया गया. जहां वह करीब दो महीने तक रही. इसी दौरान उसकी असली उम्र और वैवाहिक स्थिति छिपाने की तैयारी की गई. अस्पताल में भर्ती कराते समय पीड़िता को बालिग और शादीशुदा बताया गया. जबकि वह नाबालिग और कुंवारी लड़की थी
अस्पताल में कराया प्रसव, दस्तावेजों पर भी कराए दस्तखत
पीड़िता को डंगनिया स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां ऑपरेशन के जरिए उसने एक बेटे को जन्म दिया. पुलिस अब अस्पताल में भर्ती से लेकर प्रसव और बाद की पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है.
प्रसव के बाद नवजात को पीड़िता से अलग कर दूसरे लोगों को सौंप दिया गया. इस प्रक्रिया में पीड़िता से कुछ दस्तावेजों पर दस्तखत भी कराए गए. डर और दबाव की वजह से उसने उन दस्तावेजों पर दस्तखत कर दिया. प्रसव के बाद पीड़िता को करीब 15 दिन तक गीता राय के घर में रखा गया. इसके बाद उसका पिता उसे अपने घर ले गया.

ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?