कॉलेज में NSUI का हंगामा, महिला सफाई कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप, कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल को जूते-चप्पलों की माला पहनाने का किया प्रयास
NSUI creates ruckus in college, alleges indecent behavior with female sanitation workers, activists attempt to garland the principal with shoes and slippers
दुर्ग : भिलाई सेक्टर-6 स्थित कल्याण कॉलेज में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने भारी प्रदर्शन और हंगामा किया. चार महीने पहले कॉलेज से निकाली गई महिला सफाईकर्मियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज के आरोपों को लेकर कार्यकर्ता अचानक कॉलेज पहुंचे और सीधे प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा के चेंबर में घुस गए. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल को जूतों की माला पहनाने की कोशिश की जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.
मिली जानकारी के मुताबिक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी गोदावरी सिन्हा और तीरथी साहू ने प्राचार्य पर अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया था. इसकी शिकायत भी की गई. उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को अचानक नौकरी खत्म करने की जानकारी मिलने पर प्राचार्य कक्ष में गए. प्राचार्य ने उनके साथ अत्यंत अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। गाली-गलौज करते हुए गरिमा को ठेस पहुंचाई। प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की.
महिलाओं ने बताया कि पिछले 18 सालों से कलेक्टर दर पर काम कर रही हैं. बिना किसी नोटिस या कारण बताए अचानक नौकरी से हटा दिया गया. जानकारी लेने के लिए प्राचार्य कक्ष में पहुंचने पर उन्हें अपमानित किया गया. इसी शिकायत के आधार पर मंगलवार को एनएसयूआई नेताओं ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य का घेराव किया.
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि निकाली गई महिला सफाईकर्मियों ने कई बार अपनी शिकायतें कॉलेज प्रशासन को दी. लेकिन लगातार उनकी अनदेखी की गई. उनका कहना है कि प्रिंसिपल द्वारा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और किसी भी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई. इसी को लेकर कार्यकर्ता उग्र हो गए और चेंबर के अंदर ही नारेबाजी शुरु कर दी.
हंगामे की खबर मिलते ही भिलाई नगर पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप करते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को प्रिंसिपल के चेंबर से बाहर निकाला. हालांकि बाहर आने के बाद भी कार्यकर्ता वहीं बैठ गए और प्रिंसिपल के खिलाफ फौरन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.
इधर प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा ने सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि सफाई कर्मचारियों से किसी भी तरह का अभद्र व्यवहार उनके द्वारा नहीं किया गया है. उन्होंने एनएसयूआई के इस व्यवहार को अनुचित बताते हुए कहा कि चेंबर में रखे महत्वपूर्ण एग्जाम फॉर्म तक फेंक दिए ग., जो गलत है. फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मामले की जांच जारी है.
प्राचार्य विनय शर्मा का कहना है कि अनुदान प्राप्त महाविद्यालय में लोग कई सालों से काम कर रहे थे. मई-जून में एग्जाम खत्म हो जाते हैं. उस समय कर्मचारियों की जरुरत नहीं पड़ती है. मैनेजमेंट से चर्चा कर और सुपरवाईजर की रिपोर्ट पर कुछ कर्मचारियों को हटाया गया. 9 लोगों की सेवाएं समाप्त की गई थी. प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष की स्वीकृति भी ली गई थी. नया सत्र शुरु होने पर जरुरत के मुताबिक कुछ लोगों को बुलाया गया.
भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजे ने कहा कि महिला के साथ प्राचार्य ने गाली-गलौज करते हुए कमरे से बाहर निकाला है. कई प्राध्यापकों और स्टाफ ने हमें बताया था कि प्राचार्य ने गाली दी है. महिला रोते-रोते बाहर आई थी. महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करना ठीक नही है. प्रबंधन को महिला को नौकरी देना चाहिए और माफी भी मांगना चाहिए. स्याही उनके नेमप्लेट पर पोती है. उनके चेहरे पर नहीं.
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