5 महीने बाद कुख्यात सूदखोर परदेशिया वीरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर से गिरफ्तार, सड़क मार्ग से रायपुर लेकर आ रही टीम, रोहित तोमर अब भी फरार

Notorious moneylender Pardesiya Virendra Singh Tomar arrested from Gwalior after 5 months, team bringing him to Raipur by road, Rohit Tomar still absconding

5 महीने बाद कुख्यात सूदखोर परदेशिया वीरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर से गिरफ्तार,  सड़क मार्ग से रायपुर लेकर आ रही टीम, रोहित तोमर अब भी फरार

रायपुर : छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने 5 महीने से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर और कुख्यात सूदखोर आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रुबी तोमर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर सूदखोरी, रंगदारी, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस टीम आरोपी को सड़क मार्ग से रायपुर ला रही है.
वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अब भी फरार है. जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. रायपुर पुलिस रविवार को औपचारिक रुप से गिरफ्तारी का खुलासा करेगी.
वीरेंद्र सिंह तोमर रायपुर का कुख्यात सूदखोर है. रुबी और उसका भाई रोहित तोमर सूदखोरी की आड़ में ब्लैकमेलिंग का काम करते हैं. कर्जदारों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता है और मूलधन से कहीं ज्यादा ब्याज वसूलते हैं.
करीब पांच महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने तेलीबांधा थाने में रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट की FIR दर्ज कराई थी. इसके बाद जब दोनों भाईयों के कारनामें खुलते गए तो फिर कई और शिकायतें मिलीं. इसके बाद से रोहित फरार हो गया था.
छापेमारी के दौरान पुलिस को वीरेंद्र के घर से अवैध हथियार मिला था. जिसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. तब से वह फरार चल रहा था.
वीरेंद्र के खिलाफ पिछले दो दशक में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं. इनमें उगाही, चाकूबाजी, धमकी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन जुर्म शामिल हैं.
फरारी के दौरान पुलिस ने वीरेंद्र और रोहित तोमर के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 40 करोड़ से ज्यादा मूल्य के रजिस्ट्री दस्तावेज, साढ़े 3 करोड़ का सोना, कई बैंक पासबुक, चेक और एटीएम कार्ड मिले. जो दूसरों के नाम के थे. सूदखोरी के इस नेटवर्क में तोमर परिवार की महिलाएं भी शामिल थीं.
इस सूदखोर बदमाश के हौसलें इतने बुलंद रहते हैं कि वह जेल में बंद रहता है तो भी अपने गुर्गों से धमकी दिलवाता रहता है और केस वापस लेने के लिए पीड़ितों को धमकाता रहता है. उसके इसी तरह की हरकतों से तंग एक व्यापारी ने करीब डेढ़ साल पहले पुलिस से अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी.
बता दें कि शुक्रवार को प्रार्थी जय कुमार बदलनी ने सिटी कोतवाली थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि बदमाश रोहित सिंह तोमर और रुबी तोमर से अपने ज्वेलरी दुकान में पैसे की कमी होने से 5 लाख रूपये ब्याज में कर्ज के तौर पर लिया था. जिसका 1,75,000 रुपए उन्होंने तत्काल ब्याज के तौर पर जमा कर दिया और बाकी 3,25,000/ रुपए किस्तों में दिया. लेकिन तब तोमर भाई उसकी दुकान में आते और 5000 ले जाते. जिसका हिसाब करने कहने पर अभी और पैसा है ऐसा कहकर चले जाते थे. तोमर भाई इतने शातिर थे कि वे सोना खरीदने उसकी दुकान में आते कुछ रकम देकर बाकी हिसाब में जोड़ देना कह कर चले जाते थे.
प्रार्थी द्वारा लगातार कहने पर उन्होंने जब हिसाब किया तो उसके होश उड़ गए. बदमाश तोमर भाइयों ने 2 करोड़ 5 लाख रूपये उसे देने के लिए कहा. साथ ही पैसा नहीं देने पर उनके बेटे को जान से मारने की धमकी देने लगे. तब जाकर थक-हारकर उसने मामले की रिपोर्ट सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई. व्यापारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध 215/19 धारा 384, 327, 506बी, 34 भा.द.वि. मामला दर्ज कर लिया.
पीड़ित की शिकायत पर बदमाश रोहित सिंह तोमर, वीरेंद्र सिंह तोमर, रोहित उर्फ रुबी सिंह तोमर, कमल नारायण कुर्रे, विनोद चौरसिया और आर्यन उर्फ संतोष हबलानी को गिरफ्तार कर कर लिया गया. वहीं इस मामले में फरार आरोपी वेद प्रकाश सिंहा फरार होने में कामयाब रहा था. जिसका 173(8) जा.फौ. में विवेचना किया जा रहा था.
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तोमर भाइयों के सूदखोरी के साम्राज्य का एक और वाकया सामने आया है. जहां एक और व्यापारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बदमाश रोहित सिंह तोमर, रुबी सिंह तोमर और वेद प्रकाश सिंह उससे जबरन पैसे मांगते हैं. साथ ही वे उसे अश्लील गाली देकर मारपीट करते हैं और उसे जान से मारने की धमकी देते हैं. जिसकी रिपोर्ट उसने थाने में दर्ज कराई. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 216/19 धारा 384 327 294 323 506बी, 34 भा. द. वि. दर्ज कर जांच में लिया गया. इस मामले में प्रार्थिया के पति हरीश कच्छुवा द्वारा ज्वेलर्स दुकान में पैसे की कमी होने से 3,50,000/ रुपए कर्ज के तौर पर लिया था. जिसका भुगतान उनके द्वारा किस्तों में 4 लाख रुपये कर दिया. लेकिन तब भी रोहित तोमर, रुबी तोमर और वेद प्रकाश सिंहा पैसा बाकी है कहकर धमकी देकर वसूली करते थे। 7 लाख रूपये जबरन ऐंठने के बाद भी वे कहते कि पैसा और बाकि है. बदमाश आये दिन उसकी दुकान में आकर धमकी देकर विवाद करते थे.
कर्ज देते समय बदमाशों ने पीड़ित से चेक और एग्रीमेंट कराया था और अब ये उसको भी वापस नहीं कर रहे थे. जिसके कारण प्रार्थिया के पति हरीश ने अपने ज्वेलर्स दुकान को बंद कर दिया. उसके बाद भी रोहित तोमर, रुबी तोमर और वेद प्रकाश सिंहा उनके घर आते और जबरन वसूली करते थे. जिसके बाद इस मामले में विवेचना दौरान आरोपी रोहित सिंह तोमर और रुबी सिंह तोमर को विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड में लिया गया. लेकिन वेद प्रकाश सिंहा लगातार 5 साल से मामले में फरार चल रहा था. जिसका 173(8) जा. फौ. के तहत अपराध विवेचना किया जा रहा था. पतासाजी के दौरान पता चला कि वेद प्रकाश सिंहा साई विला भाटागांव रायपुर में है. जिसे संभावित स्थान मिलने पर मामले के बारे में विस्तृत पूछताछ किया गया. जिसमें आरोपी द्वारा अपराध कबूल करने पर गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर अदालत में पेश किया गया.
हाईपर क्लब के बाहर फसाद करने वाले आदतन बदमाश रोहित तोमर का बड़ा भाई फिर से शहर के बड़े नेता के घर मंडराने लगा है. दरबारियों की मानें तो इस वारदात से चंद रोज पहले ही उसे नेताजी का आशीर्वाद भी मिल गया था. तो क्या यह माना जाए कि रोहित तोमर के हौसले उसी आशीर्वाद के चलते फिर से बुलंद हो गए? अब अगर इस बदमाश पर कड़ी कार्रवाई जैसे कि जिला बदर करना, घर पर अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाना आदि नहीं हुई. तो राजधानीवासी यह मान लेंगे कि सरकार बदली पर कल्चर नहीं बदला. हालांकि सरकार पुलिसिंग पर जोर देकर अपराधियों पर नकेल सकने की मंशा दिखा रही है. लेकिन मंशा रखने भर से सब कुछ ठीक नहीं हो जाता. सरकार में बड़े पदों पर बैठे लोगों को यह भी देखना होगा कि उनके अपने बीच से कौन लोग इस मंशा पर पानी फेरने की कोशिशों में लगे हैं.
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