संविधान के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में जगह-जगह किया गया वाचन एवं शपथ ग्रहण, लिंग आधारित हिंसा खत्म करने जागरुकता अभियान

On completion of 75 glorious years of the Constitution reading and oath taking was done at various places in Chhattisgarh awareness campaign to end gender based violence

संविधान के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में जगह-जगह किया गया वाचन एवं शपथ ग्रहण, लिंग आधारित हिंसा खत्म करने जागरुकता अभियान

संविधान दिवस पर सांसदों की खूबसूरत तस्वीर,कोरबा सांसद ने जारी कर दी शुभकामनाएं

दिल्ली : संसद के शीत कालीन सत्र के दौरान संविधान दिवस के अवसर पर संसद में कोरबा लोकसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्वाचित साँसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि हमारा संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है, संविधान दिवस संविधान सभा के सदस्यों को स्मरण करने का दिन है साथ ही भारत के संविधान को अक्षुण्ण और मजबूत बनाये रखने की जिम्मेवारी भारत के हर नागरिक की है.
इस अवसर पर सांसद ज्योत्सना महंत के साथ रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पीसीसी महिला कांग्रेस की अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम,सांसद सप्तगिरि उल्का के साथ लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने जारी करते हुए सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की है.
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पं. जवाहर लाल नेहरु स्मृति मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य कार्यक्रम हुआ आयोजित

रायपुर : संविधान दिवस के अवसर पर पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. रायपुर मे पदयात्रा भी निकाली जा रही है.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई नेता शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम साय ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों ने संविधान निर्माण में योगदान दिया, उनको नमन करता हूं.

संविधान को आत्मसात करें- डॉ प्रीति मिश्रा

रायपुर : डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संविधान दिवस मनाया गया. संविधान दिवस के आयोजन में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं महाविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय गीत के साथ हुआ. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा ने संविधान की प्रस्तावना का शपथ दिलायी और अपने संबोधन में कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को संविधान में वर्णित बातो को आत्मसात करना चाहिए. संविधान की प्रस्तावना, संविधान के उद्देश्यों को निर्धारित करती है. यह संविधान के स्रोत का उल्लेख करती है. जहां से संविधान को शक्ति मिलती है. यह न्याय, स्वतंत्रता और समानता को सुरक्षित करने के लिए देश की प्रतिबद्धता की घोषणा करती है. यह संविधान के उन क्षेत्रों का उल्लेख करती है. जिन पर संविधान लागू होगा. इसमें संविधान निर्माताओं की सोच का उल्लेख होता है. यह संविधान के आधारभूत दर्शन और मूल्यों का उल्लेख करती है. इसमें उन मुख्य उद्देश्यों का वर्णन होता है. जिन्हें संविधान प्राप्त करना चाहता है. यह संविधान को दिशा और उद्देश्य देती है. यह संविधान के उन उद्देश्यों और सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को स्थापित करती है. जिन्हें संवैधानिक प्रक्रियाओं के ज़रिए हासिल किया जाना है.
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ मनीषा शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए भारतीय संविधान की विशेषता बताते हुए कहा कि संविधान संघात्मकता और एकात्मकता का मिश्रण है. हमारा कठोरता और लचीलेपन का मिश्रण है. भारतीय संविधान देश की राजनीतिक व्यवस्था के लिए रूपरेखा तैयार करता है. संविधान सरकार की संस्थाओं की शक्तियों और ज़िम्मेदारियों को परिभाषित करता है. भारतीय मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है. संविधान शासन के सिद्धांतों को रेखांकित करता है. यह देश के प्रशासन का मार्गदर्शन करने वाले नियमों और विनियमों का एक समूह है. भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्ष है और सभी धर्मों को समान महत्व देता है. संविधान एकल नागरिकता पर आधारित है. इसमें विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया है. इसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच विषयों का विभाजन किया गया है. इसमें बजट से जुड़े खर्च की शक्ति चुने हुए जन प्रतिनिधियों के हाथों में दी गई.
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ विनोद कुमार जोशी विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि हमें सभी को अपने अधिकारों के साथ ही साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए. प्रत्येक नागरिक को संविधान का सम्मान करना चाहिए.
इस अवसर पर अजीज प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संविधान पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई थी. जो छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक रहा. साथ ही संविधान सभा में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों की विस्तृत जानकारी दी गई. जिसमें मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल,बैरिस्टर छेदी लाल,किशोर मोहन त्रिपाठी,गुरु अमरदास गोसाईं,घनश्याम सिंह गुप्ता तथा रामदास पोटाई के सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यो को उल्लेखित किया गया. साथ ही संविधान से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित किया गया. जिसमें संविधान सभा में महिला सदस्यों की संख्या, संविधान सभा की प्रथम बैठक, संविधान कितने दिनों में बना, संविधान को लागू करने की ऐतिहासिक कारण तथा संविधान सभा के विभिन्न समितियों से संबंधित प्रश्न पूछे गए.
विजेताओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निशा बारले द्वारा पुरस्कृत किया गया. एम ए प्रथम सेमेस्टर राजनीति विज्ञान की छात्रा अंजलि यादव ने राजकीय गीत प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने किया.
इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि के रूप में पुरुषोत्तम एवं प्रीति तथा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक,सहायक प्राध्यापक,ग्रंथपाल, क्रिडाधिकारी,कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.
कार्यक्रम सफल आयोजन में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों एवं राजनीति विज्ञान परिषद के पदाधिकारियों,छात्राओं एवं प्राध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
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लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ ने संविधान दिवस पर प्रदेश अध्यक्ष ने दिया प्रेरक भाषण

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा : संविधान के 75 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर लेबर पार्टी ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ ने संविधान दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया. इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेश स्वर्ण ने एक प्रेरक और विचारशील भाषण दिया. जिसमें उन्होंने संविधान के महत्व, उसकी भावना और उसके मूल सिद्धांतों को आत्मसात करने की जरुरत पर जोर दिया.
महेश स्वर्ण ने कहा  कि संविधान न केवल हमारे लोकतंत्र की नींव है, बल्कि यह हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक न्याय का मार्गदर्शक भी है। यह हमें एक सशक्त, समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है.
उन्होंने संविधान के चार स्तंभों—संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, और लोकतंत्र—पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये हमारे राष्ट्र के विकास का आधार हैं. उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के संदर्भ में श्रमिकों, किसानों, और आदिवासियों की समस्याओं को उठाया.
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युवोदय नोडल शिक्षकों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का किया गया आयोजन

जांजगीर-चाम्पा : कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार बम्हनीडीह विकासखंड के अंतर्गत चयनित युवोदय नोडल शिक्षकों का बीआरसी सभागृह में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया.
इस कार्यशाला का उद्देश्य नोडल शिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों के किशोर बालक-बालिकाओं में स्वयंसेवक की भावना को जागृत करते हुए, नोडल शिक्षकों की भूमिका सुनिश्चित करना और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है. विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यशाला में सभी शिक्षकों को संविधान दिवस और बाल विवाह मुक्त भारत का शपथ भी दिलाया गया. 
इस कार्यशाला में युवोदय समन्वयक तरुण साहू ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से युवोदय के कार्यक्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल- विवाह बाल संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
इसके साथ ही जिला प्रशासन और यूनिसेफ की संयुक्त पहल पढ़ाई का कोना और आज क्या सिखा के बारे में जानकारी दी गई और सहभागिता के लिए कहा गया. इसके अलावा, दस प्रयत्नम कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई. युवोदय स्वयंसेवक सुनीता देवांगन और कुंजीलाल विश्वकर्मा ने अपना अनुभव भी शिक्षकों को साझा किया.
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महासमुंद में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का किया गया वाचन एवं शपथ ग्रहण

महासमुंद : शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन एवं शपथ ग्रहण का आयोजन प्रार्थना सभा के दौरान समस्त शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ. 
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. तत्पश्चात बच्चों को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान पाठक गणेश राम चंद्राकार ने कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना एक महत्वपूर्ण भाग है जो संविधान के उद्देश्यों और मूल्यों को परिभाषित करती है. यह प्रस्तावना आस्ट्रेलिया के संविधान से प्रभावित होकर ली गई है और इसमें भारतीय संविधान के मुख्य उद्देश्यों को शामिल किया गया है.
उद्बोधन की इसी कड़ी में शिक्षक योगेश मधुकर ने भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संक्षिप्त जीवन परिचय बताते हुए संविधान की प्रस्तावना में निहित नागरिकों के समस्त मौलिक अधिकारों कर्तव्यों एवं समस्त उद्देश्यों के बारे में बच्चों से कहा कि हम भारत के लोग हैं हम भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित कराने वाली, बन्धुता बढ़ाने के लिए, दृढ़ संकल्पित होकर अपनी इस संविधान सभा को 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया गया. आज ही के दिन हम लोग प्रतिवर्ष भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन देश के तीनों संसदों अर्थात कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं व्यवस्थापिका के साथ-साथ प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों एवं कार्यालयों में बड़े ही सम्मान के साथ उद्देशिका का वाचन किया जाता है. इस अवसर पर स्कूल के वरिष्ठ शिक्षक पोखनलाल चंद्राकर, डीगेश कुमार ध्रुव सहित समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
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लिंग आधारित हिंसा समाप्ति के लिए जागरुकता अभियान कार्यक्रम का किया गया आयोजन

जांजगीर-चांपा : कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में 25 नवम्बर (महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन का अंतर्राष्ट्रीय दिवस) से 10 दिसम्बर (मानव अधिकार दिवस) तक 16 दिवसीय सक्रियता अभियान के रूप में लिंग आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारो एवं उनके हितों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अनिता अग्रवाल ने बताया कि उक्त के परिप्रेक्ष्य में 16 दिवसीय सक्रियता अभियान अंतर्गत ग्राम-कनई, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) के शासकीय प्राथमिक शाला कनई के विद्यालय परिसर में ग्रामीण महिलाओं, सक्रिय महिला समूह की महिलाओं एवं स्कूल के सहायक शिक्षिकाओ को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 अंतर्गत जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समिति एवं आंतरिक शिकायत समिति की कार्य प्रणाली एवं उसके कानूनी महत्व, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 अंतर्गत हिंसा की रोकथाम हेतु पीड़िता को दी जाने वाली कानूनी सहायता, उपचार एवं पाक्सो एक्ट अंतर्गत नाबालिक बच्चों से संबंधित अपराधों की रोकथाम एवं बाल विवाह रोकथाम अधिनियम अंतर्गत नाबालिक बच्चों के विवाह कराये जाने पर कानूनी कार्यवाही एवं उसके प्रावधानों, मिशन शक्ति, सखी वन सटॉप सेंटर की कार्य प्रणाली एवं पीड़ित महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं, सहायताओं तथा महिला उत्पीड़न इलेक्ट्रानिक शिकायत पोर्टल तथा आपातकालीन सेवाओं महिला हेल्पलाईन 181, चाइल्ड लाईन 1098 के संबंध में विस्तारपूर्वक कानूनी एवं विभागीय जानकारी प्रदान करते हुये विभागीय योजनाओं का पॉम्पलेट वितरण कर प्रचार-प्रसार करते हुये जागरूकता कार्यक्रम का आयेजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुपमा सिंह कंवर, संरक्षण अधिकारी नवा बिहान,पिंकी ठक्कर पर्यवेक्षक एकीकृत बाल विकास परियोजना जांजगीर, सहायक शिक्षिकाऐं दुर्गेश्वरी राठौर,  किरण सिंह परिहार, शीला शर्मा शासकीय प्राथमिक शाला कनई, ग्रामीण महिलाऐं एवं सक्रिय महिला समूह की महिलाऐं उपस्थित रही.
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शासकीय महाविद्यालय मदन लाल शुक्ल में संविधान दिवस समारोह आयोजित

सीपत : शासकीय महाविद्यालय मदन लाल शुक्ल में संविधान दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य डॉ राजीव शंकर खेर ने सभी स्वयं सेवकों और अधिकारियों, कर्मचारीयों को संविधान के प्रति जागरूक करने उनके प्रस्तावना का वाचन करवाया। है और कहा कि कसंविधान लोकतंत्र का मूल आधार है आज भारत का आधुनिक लोकतंत्र आगेबढ़ाने में सफ़ल हुआ है, अपने उद्बोधन में कहा कि विश्व के श्रेष्ठ और बड़ा संविधानहै । इस अवसर पर नीना बखारिया, श्वेता पंड्या, डा शुभ्रा मिश्रा, डा रघुनंदन पटेल, डा राम प्रसाद चंद्रा, डा जीवन प्रभाकर गोरे, हेमपुष्पा नायक, भूपेंद्र कुमार देवांगन, सतीश राय, शुभांगी शर्मा, सहित स्वयं सेवक उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम अधिकारी शत्रुहन घृतलहरे द्वारा किया गया/
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विद्यालय विद्यासागर उच्चतर माध्यमिक शाला अकलतरा में भारतीय संविधान दिवस मनाया गया

रायगढ़ : शाहिद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संबंध राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई विद्यालय विद्यासागर उच्चतर माध्यमिक शाला अकलतरा में भारतीय संविधान दिवस मनाया गया. 26 नवंबर  के दिन हमारा संविधान बना था इस मौके पर राष्ट्रीय योजना के सभी स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय योजना के कार्यक्रम अधिकारी की द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया.
 इस कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी वीपी साहू के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवकों को भारतीय संविधान दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया तथा संविधान कितने दिनों में बने उनके बारे में पूर्ण जानकारी स्वयंसेवकों को दिए गए कार्यक्रम की शुरुआत में स्वयंसेवकों द्वारा लक्ष्य की सद्भावना गीत प्रस्तुत किया गया तथा शपथ का आयोजन किया गया तथा भारतीय संविधान की प्रस्तावना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया इस मौके पर विद्यालय की प्रभारी शिक्षा प्रमोद कुमार चौधरी राजू देवांगन अंजलि महंत अतुल शर्मा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री वीपी साहू के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया भारतीय संविधान दिवस की महत्व के बारे में बताया गया संविधान एक ऐसे निश्चित नियमों का संग्रह है जिसमें सरकार कार्यपालिका के कार्यों का उल्लेख किया गया है और उनके उद्देश्य व प्रस्तावना का भी भली भांति परिचय कराया गया इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना कि स्वयंसेवकों में अरनव रातरे अनिल यादव चिराग गिरीश प्रतीक संदीप दीपक बंजारे आलिया अली अरशद इशिता रूपाली देवांगन रिया देवांगन ललिता साहू आरती भारद्वाज प्रियांशी निर्मलकर रेशमा घरिति देवांगन इसीका का साहू गरीमा मरावी मुस्कान के वार्ता प्राची आदि स्वयंसेवक उपस्थित थे।
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सावित्रीबाई फुले एजुकेशनल एकेडमी, डगनिया, सरोना, सद्दू और गुढ़ियारी ने 75वां संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया

रायपुर : सावित्रीबाई फुले एजुकेशनल एकेडमी, डगनिया, सरोना, सद्दू और गुढ़ियारी ने 75वां संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पठन के साथ हुआ एसबीपी स्कूल ने संविधान दिवस के अवसर पर एक अनेकता में एकता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें भारत की एकता और विविधता की अद्भुत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में भारतीय संविधान की यात्रा पर आधारित एक नाटक, (Making of Indian constitution ) प्रस्तुत किया गया । सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले नृत्य प्रदर्शन, और विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पोशाकों में विद्यार्थियों की शानदार फैंसी ड्रेस प्रस्तुति शामिल रही । प्रधानाचार्य ने संविधान में निहित न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया और छात्रों को इन आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।, जिसमें विद्यालय ने जिम्मेदार नागरिकों को तैयार करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।
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